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दिल्ली हाई कोर्ट ने CBSE को लगाई फटकार, कहा- एडमिट कार्ड जारी करने के बाद परीक्षा देने से नहीं रोक सकते

दिल्ली हाई कोर्ट ने CBSE को फटकार लगाते हुए कहा कि एक बार एडमिट कार्ड जारी होने के बाद छात्रा को परीक्षा देने से नहीं रोका जात सकता है। आपको बता दें, कक्षा 10वीं की एक छात्रा ने डोमिसाइल सर्टिफिकेट

दिल्ली हाई कोर्ट ने CBSE को लगाई फटकार, कहा- एडमिट कार्ड जारी करने के बाद परीक्षा देने से नहीं रोक सकते
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 27 Feb 2024 04:15 PM
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दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को 10वीं कक्षा की एक छात्रा की परेशानी को हल करते हुए उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी। बता दें, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10वीं की परीक्षाएं शुरू हो चुकी है, ऐसे में एक छात्र को सीबीएसई बोर्ड ने देर से डोमिसाइल सर्टिफिकेट जमा करने के कारण परीक्षा देने से रोक दिया था।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि छात्रा के लिए परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी हो चुका था और छात्रा के पास था, ऐसे में एडमिट कार्ड जारी होने के बावजूद भी सीबीएसई ने छात्रा को  परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से और परीक्षा देने से रोक दिया था। ऐसा करना अकल्पनीय है। कोर्ट ने आगे कहा, सीबीएसई को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है"

न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने छात्रा को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित दसवीं कक्षा की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है। बता दें, छात्रा ने अपनी मां के माध्यम से याचिका दायर की थी। जिसके बाद उन्हें परीक्षा देने की अनुमति मिल गई है।

इसी के साथ सीबीएसई को फटकार लगाते हुए हाई कोर्ट ने कहा, "यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। सीबीएसई से ये अपेक्षा की जाती है कि वह छात्रों के परीक्षा में बैठने के अधिकार को लेकर भविष्य में सतर्क रहेगी"

न्यायमूर्ति हरि शंकर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "कक्षा 10वीं की छात्रा  का एडमिट कार्ड पहले ही जारी हो चुका था और जब छात्रा परीक्षा देने आई तो उसे परीक्षा हॉल के बाहर खड़ा कर दिया गया। ये एक अमानवीय व्यवहार है"

छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि छात्रा को उस दिन का पेपर पूरा करने के लिए समय दिया जाएगा, जिस दिन वह बिना पेपर दिए  परीक्षा हॉल के बाहर खड़ी थी। बता दें, अन्य सभी छात्रों की तरह पेपर पूरा करने के लिए समान समय दिया जाएगा। इसी के साथ, हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई अन्य छात्र, जिसे समय पर डोमिसाइल सर्टिफिकेट अपलोड न करने के कारण परीक्षा हॉल के बाहर रोका गया है, तो उन्हें भी ऊपर बताए अनुसार पूरे समय के साथ परीक्षा देने का हक होगा।

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