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Hindi News करियरCUET : पहले दिन कलावा उतरवाया, केमिस्ट्री ने उलझाया, लाखों आए ही नहीं, जानें कैसा रहा सीयूईटी पेपर

CUET : पहले दिन कलावा उतरवाया, केमिस्ट्री ने उलझाया, लाखों आए ही नहीं, जानें कैसा रहा सीयूईटी पेपर

देशभर के 46 केंद्रीय व 37 राज्य विश्वविद्यालयों समेत उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा बुधवार को आयोजित हुई। जानें पहले दिन क्या बोले परीक्षार्थी।

CUET : पहले दिन कलावा उतरवाया, केमिस्ट्री ने उलझाया, लाखों आए ही नहीं, जानें कैसा रहा सीयूईटी पेपर
Pankaj Vijayहिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 16 May 2024 07:58 AM
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देशभर के 46 केंद्रीय व 37 राज्य विश्वविद्यालयों समेत उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी यूजी) बुधवार को आयोजित हुई। पहले दिन रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, अंग्रेजी और सामान्य टेस्ट की परीक्षा हुई। पहले दिन 44.7 फीसदी परीक्षा पूरी हो गई। देश के 2157 केंद्रों पर 25.91 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। पहले दिन 75 फीसदी उपस्थिति रही। परीक्षार्थियों के अनुसार रसायन विज्ञान के प्रश्न थोड़ा उलझाऊ थे तो सामान्य टेस्ट में मध्यम से कठिन स्तर के प्रश्न पूछे गए थे। परीक्षा के लिए राजरूपपुर के सैनिक इंटर कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय मनौरी, एमवी कॉन्वेंट सुलेम सराय, युनाइटेड, बीपी सिंह बालिका हाईस्कूल आदि में केंद्र बनाए गए थे।

केंद्र पर परीक्षार्थियों का कलावा उतरवाया
लखनऊ, हनुमानगंज। सीयूईटी के लिए बुधवार को झूंसी, छतनाग के इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ एंड सोशल साइंस कॉलेज के गेट पर परीक्षार्थियों की गहन चेकिंग की गई। दर्जनों छात्रों के हाथ से कलावा तक उतरवा दिया गया। साथ ही पेन, पेन बॉक्स, बोतल आदि जो पारदर्शी नहीं थे, उन्हें गेट के बाहर रखा दिया गया। एनटीए की ओर से परीक्षा में चेन, अंगूठी, मंगलसूत्र, जूते आदि पहन कर आने की मनाही थी। दूसरी पाली में करीब दो सौ अभ्यर्थी अंग्रेजी तथा सामान्य अध्ययन की परीक्षा देने आए थे।

परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए भटकते रहे छात्र
झूंसी में जिस जगह सीयूईटी का सेंटर बनाया गया था, वहां पहुंचने के लिए दर्जनों छात्रों को घंटों भटकना पड़ा। यह सेंटर जीटी रोड से करीब छह किलोमीटर दूर निर्जन जैसे इलाके में था। एक छात्र गूगल पर परीक्षा केंद्र ढूंढते हुए काफी परेशान था। बेटी को परीक्षा केंद्र पर छोड़कर पानी की तलाश में निकले विपुलेश त्रिपाठी की नजर केंद्र ढूंढ़ रहे छात्र पर पड़ी तो उन्होंने उसे सेंटर तक पहुंचाया। सेंटर के पास दुकानें न होने से धूप में पानी के लिए अभिभावकों को परेशान होना पड़ा।

पटना 
नौबतपुर के प्राकृतिक स्कूल के रूम नंबर एफ टू-9 में कई छात्रों को गलत ओएमआर शीट दिया गया। परीक्षार्थियों का आरोप है कि पहली बार गलती होने के 45 मिनट के बाद दोबारा ओएमआर दिया गया, वो भी गलत था। जबतक उसे वापस लिया जाता कई छात्रों ने ओएमआर शीट भर भी दिया था। इसके बाद तीसरी बार में सही ओएमआर शीट दिया गया, लेकिन तय समय से 15 मिनट कम समय दिया गया। इससे परीक्षार्थी आक्रोशित हो गए। कई केन्द्रों पर बायोमेट्रिक्स अटेंडेंस भी नहीं हुआ। प्राकृतिक स्कूल सेंटर पर भी कई पाली में बायोमेट्रिक्स अटेंडेंस नहीं हुआ।

