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डीयू में ECA कोटे के सभी दाखिलों की जांच शुरू

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डीयू में इस साल हुए स्नातक दाखिले की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा हो गया है। मामला इतना गंभीर है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार ईसीए से हुए स्नातक दाखिले की जांच कराई जा रही है। सबसे अधिक शिकायत एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज (ईसीए) से ही जुड़ी हैं। दाखिला समिति से जुड़े एक पूर्व अधिकारी से जांच कराई जा रही है। इस संबंध में शिक्षकों ने शिकायत दी थी। वहीं, दूसरी ओर डीयू के कॉलेजों में हुए स्नातक दाखिले और विभागों में हुए परास्नातक दाखिले के बारे में भी कुछ शिकायतें समिति के पास पहुंची हैं। इसे लेकर भी विश्वविद्यालय सतर्क है। समिति के सदस्यों द्वारा अग्रसारित किए गए दाखिलों के बारे में भी जांच कराने पर विचार चल रहा है। दाखिला समिति के वरिष्ठ अधिकारी ने सभी कॉलेजों और विभागों के दाखिलों का ऑडिट कराने और आवश्यकता पड़ने पर जांच कराने की बात कही है। दाखिला समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ईसीए दाखिला को लेकर हमारे पास शिकायतें आई थी, जिसमें गंभीर आरोपल लगाए गए, जिसके बाद जांच का निर्णय लिया गया। 

कुलपति से शिकायत
दाखिला पर सवाल उठाने वाले विद्वत परिषद के पूर्व सदस्य पंकज गर्ग का कहना है कि हमने कुलपति को पत्र भी लिखा है। यह कॉलेज में पिछले दरवाजे से दाखिला करने का आसान जरिया है। वहीं डीयू में विद्वत परिषद के सदस्य डॉ. रसाल सिंह ने भी ईसीए दाखिलों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह कम अंक पाने वालों का डीयू में दाखिला कराने का तरीका है। उन्होंने कहा कि ऐसे आवेदक जिन्होंने पिछले तीन साल में प्रतियोगिता में भागीदारी तक नहीं की, उन्होंने ट्रायल्स में अचानक ऐसा अभूतपूर्व प्रदर्शन कैसे किया?

लगभग 400 सीटों पर अब तक प्रवेश 
दिल्ली विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है जितनी सीटें ईसीए में होती हैं आमतौर पर उतना दाखिला नहीं हो पाता है। लगभग 400 सीटों पर दाखिला हुआ है।

इनसे समझें ईसीए का महत्व
निर्धारित संख्या से अलग सीटों का आवंटन
छात्र पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। वह उनमें बेहतर करते हैं। इसे समझते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय पढ़ाई से अलग गतिविधियों जैसे संगीत, योग आदि को ध्यान में रखकर भी दाखिला देता है। इसके दाखिले निर्धारित सीटों की संख्या से ऊपर होते हैं।  

एक से चार फीसदी तक आरक्षित रहती हैं सीटें
दिल्ली विश्वविद्यालय में सामान्य दाखिले से अतिरिक्त कुल सीटों के 5 फीसदी तक कोटा निर्धारत होता है। इस पांच फीसदी में ईसीए और स्पोर्ट्स शामिल होता है। कॉलेज एक से 4 फीसदी तक ईसीए में दाखिला दे सकता है या एक से 4 फीसदी तक स्पोर्ट्स में दाखिला दे सकता है।

95 की जगह 80 अंक पर ही मिल जाता है प्रवेश
ईसीए के पहले और दूसरे राउंड के बाद निकाली जाने वाली मेरिट में विषयों की मेरिट से 15 फीसदी का वेटेज दिया जाता है। इससे इस कोटे से दाखिला लेने वाले छात्रों को फायदा होता है। जैसे यदि इकोनोमिक्स ऑनर्स में गार्गी कॉलेज में 95 फीसदी कटऑफ है तो ईसीए क्वालिफाई छात्रा उसमें 80 फीसदी पर ही दाखिला ले सकती है।  

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  • Web Title:delhi university admission: probe begin in du eca quota admission