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10 जुलाई, 2020|7:32|IST

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कोरोना मिथ और सच्चाई: क्या सभी महामारियां दोबारा फैलती हैं?

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इन दिनों कोरोना वायरस को लेकर कई तरह के मिथक प्रचलित हो रहे हैं। इन्हें लेकर आम लोगों में काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। क्या है, इन मिथकों की सच्चाई, इस बारे में आपको बता रहा है ‘हिन्दुस्तान'कोरोना 

1. सभी महामारियां दोबारा फैलती ही है।
हकीकत: इस बारे में पक्का कुछ नहीं कहा जा सकता। करीब सौ साल पहले आए स्पेनिश फ्लू और उसके बाद अब स्वाइन फ्लू दोनों ने वापसी की थी, पर सार्स और मर्स के मामले में ऐसा नहीं हुआ। कोविड-19 की वैक्सीन बनाने में अगर कामयाबी मिलती है, तो जरूर इसकी वापसी को रोका जा सकता है।
 
2. कई हफ्ते लग जाते हैं उबरने में
हकीकत:  कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह बात कही गई है कि कोरोना संक्रमित कोई व्यक्ति कुछ हफ्तों या कुछ महीनों तक लक्षणों से ग्रस्त रह सकता है। लेकिन फिलहाल ऐसी कोई विश्वसनीय स्टडी नहीं है, जिसके आधार पर ऐसा दावा किया जा सके।

3. इम्यूनिटी पासपोर्ट देना एक व्यावहारिक कदम है।
हकीकत: आईसीएमआर के चेन्नई स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी के निदेशक मनोह मुरहेकर कहते हैं, ‘इसका प्रमाण नहीं हैं कि संक्रमित को ठीक होने के बाद फिर संक्रमण नहीं हो सकता। इसलिए रक्त में कोविड-19 के एंटीबॉडी होने के आधार पर इम्यूनिटी पासपोर्ट देना व्यावहारिक कदम नहीं है।’
 

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  • Web Title:coronavirus Myth and Truth : Do All Pandemics Re Spread