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हिंदी न्यूज़ करियरCUET 2022: क्या हैं पर्सेंटाइल और नॉर्मलाइज्ड स्कोर, यूनिवर्सिटीज मेरिट लिस्ट सिर्फ नॉर्मलाइज्ड स्कोर से बनाएंगी

CUET 2022: क्या हैं पर्सेंटाइल और नॉर्मलाइज्ड स्कोर, यूनिवर्सिटीज मेरिट लिस्ट सिर्फ नॉर्मलाइज्ड स्कोर से बनाएंगी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सीयूईटी का रिजल्ट कल जारी कर दिया है। अब यूनिवर्सिटीज अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज के लिए मेरिट लिस्ट जारी करेंगी। आपको बता दें कि यूनिवर्सिटीज नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर मेरिट लिस

CUET 2022: क्या हैं पर्सेंटाइल और नॉर्मलाइज्ड स्कोर, यूनिवर्सिटीज मेरिट लिस्ट सिर्फ नॉर्मलाइज्ड स्कोर से बनाएंगी
Anuradha Pandeyफारिहा अख्तर,नई दिल्लीTue, 20 Sep 2022 07:39 AM

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सीयूईटी का रिजल्ट कल जारी कर दिया है। अब यूनिवर्सिटीज अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज के लिए मेरिट लिस्ट जारी करेंगी। आपको बता दें कि यूनिवर्सिटीज नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी करेंगी। एनटीए द्वारा सीयूईटी के स्कोरकार्ड में दिए गए पर्सेंटाइल के आधार पर मेरिट लिस्ट नहीं बनाई जाएगी। यह बात शुक्रवार को यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कही। 

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क्या है पर्सेंटाइल और नॉर्मलाइज्ड स्कोर (what is percentile and normalization score)
एनटीए सीयूईटी के स्कोरकार्ड में दोनों पर्सेंटाइल और  नॉर्मलाइज्ड स्कोर हैं। ऐसे में उनके लिए कंफ्यूजन है, कि दोनों में से किनसे उनका भविष्य तय होगा। इसको लेकर यूजीसी अध्यक्ष ने दोनों में फर्क बताते हुए कहा है कि नॉर्मलाइज्ड स्कोर, वह स्कोर है, जो स्टूडेंट को उसकी पर्फोर्मेंस के आधार पर दिया जाता है, जबकि पर्सेंटाइल स्टूडेंट्स को ग्रुप के स्टूडेंट्स में से एक स्टूडेंट को पॉजिशन देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के लिए अगर एक उम्मीदवार के 85 पर्सेंटाइल हैं, इसका मतलब है कि वहां 85 स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जिनके मार्क्स उस स्टूडेंट से कम हैं। अगर स्टूडेंट के 100 में से 52 अंक हैं और उसके 85 पर्सेंटाइल हैं तो इसका मतलब है कि 52 अंक से नीचे अंक लाने वाले कुल 85 स्टूडेंट्स वहां हैं।  

कुमार ने यह भी कहा कि एनटीए ने एक ही विषय का एग्जाम अलग-अलग शिफ्ट में लिया था, हर शिफ्ट के लिए पर्सेंटाइल की गणना की गई है। उदाहरण के लिए अगर आप कहें कि पहली शिफ्ट में किसी के 82 पर्सेंटाइल हैं और उसके मार्क्स 68, दूसरे सेशन के दूसरे स्टूडेंट् के 82 पर्सेंटाइल हैं, लेकिन उसके मार्क्स 57 हैं। इसका मलतब यह है कि दूसरे सेशन का डिफिकल्टी लेवल ज्यादा था।  अब इन दोनों स्टूडेंट्स की आप कैसे तुलना करेंगे, एक स्टूडेंट के 68 मार्क्स हैं और दूसरे के 52 तो यहां हम इक्यूपर्सेंटाइल तरीके का इस्तेमाल करेंगे।   उन्होंने यह भी कहा कि यही कारण है कि स्कोर कार्ड्स में स्टूडेंट्स के अलग-अलग नॉर्मलाइज्ड स्कोर और पर्सेंटाइल हैं। इसलिए स्टूडेंट्स को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सभी यूनिवर्सिटी उनके नॉर्मलाइज्ड स्कोर को आधार मानकर ही मेरिट लिस्ट बनाएंगी।  

उ्न्होंने यह भी कहा कि सीयूईटी नॉर्मलाइज्ड फॉर्मूला भारतीय सांख्यिकी संस्थान, आईआईटी दिल्ली और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों की समिति ने निर्धारित किया है। सीयूईटी-यूजी के विपरीत, दूसरे एंट्रेंस टेस्ट कम विषयों में होती हैं। प्रत्येक विषय के लिए सीयूईटी स्कोर का नॉर्मलाइज्ड  अलग-अलग किया गया है, जिसके लिए परीक्षा कई पालियों में आयोजित की गई थी।