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CBSE exam 2022: नवंबर की परीक्षा में भी छात्रों को करना होगा वार्षिक जैसा प्रदर्शन

वरीय संवाददाता,भागलपुरPublished By: Anuradha Pandey
Wed, 28 Jul 2021 03:10 PM
CBSE exam 2022: नवंबर की परीक्षा में भी छात्रों को करना होगा वार्षिक जैसा प्रदर्शन

CBSE  के 10वीं और 12वीं के छात्रों को नवंबर में होने वाली परीक्षा में भी मार्च जैसी तैयारी करनी होगी। दरअसल, सीबीएसई नवंबर और मार्च में होने वाली परीक्षा में आने वाले अंकों को जोड़कर बोर्ड का वार्षिक रिजल्ट तैयार करेगा। 

 सीबीएसई ने बोर्ड के सिलेबस को दो भागों में बांट दिया है। इसमें किताबों के चैप्टर को क्रमवार नहीं रखकर किसी को टर्म-1 में तो किसी को टर्म-2 में रख दिया है। पहले भाग के अनुसार नवंबर में परीक्षा होनी है और दूसरे भाग के अनुसार मार्च में। नवयुग विद्यालय के प्रिंसिपल सुभोदीप डे का कहना है कि दोनों टर्म की परीक्षा में छात्रों को पूरी तरह गंभीर होना होगा। इसके लिए पूरे साल नियमित पढ़ाई करनी होगी। सीबीएसई के जिला उपसमन्वयक अनंत कुमार सिन्हा ने कहा कि कुछ बच्चे अंतिम के तीन महीने में ही ज्यादा पढ़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। हर महीने की पढ़ाई का महत्व बराबर होगा।

बदलेंगे परीक्षा के पैटर्न
सुभोदीप डे ने बताया कि पहले टर्म में 40 अंक की थ्योरी और 10 अंक की इंटरनल परीक्षा होगी। वहीं मार्च में होने वाली टर्म-2 की परीक्षा में भी इसी तरह की व्यवस्था रहेगी। टर्म-1 में तीन पीरियोडिक टेस्ट, तीन नोटबुक एसेसमेंट और तीन बार सब्जेक्ट इनरीचमेंट एक्टिविटी कराने होंगे। इन सभी परीक्षाओं और प्रोजेक्ट के अंक स्कूलों को उसी समय डिजिटली अपलोड करनी होगी। इसमें प्रश्न के पैटर्न भी बदले होंगे। पहले टर्म-1 में सभी प्रश्न एमसीक्यू (बहुविकल्पीय प्रश्न), केस स्टडी और एसेर्शन रीजनिंग जैसे प्रश्न होंगे। 


परीक्षा के बाद ही अपलोड करने होंगे अंक 
पहले टर्म की परीक्षा डेढ़ घंटे की होगी और प्रश्नपत्र और मार्किंग स्कीम सीबीएसई भेजेगा। इसमें भी केन्द्राधीक्षक बाहर के होंगे। परीक्षा के बाद स्कूल को ओएमआर शीट स्कैन कर भेजनी होगी या मूल्यांकन कर उसके अंक अपलोड करने होंगे। इसकी जानकारी उसी समय सीबीएसई देगी। यानी सभी चीज बोर्ड परीक्षा की तरह ही होगी। दूसरे टर्म में भी करीब इसी तरह से परीक्षा होगी, लेकिन इसकी अवधि दो घंटे की होगी। प्रश्नपत्र में केस स्टडी आधारित, ओपन एंडेड प्रश्न होंगे। इसके अलावा भी कुछ प्रश्नपत्र होंगे। सुभोदीप डे ने कहा कि सीबीएसई बोर्ड ने यह भी कहा है कि यदि कोरोना महामारी का संक्रमण नवंबर में या मार्च में बढ़ेगा तो टर्म-1 और टर्म-2 के अंकों के बंटवारे में बदलाव किया जा सकता है।
 

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