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16 जुलाई, 2020|5:55|IST

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CBSE 10th 12th Exams 2020 : सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, निर्णय की प्रक्रिया काफी आगे पहुंची, जल्द लेंगे फैसला

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CBSE 10th 12th Exams 2020 : सीबीएसई ने शेष परीक्षाओं के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सरकार इस मसले पर विचार कर रही है और बुधवार शाम तक इस पर निर्णय ले लिया जायेगा। सीबीएसई ने कहा कि निर्णय की प्रक्रिया काफी आगे पहुंच चुकी है। कल शाम तक औपचारिक निर्णय ले लिया जाएगा। हम विद्यार्थियों की चिंता से वाकिफ हैं। हम कोर्ट को निर्णय के बारे में परसों सूचित कर सकते हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी। अब शीर्ष अदालत गुरुवार को 2 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी। 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को पिछले सप्ताह कहा था कि वह 10वीं 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द करने और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट जारी करने के अनुरोध पर विचार करे। कोर्ट ने सीबीएसई को इसके लिए मंगलवार यानी आज (23 जून) तक का समय दिया था। कोविड-19 की महामारी के कारण ये परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं। बोर्ड ने पिछले सप्ताह अदालत को बताया था कि वह जल्द ही फैसला लेगा। 

कुछ अभिभावकों के एक समूह ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बाकी परीक्षाएं 01 से 15 जुलाई तक आयोजित कराने की अधिसूचना को रद्द करने को लेकर याचिका दाखिल की थी। छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल असेसमेंट) या व्यावहारिक परीक्षाओं के लिए दिए गए अंक के आधार पर अंक प्रदान करने के लिए भी निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। महाराष्ट्र, दिल्ली और ओडिशा की सरकारों ने भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय से ऐसा ही अनुरोध किया है। अभिभावकों ने याचिका में कहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ रहे मामलों के बीच परीक्षाओं में बैठने पर छात्रों के संक्रमित होने का खतरा रहेगा। 

बताया जा रहा है कि अगर सीबीएसई 10वीं 12वीं की शेष परीक्षाएं रद्द करता है तो इंटरनल असेसमेंट के आधार पर स्टूडेंट्स को ग्रेड दिए जा सकते हैं। यह ग्रेडिंग सिस्टम पूरे देश में लागू होगा। ग्रेड देते समय उन पेपरों में स्टूडेंट्स का प्रदर्शन देखा जा सकता है जो हो चुके हैं।  

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बताया जा रहा है कि अगल सीबीएसई परीक्षा स्थगित करती है या रद्द करती है तो इसका असर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षी JEE कि तिथियों पर भी पड़ेगा। जेईई के मैन एग्जाम 18 से 23 जुलाई के बीच, जबकि नीट 26 जुलाई को होनी है।

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मनीष सिसोदिया ने की परीक्षा रद्द करने की मांग
दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से 1 जुलाई से शुरू होने जा रही सीबीएसई 10वीं 12वीं की शेष परीक्षाओं को रद्द करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस संक्रमण की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्टूडेंट्स को इंटरनल असेसमेंट (आंतरिक परीक्षा मूल्यांकन) के आधार पर पास कर दिया जाए।

कुछ बातों को लेकर अभी भी कंफ्यूजन 
परीक्षा शुरू होने में करीब एक सप्ताह बाकी है लेकिन कुछ बातों को लेकर अभी भी कंफ्यूजन है। सवाल है कि कन्टेनमेंट जोन में रह रहे उन छात्रों का क्या किया जाए जो परीक्षा में नहीं बैठ सकेंगे। अगर सीबीएसई कन्टेनमेंट जोन से स्टूडेंट्स को परीक्षा केंद्र बुलाने का फैसला करती है तो इसके लिए भी केंद्रीय गृह मंत्रालय से फैसला लेना होगा। कुछ अधिकारियों का यह भी कहना है कि दिल्ली जैसे बहुत से शहरों में कई स्कूलों को क्वारंटाइन सेंटर में बदल दिया गया है। केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय भी इसमें शामिल हैं। 

टेंशन में स्कूल
सीबीएसई 10वीं 12वीं और आईसीएसई की परीक्षाओं से पहले दिल्ली के स्कूल टेंशन में हैं। वजह है राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों का तेजी से बढ़ना।
स्कूलों को चिंता है कि तेजी से फैलती कोविड-19 महामारी के माहौल में 1 जुलाई से बोर्ड परीक्षाएं कैसे आयोजित की जाएंगी। क्या ऐसे समय में हजारों बच्चों की परीक्षाएं कराना सही रहेगा? ग्रेटर कैलाश II स्थित केआर मंगलम स्कूल की प्रिंसिपल संगीता अरोड़ा कहती हैं, 'हम एसी बंद देंगे। इसकी जगह खिड़की खोली जाएंगी और पंखे चलाए जाएंगे। जुलाई की गर्मी में स्टूडेंट्स ने मास्क पहना होगा, ऐसे में उन्हें पेपर लिखने के दौरान गर्मी लग सकती है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि अगर टेंपरेचर चेंकिंग के दौरान किसी स्टूडेंट्स का बॉडी टेंपरेचर सामान्य से अधिक आया तो क्या होगा?'

स्कूल प्रशासन भी इस बात को लेकर चिंता में हैं कि स्टूडेंट्स को स्कूल परिसर में आने के बाद एक दूसरे से दूर कैसे रखा जाएगा। पेपर के बारे में वह काफी एक दूसरे से विचार विमर्श करते हैं। बार बार सीटों को सैनिटाइज करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की भी जरूरत पड़ेगी।

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सरकारी स्कूलों की और भी ज्यादा चिंताएं हैं। बहुत से सरकारी स्कूल राशन वितरण केंद्र में तब्दील कर दिए गए हैं। अब स्कूल हेड की योजना है कि बच्चों और राशन लेने वालों की एंट्री अलग अलग गेट से हो। रोहिणि के सर्वोदय को-एड विद्यालय के प्रिंसिपल अवधेश कुमार झा ने कहा, 'परीक्षाओं का आयोजन कराना काफी मुश्किल होगा। क्वेश्नच पेपर लाना और उसे बांटना भी एक बड़ी चुनौती है। इसे संपर्क की आशंका बनी रहेगी। कोई स्टूडेंट अपनी परीक्षा नहीं छोड़ना चाहेगा, ऐसे में वह अपने लक्षण छुपाएगा। शिक्षक भी ऐसे माहौल में स्कूल आने से परहेज करेंगे।'

बहुत से प्रिंसिपलों ने शिकायत की है कि स्कूल की कई कर्मचारियों ने आने से मना कर दिया है। 

इंडियन स्कूल की प्रिंसिपल तानिया जोशी ने कहा, 'कुर्सियां व टेबल साफ करते समय एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होगी। परीक्षकों के तौर शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के लिए भी ध्यान देना होगा। हम स्टूडेंट्स के लिए सैनिटाइजर, मास्क और ग्लोव्स का इंतजाम  करने की योजना बना रहे हैं लेकिन जुलाई का मौसम काफी ऊमस वाला होता है, ऐसे में ग्लोव्स के साथ पेपर लिखना मुश्किल होगा। हमें ये सब बातें ध्यान में रखनी होगी।'

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  • Web Title:CBSE 10th 12th Exams 2020: CBSE will inform Supreme Court today about decision on pending class 10 12 exams jee main neet updates