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CBSE Result 2018: पहले 40 % अंक आए, दोबारा हुई परीक्षा में 89 फीसदी मिले

90 year old maakka sits on exam

12वीं कक्षा के एक छात्र का हौसला ही था कि उसने अंग्रेजी विषय की परीक्षा में कम अंक आने पर हिम्मत नहीं हारी। इसकी वजह से अब उसे 89 फीसीदी अंक मिले हैं। पहले छात्र ने कम अंक से असंतोष जताते हुए सीबीएसई का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां राहत मिलते न देख उसने अपने परिजनों के माध्यम से सीधा दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। छात्र का आत्मविश्वास काम आया। हाईकोर्ट के आदेश पर छात्र की अंग्रेजी विषय की दोबारा परीक्षा ली गई। पहले जहां छात्र को इस विषय में महज 40 अंक प्राप्त हुए थे, वहीं अब नए सिर से जारी नतीजों मे उसने 89 अंक प्राप्त किए हैं।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की पीठ के आदेश पर सीबीआई ने 27 जुलाई को 12वीं के छात्र ध्रुव कुमार की अंग्रेजी(कोर) विषय की परीक्षा ली थी। जिसके नतीजे हाल ही में जारी किए गए हैं। .

छात्र ने 26 मई 2018 को आए नतीजों में अंग्रेजी विषय में महज 40 अंक प्राप्त किए थे। वहीं, अब उसने इसी विषय में 89 अंक प्राप्त किए हैं। हालांकि इसके लिए छात्र को एक लम्बी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। छात्र की तरफ से उनके अधिवक्ता समीर चन्द्रा, विनीत जिंदल एवं तुषार छाबरा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना है कि पूरा विश्वास था कि छात्र को कोर्ट से न्याय मिलेगा।.

गोपनीयता बनाए रखने से गलती हुई: सीबीएसई 
दिल्ली हाईकोर्ट की सख्ती पर सीबीएसई की तरफ से स्थानीय निदेशक ने जवाब दाखिल करते हुए कहा कि उत्तर-पुस्तिका की जांच के दौरान गोपनीयता बनाए रखने के लिए रोल नम्बर को छिपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं। लाखों छात्र परीक्षा देते हैं हालांकि इसे बड़ी सजगता के साथ पूरा किया जाता है। लेकिन इस मामले में यहां गोपनीयता बनाए रखने के चक्कर में गलती हुई है। इस छात्र की असली उत्तर-पुस्तिका नहीं मिल पा रही है। इस पर कोर्ट ने सीबीएसई को परीक्षा दिलाने के आदेश दिए और छात्र को बेहतर नंबर आए।

उत्तर पुस्तिका से नहीं मिली छात्र की लिखावट
सीबीएसई से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर छात्र ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने उत्तर पुस्तिका तलब की तो मामला खुल गया। दरअसल, जो उत्तर पुस्तिका इस छात्र के रोल नम्बर के हिसाब से सामने आई उसमें छात्र की लिखावट थी ही नहीं। इसकी विशेषज्ञों से जांच भी कराई गई। जिसमें साफ हो गया कि छात्र के रोल नम्बर से जो उत्तर पुस्तिका पेश की गई है वह छात्र की नहीं है।

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