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CCSU: अब एआईसीटीई बिना बीबीए बीसीए नहीं, रोकी गई पंजीकरण प्रक्रिया

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने मेरठ मंडल से संबद्ध छह जिलों में बीबीए-बीसीए के पंजीकरण रोक दिए हैं। दोनों ही कोर्स के ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के दायरे में आने से विवि ने कार्रवाई की है

CCSU: अब एआईसीटीई बिना बीबीए बीसीए नहीं, रोकी गई पंजीकरण प्रक्रिया
Pankaj Vijayप्रमुख संवाददाता,मेरठSat, 18 May 2024 12:23 PM
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने मेरठ मंडल से संबद्ध छह जिलों में बीबीए-बीसीए के पंजीकरण रोक दिए हैं। दोनों ही कोर्स के एआईसीटीई (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन) के दायरे में आने से विवि ने कार्रवाई की है। इन कॉलेजों को बीबीए-बीसीए चलाने को एआईसीटीई के नियमों को पूरा करना होगा। एआईसीटीई के अनुमोदन मिलने के बाद विवि कॉलेजों में पंजीकरण शुरू करेगा। तब तक छात्रों को पंजीकरण के लिए इंतजार करना होगा। एआईसीटीई के दायरे में आने से अनेक कॉलेज बंद भी हो सकते हैं। शिक्षक, बिल्डिंग एवं सुविधाओं सहित कॉलेजों को निर्धारित मानक पूरे करने होंगे। एआईसीटीई में अनुमोदन की फीस अधिक देनी होगी। प्रवेश समन्वयक प्रो. भूपेंद्र सिंह के अनुसार एआईसीटीई से अनुमोदन पत्र लाने वाले कॉलेजों में ही पंजीकरण खुलेंगे।

37 हजार से अधिक है बीबीए-बीसीए सीटें: विश्वविद्यालय से संबद्ध दो सौ से अधिक कॉलेजों में बीबीए-बीसीए की 37 हजार से अधिक सीटें हैं। बीबीए की 19 और बीसीए की 17 हजार सीटें हैं। इन दोनों कोर्स में प्रतिवर्ष 80 फीसदी सीटों पर प्रवेश हो होते हैं।

14 हजार हुए पंजीकरण: विश्वविद्यालय कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में शुक्रवार शाम तक 14 हजार पांच सौ पंजीकरण हो चुके हैं। विवि में अभी स्नातक प्रथम वर्ष में पंजीकरण चल रहे हैं। जल्द ही पीजी स्तर पर भी पंजीकरण शुरू हेाने जा रहे हैं।

डीआरसी चार जून को
विवि कैंपस में एग्रोनॉमी विषय की विभागीय शोध समिति (डीआरसी) चार जून हो प्रस्तावित है। विवि ने निर्धारित तिथि पर दस बजे जेनेटिक्स एंड प्लांड ब्रीडिंग विभाग में पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

बागपत और हापुड़ में इस बार बीएड सेंटर नहीं
मेरठ। मेरठ मंडल के छह जिलों में कम परीक्षार्थियों से इस बार मात्र चार जिलों में ही बीएड प्रवेश परीक्षा होगी। विवि में इस बार केवल 20 हजार छात्र-छात्राएं ही पेपर देंगे। बीते कुछ वर्षों में बीएड की यह सबसे कम छात्र संख्या होगी। बीते वर्षों में प्रदेश के 75 जिलों में होने वाली प्रवेश परीक्षा इस साल केवल 51 जिलों में हो रही है। सीसीएसयू परिक्षेत्र में मेरठ में 12 केंद्रों पर पांच हजार, गाजियाबाद में 20 केंद्रों पर 85 सौ, गौतमबुद्धनगर में 11 केंद्रों पर 48 सौ और बुलंदशहर में चार केंद्रों पर 19 सौ परीक्षार्थियों के पेपर में शामिल होने की उम्मीद है। हापुड़ और बागपत के छात्रों के पास के जिलों में केद्रों पर पेपर देने आना होगा।

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