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CCSU : कुंडली देखना, हवन सिखाएगा विश्वविद्यालय, पंचतंत्र पढ़ेंगे छात्र

चौधरी चरण सिंह विश्चविद्यालय में संस्कृत के छात्रों के लिए कई नए कोर्स शुरू होने जा रहे हैं। बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में इन कोर्सों को मंजूरी मिल गई है। ज्योतिष-कर्मकांड के कोर्स शुरू होने के साथ ही ब

CCSU : कुंडली देखना, हवन सिखाएगा विश्वविद्यालय, पंचतंत्र पढ़ेंगे छात्र
Alakha Singhप्रमुख संवाददाता,मेरठThu, 09 May 2024 10:01 PM
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में छात्र-छात्राओं सहित शहर का कोई भी व्यक्ति ज्योतिष और कर्मकांड की पढ़ाई कर सकेगा। विश्वविद्यालय हवन सहित कर्मकांड के विभिन्न आयामों में प्रशिक्षित करेगा। छात्र केवल नवग्रह पूजन, संध्या हवन और पूजन जैसे विशेषीकृत विषय भी पढ़ सकेंगे। वास्तु और ज्योतिष में भी तीन से छह महीने की पढ़ाई का मौका मिलेगा।

कैंपस के पंजीकृत छात्रों को वास्तुशास्त्र, हितोपदेश, पंचतंत्र, चाणक्य नीति, श्रीमद्भावगत गीता, आयुर्वेद, योग दर्शन, विदुर नीति, मंत्रपाठ, श्लोक निर्माण और गायन का प्रशिक्षण मिलेगा। डीन कला प्रो.संजीव शर्मा, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बिहारी लाल शर्मा, समन्व्यक प्रो.वाचस्पति मिश्रा की मौजूदगी में गुरुवार को हुई बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) की बैठक में उक्त फैसला हुआ। प्रो.वाचस्पति मिश्र के अनुसार सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्स में छात्रों को ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड में पढ़ाई का विकल्प मिलेगा। कैंपस में इसी सत्र से बीए संस्कृत ऑनर्स भी शुरू होगा। प्रो.मिश्र के अनुसार कैंपस में अन्य विषयों के छात्रों को कौशल संवर्धक, क्षमता संवर्धक और मूल्य योजक पाठ्यक्रमों को अपनी रुचि के अनुसार पढ़ने की छूट रहेगी।

ये कोर्स हो रहे हैं आरंभ
प्रो.वाचस्पति मिश्र के अनुसार ज्योतिष एवं कर्मकांड में एक वर्षीय पीजी डिप्लेामा, ज्योतिष, कर्मकांड एवं वास्तुशास्त्र में तीन और छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे। प्रो.मिश्र के अनुसार सर्टिफिकेट कोर्स में छात्रों को विशेषीकृत विषय पढ़ने का मौका मिलेगा। यदि किसी छात्र को केवल ज्योतिष में राशि, नवांश, कुंडली मिलान जैसे खास विषय ही पढ़ने हैं तो वे ऐसा कर सकेंगे। ज्योतिष में छह महीने के कोर्स की फीस पांच हजार, वर्ष की दस हजार और तीन महीने की ढाई हजार रुपये रहेगी। कर्मकांड में सालभर की पांच हजार, छह महीने की ढाई हजार और तीन महीने की डेढ़ हजार रुपये फीस ली जाएगी। एमए कर्मकांड भी पहली बार शुरू होगा। कर्मकांड में पीजी डिप्लोमा करने वाले छात्र सीधे एमए कर्मकांड द्वितीय वर्ष में प्रवेश ले सकेंगे। 

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