Reliance और Jio में नौकरी का झांसा देने वाले विज्ञापनों पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक, quikr और OLX पर जालसाज नहीं कर फेक पोस्ट

Alakha Ram Singh एजेंसी, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

रिलायंस और जियो में नौकरी का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले जालसाजों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अपनाते हुए, क्विकर और ओएलएक्स पर इस तरह के धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों पर रोक लगा दी है। क्विकर...

Reliance और Jio में नौकरी का झांसा देने वाले विज्ञापनों पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक, quikr और OLX पर जालसाज नहीं कर फेक पोस्ट

रिलायंस और जियो में नौकरी का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले जालसाजों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अपनाते हुए, क्विकर और ओएलएक्स पर इस तरह के धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों पर रोक लगा दी है। क्विकर और ओएलएक्स ऐसे किसी भी विज्ञापन को अपने यहां नही दिखा पाएंगे जिन में रिलायंस या जियो का नाम शामिल हो। 

 

समाचार एजेंसी युनिवार्ता के अनुुसार, जालसाजों से मासूम लोगों को बचाने के लिए रिलायंस इस मामले को लेकर कोर्ट पहुंचा था। रिलायंस का कहना था कि उसके नाम और ट्रेड-मार्क का गलत इस्तेमाल कर, लोगों को धोखा दिया जा रहा है। रिलायंस और जियो में नौकरी के नाम पर मासूम लोगों से पैसा ऐंठा जा रहा है। क्विकर और ओएलएक्स पर इस बाबत झूठे विज्ञापन दिए जा रहे हैं। जिसमें जियो एवं रिलायंस के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही है। रिलायंस ने सबूत के तौर पर ऐसे चार विज्ञापनों के लिंक भी कोर्ट में प्रस्तुत किए।

 

अपने आदेश में न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने कहा कि प्रथमदृष्टया मामला बनता है और अगर विज्ञापनों पर रोक ना लगाई गई तो इससे रिलायंस को अपूरणीय क्षति हो सकती है।

कोर्ट में रिलायंस की तरफ से तर्क देते हुए वकीलों ने कहा कि नौकरी तलाशने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर यह मामला सामने आया। जिसमें पता चला कि कुछ जालसाज रिलायंस और जियो के नाम पर ओएलएक्स और क्विकर पर विज्ञापन पोस्ट कर रहे हैं। नौकरी के लिए भटक रहें यह लोगों इन जालसाजों का आसान शिकार बन रहे हैं।

 

ओएलएक्स इंडिया ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने जियो एवं रिलायंस नाम के अतिरिक्त फिल्टर जोड़ दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के झूठे और मनगढ़ंत विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को धोखा ना दिया जा सके। प्रतिवादियों की तरफ से  कहा गया कि रिलायंस की तरफ से दिए गए 4 लिंक्स में से 3 को हटा दिया गया है। 1 लिंक को हटाया जा रहा है। 

कोर्ट ने प्रतिवादियों से पूछा है कि विज्ञापनों को प्रकाशित करने का उनका क्या तरीका है। और झूठे विज्ञापन प्रकाशित ना हों इसके लिए कंपनी क्या कदम उठाती है। कोर्ट ने इसके लिए एक लिखित एफिडेविट देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।

Alakha Ram Singh

लेखक के बारे में

Alakha Ram Singh
करीब एक दशक से पत्रकारिता कर रहे अलख सिंह 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। अलख बांदा (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमए इन मास कॉम्युनिकेशन किया है। अलख वर्ष 2014 से डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले करीब एक वर्ष तक प्रिंट मीडिया में रिपोर्टिंग/फ्रीलांसिंग भी कर चुके हैं। अलख 2016 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़ने से पहले अमर उजाला और एनबीटी गुड़गांव में भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें
करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।