DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   करियर  ›  बिहार में जेई अभ्यर्थियों की डिग्री संदेहास्पद, 343 पदों पर संविदा बहाली के लिए आए हैं 18 हजार आवेदन

करियरबिहार में जेई अभ्यर्थियों की डिग्री संदेहास्पद, 343 पदों पर संविदा बहाली के लिए आए हैं 18 हजार आवेदन

संजय कुमार ,पटना Published By: Anuradha
Thu, 13 Feb 2020 02:47 PM
बिहार में जेई अभ्यर्थियों की डिग्री संदेहास्पद, 343 पदों पर संविदा बहाली के लिए आए हैं 18 हजार आवेदन

बिहार के नगर विकास व आवास विभाग के 18 हजार जूनियर इंजीनियर (जेई) की डिग्रियां संदेह के घेरे में हैं। विभाग ने इन अभ्यर्थियों की काउंसलिंग रोक दी है। अब इन अभ्यर्थियों के अंक-पत्र एवं प्रमाण-पत्र की जांच हो रही है। इन अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 10 व 11 फरवरी को होने वाली थी, जिसे स्थगित कर दिया गया। नगर विकास विभाग ने जनवरी में 343 जेई की बहाली के लिए रिक्तियां निकालीं, जिसमें 18 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 

सैकड़ों अभ्यर्थियों ने मेघालय के एक संस्थान के अंक-पत्र व प्रमाण-पत्र के आधार पर जेई पद के लिए आवेदन दिया है जबकि यह संस्थान अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त नहीं है। इन अभ्यर्थियों के अंक-पत्र में 89 से 95 प्रतिशत तक अंक मिले हैं जो संदेह के घेरे में हैं। कुछ माह पूर्व इसी संस्थान के छात्रों ने पंचायती राज विभाग में जेई पद की बहाली के लिए आवेदन किया था, जो जांच के बाद फर्जी निकली थी। 
कई अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश के एक डीम्ड विश्वविद्यालय का अंक-पत्र व प्रमाण-पत्र जमा किया है। विभाग को जानकारी मिली है कि इन अभ्यर्थियों का कोई अंक-पत्र व प्रमाण-पत्र इस विश्वविद्याल्य द्वारा जारी नहीं किया गया है। कई अभ्यर्थियों ने बेंगलुरु के एक विश्वविद्यालय का अंक-पत्र व प्रमाण-पत्र जमा किया है। इन अंक-पत्रों पर 95 प्रतिशत से अधिक अंक अंकित हैं जो संदेह के घेरे में हैं। इसी तरह राजस्थान के एक डीम्ड विश्वविद्यालय से भी कुछ अभ्यर्थियों ने अंक-पत्र व प्रमाण-पत्र जमा किए हैं। लेकिन इस विश्वविद्यालय ने इन अभ्यर्थियों को कोई अंक-पत्र व प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया है।

संबंधित खबरें