पहले दिन दो बड़े समेत चार विषयों की परीक्षा हुई। इसमें रसायन शास्त्रत्त्, जीव विज्ञान, अंग्रेजी और जेनरल टेस्ट की परीक्षा शामिल थी। कॉलेज ऑफ कॉमर्स से परीक्षा देकर लौटे छात्र अमित कुमार, राकेश कुमार, विकास कुमार ने बताया कि प्रश्नों का स्तर ठीक था। सिलेबस के अनुसार ही प्रश्न पूछे गए थे। हाई कटऑफ पर नामांकन की संभावना है। पटना जिले के करीब सौ केन्द्रों पर 37 हजार के लगभग छात्रों ने परीक्षा दी।

पहले दिन ही 50 विषयों की परीक्षा पूरी हो गई। बचे हुए छह दिनों में बाकी के 50 विषयों की परीक्षा होगी। इसके बाद तीन दिन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होंगे। ऑफलाइन व ऑनलाइन मिला कर 7 दिन और 16 शिफ्ट में सभी 63 विषयों की परीक्षा पूरी हो जाएगी।

रांची में छात्रों ने सभी पेपर को औसत स्तर का बताया। छात्रों मे बताया कि 10वीं व 11वीं के सिलेबस से ज्यादातर सवाल थे। जेनरल टेस्ट का पेपर आसान लगा। इसमें सामान्य स्तर के पूछे गए। जनरल नॉलेज, गणित व रीजनिंग से सवाल थे। केमेस्ट्री का पेपर औसत स्तर का था। 

एक्सपर्ट क्या बोले
प्रेप गुरु की सह संस्थापक रोमा बच्चानी ने बताया कि प्रश्न पत्र आसान होने से राहत मिली। अंग्रेजी विषय का प्रश्न पत्र आसान था। हालांकि कुछ प्रश्न लम्बे होने से छात्रों को समझने में समय जरूर लगा। वहीं ग्रामर सेक्शन के सभी सवाल का स्तर सरल था। जनरल टेस्ट का पेपर थोड़ा कठिन था। जिन बच्चों ने सामान्य ज्ञान और रीजनिंग का अभ्यास नहीं किया उनके लिए पेपर कठिन रहा। बायोलॉजी एवं केमिस्ट्री का पेपर भी ठीक था। अधिकांश प्रश्न एनसीईआरटी की किताबों से ही पूछे गए थे। इसके साथ ही देर रात तक एडमिट कार्ड डाउनलोड न होने के कारण कई युवाअेां को मानसिक तनाव भी रहा।

 लखनऊ में क्या बोले स्टूडेंट्स
प्रश्न पत्र हल करने में समस्या नहीं हुई। जो तैयारी की थी वो काम आयी। पेपर सरल थे इसलिए हल करने में समय नहीं लगा। - लोयोना चक्रवर्ती

एक प्रश्न पत्र होने से थोड़ी समस्या हुई। लेकिन परीक्षा पैटर्न की जानकारी होने और अच्छी तैयारी की वजह से सभी समय के अन्दर कर लिए। - हिफ्जा आसिफ

अंग्रेजी का पेपर बहुत अच्छा था। समय रहते ही प्रश्न पत्र हल कर लिया था। जनरल टेस्ट में किसी प्रकार की समस्य नहीं हुई। - रिद्धिमा अग्रवाल

प्रश्न पत्र आसान होने से लग रहा है कि मेरिट अधिक जाएगी। वहीं जनरल टेस्ट में हाल के दिनों से जुड़े सवाल भी शामिल रहे। - अनन्या शुक्ला

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