DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   करियर  ›  CBSE Class 12 Exam 2021 : सीबीएसई 12वीं परीक्षा को लेकर पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ की बैठक, छात्रों को अब फैसले का इंतजार

करियरCBSE Class 12 Exam 2021 : सीबीएसई 12वीं परीक्षा को लेकर पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ की बैठक, छात्रों को अब फैसले का इंतजार

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Pankaj Vijay
Tue, 01 Jun 2021 04:18 PM
CBSE Class 12 Exam 2021 : सीबीएसई 12वीं परीक्षा को लेकर पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ की बैठक, छात्रों को अब फैसले का इंतजार

CBSE Class 12 Exam 2021 : 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर पीएम मोदी ने मंगलवार शाम अहम बैठक की। बैठक में उन्हें तमाम राज्यों और हितधारकों से मिले सुझावों एवं व्यापक विचार विमर्श से निकल रहे विभिन्न विकल्पों के बारे में बताया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई मीटिंग में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, धर्मेन्द्र प्रधान, निर्मला सीतारमण मौजूद थे। इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल हुए। 

इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को कहा कि वह दो दिन में 12वीं की परीक्षाओं पर अंतिम फैसला लेगी। इससे पहले 23 मई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई हाईलेवल मीटिंग के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा था कि 12वीं बोर्ड परीक्षाओं पर एक जून को या इससे पहले अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। 

राज्य भी शिक्षा मंत्रालय को परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अपने सुझाव भेज चुके हैं। यानी अब बस सीबीएसई और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के फैसले का इंतजार है। 

अधिकांश राज्य परीक्षा के आयोजन के पक्ष में 
केंद्र सरकार ने सीबीएसई की 12वीं की बोर्ड परीक्षा, राज्य बोर्ड परीक्षाओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर 23 मई को राज्यों के साथ गहन मंत्रणा की थी।  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्र ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर दो विकल्प राज्यों के समक्ष रखे। सूत्रों का कहना है कि 75 फीसदी राज्य दूसरे विकल्प पर सहमत नजर आए जिसमें बोर्ड परीक्षाएं दो बार करने का जिक्र है। 

दूसरे विकल्प पर 75 फीसदी राज्य सहमत:
सूत्रों ने कहा कि 75 फीसदी राज्य दूसरे विकल्प पर सहमत हैं। केंद्र द्वारा सुझाए जिस दूसरे विकल्प पर राज्य सहमत दिखे उनमें बोर्ड परीक्षाएं स्कूल में ही कराने, सिर्फ 19 प्रमुख विषयों की परीक्षा कराने, प्रश्न पत्र की अवधि डेढ़ घंटे का रखने, सभी प्रश्नों को वस्तुनिष्ठ स्वरुप में देने, दो बार परीक्षाएं कराने ताकि कोई छात्र कोरोना से संबंधित कारणों के चलते एक बार शामिल नहीं हो सके तो दूसरी बार शामिल हो जाए, की बात कही गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि छात्र को एक भाषा और तीन इलेक्टिव पेपर देने होंगे। जबकि पांचवें एवं छठे पेपर में उसे पिछली परीक्षा के आधार पर अंक दिए जाएंगे।

पहले विकल्प में था बोर्ड के नियम पर जोर:
पहले विकल्प में 19 प्रमुख विषयों की परीक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कराने का प्रस्ताव था जिसमें बाकी पूरी परीक्षा बोर्ड के नियमों के तहत कराने की बात कही गई थी। सरकार ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया करने में तीन महीने का समय लग सकता है। केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि जुलाई या अगस्त तक परीक्षा के लिए उपयुक्त स्थितियां होने के आसार हैं। कुछ राज्यों ने विल्कप एक एवं दो में से कुछ बिन्दुओं को मिलाकर भी परीक्षाएं आयोजित करने की बात कही है।

संबंधित खबरें