CBSE Exam 2020: 70 percent students do not want stress in mathematics - CBSE Exam 2020: 70 फीसदी छात्र गणित में नहीं चाहते तनाव DA Image
20 नबम्बर, 2019|5:53|IST

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CBSE Exam 2020: 70 फीसदी छात्र गणित में नहीं चाहते तनाव  

cbse board exam 2019

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं के विद्यार्थियों को गणित के दो प्रश्नपत्रों का       विकल्प दिया है। इनमें एक बेसिक गणित (हल्का प्रश्न) और दूसरा स्टैंडर्ड गणित (कठिन प्रश्न) है। इन दोनों में एक गणित को विद्यार्थियों को चुनना था।

अब जब परीक्षा फॉर्म भरा गया है तो बिहार के 70 फीसदी विद्यार्थियों ने बेसिक गणित का चयन किया है। बोर्ड की मानें तो बिहार में एक लाख 10 हजार छात्रों ने परीक्षा फॉर्र्म भरा है। इनमें 90 हजार के लगभग छात्रों ने बेसिक गणित को चुना है। स्टैंडर्ड गणित का चयन मात्र 30 फीसदी विद्यार्थियों ने ही किया है। ज्ञात हो कि गणित को लेकर अक्सर विद्यार्थियों में डर रहता है। उनके अंदर यह डर बैठा रहता है कि गणित में अच्छे अंक नहीं आए तो रिजल्ट खराब हो जाएगा। इसलिए गणित की परीक्षा से पहले विद्यार्थी काफी तनाव में रहते हैं। इसीको देखते हुए सीबीएसई ने 2020 सत्र के 10वीं बोर्ड की परीक्षा में गणित विषय की परीक्षा में बदलाव किया है। इसमें उन छात्रों को गणित विषय का अलग विकल्प दिया जिन्हें गणित विषय कठिन लगता है।

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9वीं और10वीं में गणित के दो प्रश्नपत्रों का दिया गया है विकल्प 
स्टैंडर्ड गणित का चयन मात्र 30 फीसदी विद्यार्थियों ने ही किया 

एक लाख दस हजार छात्रों ने भरा है परीक्षा फॉर्म

तीन सालों से 10वीं के गणित का पेपर सबसे कठित रहता है

गणित के प्रति तनाव को दूर करने के लिए यह विकल्प दिया गया है। लेकिन इसमें छात्रों का डर भी दिख रहा है। बेसिक गणित पढ़ने वाले छात्रों की संख्या अधिक है।-संयम भारद्वाज, परीक्षा नियंत्रक, सीबीएसई 


गणित का प्रश्न रहता कठिन 
पिछले तीन सालों यानी 2017, 2018 और 2019 की बात करें तो सीबीएसई 10वीं के सभी विषयों में गणित का पेपर सबसे कठिन रहता है। अधिकतर छात्रों का रिजल्ट उनके गणित में कम अंक आने के कारण खराब हो जाता है। 2018 में तो गणित का पेपर लीक भी हुआ था। इसके बाद पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों में गणित की दोबारा परीक्षा ली गयी थी।

बोर्ड की मानें तो अगर स्टैंडर्ड गणित लेने के बाद छात्र फेल हो जाते हैं तो वे बेसिक गणित से कंपार्टमेंटल परीक्षा दे सकते हैं। क्योंकि अगर एक बार छात्र गलती करेंगे तो उसमें सुधार का मौका उन्हें कंपार्टमेंटल से ही मिलेगा। लेकिन बोर्ड के इस विकल्प को छात्रों ने स्वीकार नहीं किया। फेल से बचने के लिए अधिकतर छात्रों ने बेसिक गणित का चयन किया है। 

एलओसी में निकल कर आयी बातें 
2020 की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों से एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेंट्स) भरवाया गया था। एलओसी 30 सितंबर तक भराया गया है। अब जब एलओसी में देखा गया तो 70 फीसदी छात्रों ने बेसिक गणित का चयन किया है। ये छात्र बेसिक गणित से ही बोर्ड परीक्षा देना चाहते हैं। सीबीएसई पटना सिटी कोऑर्डिनेटर राजीव रंजन ने बताया कि गणित विषय अधिकतर बच्चों को कठिन लगता है। इस कारण बच्चों ने बेसिक गणित को चुना है। 

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