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सीबीएसई : अधिकतम अंक प्रतिशत घटा, छात्र-अभिभावक परेशान

हिन्दुस्तान टीम,,मेरठPublished By: Yogesh Joshi
Thu, 05 Aug 2021 08:45 PM
सीबीएसई : अधिकतम अंक प्रतिशत घटा, छात्र-अभिभावक परेशान

सीबीएसई 10वीं के रिजल्ट जारी हो चुके हैं। हालांकि, रिजल्ट के नए फॉर्मूले से कई छात्र और अभिभावक संतुष्ट नहीं हैं। इनका मानना है कि तीन साल के पिछले प्रदर्शन और टेबुलेशन नीति से उन्हें अंकों का नुकसान हुआ है। छात्र बताते हैं कि इंटरनल असेसमेंट में ज्यादा अंक मिले थे लेकिन अब अधिकतम अंक प्रक्रिया में नंबर घट गए। परीक्षा देते तो बेहतर परिणाम मिलता।

नाखुशी की बानगी

  • केस नंबर वन

हापुड़ रोड के एक पब्लिक स्कूल में छात्र के 41.8 प्रतिशत अंक आए। इंटरनल असेसमेंट में उसे 20 में से 18, 17 अंक मिले थे। प्री बोर्ड परीक्षा देने के बाद भी उसके अंक कम आए।

केस नंबर दो

  • जागृति विहार के एक 10वीं के छात्र ने बताया कि वह साकेत स्थित एक स्कूल में पढ़ रहा है। प्री बोर्ड भी दिया था। प्री बोर्ड में उसके अंक 76 प्रतिशत आए लेकिन परीक्षा परिणाम में यह 70 प्रतिशत ही रह गया।

स्कूलों की परेशानी

-कैंट क्षेत्र के एक नामचीन स्कूल में 10वीं का रिजल्ट मोड्रेशन का तरीका गलत बताते हुए बोर्ड ने तीन बार वापस कर दिया। बोर्ड ने जब रिजल्ट स्वीकार किया तो परिणाम से कई अभिभावक असंतुष्ट नजर आए।

-जागृति विहार स्थित एक स्कूल में कई अभिभावक कम अंक को लेकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। स्कूल ने समझाकर वापस किया कि बच्चो ने जो परफार्मेंस दी थी, उसके आधार पर ही बोर्ड ने टेब्युलेशन किया है।

- पीवीएस के पास शास्त्रीनगर में स्थित एक स्कूल का परिणाम पूरा जारी ही नहीं हुआ। केवल दस छात्रों का रिजल्ट जारी किया गया। अभिभावक स्कूलों में नाराजगी जताने पहुंच रहे हैं।

बीडीएस स्कूल

- पिछले साल 90 प्रतिशत से ऊपर अंक पाने वाले छात्रों की संख्या 45 थी

इस वर्ष 90 प्रतिशत से ऊपर अंक पाने वाले छात्रों की संख्या 36 रह गई

एलक्जेंडर पब्लिक स्कूल

- पिछले साल 80 और 90 प्रतिशत से ऊपर अंक पाने वाले छात्रों की संख्या 40 थी।

- इस बार परिणाम शत-प्रतिशत रहा, लेकिन 65 से 67 प्रतिशत ही अधिकतम अंक रहे।

वेद इंटरनेशनल स्कूल

- पिछले साल 80 से 96 प्रतिशत के बीच अंक पाने वाले छात्रों की संख्या 30 थी।

- इस वर्ष 80 से 96 प्रतिशत से ऊपर अंक पाने वाले छात्रों की संख्या 25 रह गई।

स्कूलों का कहना :-

- स्कूलों में तीन साल के रिकॉर्ड और सीबीएसई द्वारा दिए गए फार्मूले के अनुसार ही काम किया गया है। कुछ समस्याएं सामने आ रही हैं। हालांकि, रिजल्ट इम्प्रूव हुआ है।

सपना आहूजा, एमपीजीएस शास्त्रीनगर

-स्कूल ने केवल छात्रों की परफार्मेंस को भेजा है। तीन साल का हिस्टोरिक परफार्मेंस दिया है। इसके बाद सीबीएसई का टेब्युलेशन फार्मुला लगाया है। संतुष्ट न होने पर परीक्षा की भी व्यवस्था है।

गोपाल दीक्षित, प्रधानाचार्य बीडीएस स्कूल

-अभिभावक व छात्र स्कूल को ही दोषी ठहरा रहे हैं। जबकि सीबीएसई द्वारा दिए गए नियमों के अनुसार ही स्कूल ने काम किया। यदि किसी ने जरूरत से ज्यादा अंक दिए, तो उसका परिणाम वापस भी आ गया।

एडवोकेट अजीत कुमार, चेयरमैन, वेद इंटरनेशनल स्कूल

दसवीं के एक छात्र ने बताया कि उसे इंटरनल असेसमेंट में 18 व 19 अंक मिले। प्री बोर्ड में 80 प्रतिशत अंक थे लेकिन परीक्षा परिणाम में उसके अंक 76 ही रह गए।

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