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5 अगस्त, 2020|8:10|IST

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CISCE: कॉमर्स और मानविकी के छात्र साइंस के मेधावियों को दे रहे चुनौती

icse 10th result 2020

सीआईएससीई की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में पिछले कुछ सालों में बड़ा बदलाव दिखा है। पहले इन परीक्षाओं की टॉप लिस्ट में अमूमन विज्ञान वर्ग के मेधावियों का दबदबा होता था लेकिन अब कॉमर्स और मानविकी के छात्र इस मिथक को तोड़ते नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ परिणामों पर गौर करें तो यह बात और पुख्ता हो जाती है कि मेधावी बच्चे विज्ञान के अलावा वाणिज्य और कला वर्ग में अपनी इच्छा से जाने लगे हैं। इसे चर्चित फिल्म थ्री ईडियट्स से जोड़कर भी समझा जा सकता है कि अभिभावक बच्चों पर अपनी मर्जी थोपने की बजाय उनकी रुचि के विषय में उन्हें आगे बढ़ते देखना चाहने लगे हैं।

उदाहरण के तौर पर शुक्रवार को घोषित परिणाम को ही लें तो स्पष्ट हो जाएगा कि 12वीं कक्षा में सेंट जोसेफ कॉलेज के कॉमर्स वर्ग के छात्र श्रवण जायसवाल को 99 प्रतिशत अंक मिले हैं। श्रवण ने अर्थशास्त्र जैसे विषय में पूरे 100 नंबर पाए हैं जिसकी कल्पना शायद उसके शिक्षकों ने भी नहीं की थी। उसे दो अन्य विषयों एकाउंट्स और मैथ्स में भी शत-प्रतिशत नंबर मिले हैं। इसी कॉलेज के शाश्वत व्यास ने 98.5 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इससे पहले 2019 में सेंट मेरीज कान्वेंट की छात्रा वेदिका ने मानविकी वर्ग से 99 प्रतिशत नंबर के साथ जिले में टॉप किया था। वेदिका को अर्थशास्त्र, इतिहास और मनोविज्ञान में पूरे 100 नंबर मिले थे। 

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इनका कहना है
मुझे पढ़ाते हुए 18 साल साल हो गए और अब ऐसा छात्र (श्रवण जायसवाल) मिला है जिसने अर्थशास्त्र में 100 में से 100 नंबर पाकर हम सबका सिर ऊंचा कर दिया। मुझे यह उपलब्धि असंभव सी लगती थी लेकिन मन में कहीं न कहीं यह विश्वास भी था कि अपने जीवनकाल में कभी तो कोई ऐसा छात्र मिलेगा जो इस असंभव से लक्ष्य को संभव कर सके। श्रवण के साथ ही शाश्वत को भी बधाई जिसने अर्थशास्त्र में 99 अंक हासिल किए। कभी कभी आप अपने सपने दूसरों के माध्यम से पूरा करते हैं शायद आज श्रवण ने मेरे लिए यही किया है और मेरे लिए वह दिन आ ही गया। - विष्णु देव, श्रवण के शिक्षक

हाल के वर्षों में छात्रों के साथ ही अभिभावकों का दृष्टिकोण बदला है। पहले ऐसा होता था कि 10वीं में सबसे अधिक नंबर पाने वाले को साइंस, उससे कम वाले को कॉमर्स और सबसे कम नंबर वाले छात्र-छात्राओं को ह्यूमैनिटीज (मानविकी) वर्ग दिया जाता था। लेकिन अब सर्वश्रेष्ठ बच्चे साइंस के अलावा दूसरे वर्ग में भी जा रहे हैं जो सकारात्मक परिवर्तन है। अन्य वर्गों के छात्रों के लिए सिविल सेवा, क्लैट जैसे कॅरियर के तमाम विकल्प मौजूद हैं। -फादर थॉमस कुमार, प्रिंसिपल सेंट जोसेफ कॉलेज

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  • Web Title:CISCE: Commerce and Humanities students are challenging to the meritorious of science