ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News करियरCCSU: एक से अधिक बार रेगुलर स्नातक करने पर मुहर, प्राइवेट डिग्री भी वैध करार

CCSU: एक से अधिक बार रेगुलर स्नातक करने पर मुहर, प्राइवेट डिग्री भी वैध करार

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने एक से अधिक बार रेगुलर स्नातक करने को हरी झंडी दिखा दी है। अभी तक एक बार स्नातक रेगुलर डिग्री करने के बाद छात्र दुबारा स्नातक में रेगुलर मोड में प्रवेश नहीं ले सकते थे।

CCSU: एक से अधिक बार रेगुलर स्नातक करने पर मुहर,  प्राइवेट डिग्री भी वैध करार
Pankaj Vijayप्रमुख संवाददाता,मेरठTue, 04 Jun 2024 03:38 PM
ऐप पर पढ़ें

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने मेरठ मंडल के छह जिलों में छात्र-छात्राओं को एक से अधिक बार रेगुलर स्नातक करने को हरी झंडी दिखा दी है। अभी तक एक बार स्नातक रेगुलर डिग्री करने के बाद छात्र दुबारा स्नातक में रेगुलर मोड में प्रवेश नहीं ले सकते थे। यूनिवर्सिटी ने प्राइवेट डिग्री को भी अपने स्तर पर वैध करार दे दिया है। विवि का यह फैसला विभिन्न सरकारी संस्थाओं में प्राइवेट मोड में डिग्री की वैधता पर उठते सवालों के जवाब में पेश किया जा सकेगा। अभी तक विवि छात्रों को लिखित में यह लिखकर नहीं देता था कि उसके यहां से की गई यूजी-पीजी डिग्री की वैधता क्या है।

कर सकते हैं एक के बाद दूसरी रेगुलर डिग्री विवि में अभी तक स्नातक में एक बार रेगुलर डिग्री करने के बाद फिर स्नातक में ही दुबारा रेगुलर में प्रवेश की व्यवस्था नहीं थी। यदि किसी छात्र ने यदि रेगुलर मोड में बीए कर लिया और वह अर्हता रखता है तो चाहकर भी दुबारा बीएससी या बीकॉम में प्रवेश नहीं ले सकता था। छात्रों के पास दुबारा स्नातक करने के लिए केवल प्राइवेट मोड ही विकल्प मिलता था। अब ऐसा नहीं होगा। हाल में ही हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में विवि ने इस बाध्यता को खत्म कर दिया है। रजिस्ट्रार धीरेंद्र वर्मा के अनुसार यदि किसी छात्र ने एक बार स्नातक में रेगुलर मोड में डिग्री कर ली और वह इसे पूरा करने या कुछ साल बाद फिर से अन्य विषय में रेगुलर मोड में प्रवेश चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है। यानी एक बार बीए रेगुलर करने के बाद छात्र अर्हता होने पर रेगुलर में बीकॉम भी कर सकेगा।

विश्वविद्यालय ने माना प्राइवेट डिग्री वैध
सीसीएसयू ने प्राइवेट मोड में चल रहे बीए, बीकॉम, एमए-एमकॉम को वैध माना है। एकेडमिक काउंसिल में विवि ने कहा कि नया कोर्स शुरू करने या उसे डिजाइन करने का अधिकार उसके पास है। यूजीसी ने विवि को ऑटोनॉमी दी है। ऐसे में जो भी प्राइवेट डिग्री कराई जा रही हैं वह विवि के अधिकार क्षेत्र में और नियम संगत है। विवि के अनुसार छात्र इस फैसले को उन विभागों में प्रस्तुत कर सकते हैं जहां प्राइवेट डिग्री की वैधता पर सवाल पूछे जाता है।

Virtual Counsellor