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9 अगस्त, 2020|4:06|IST

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सीबीआई को नहीं मिल रही UP पीसीएस प्री 2015 की ओएमआर

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लोक सेवा आयोग की भर्तियों में अनियमितता की शिकायतों की जांच कर रही सीबीआई को पीसीएस 2015 प्री पुनर्परीक्षा की दो लाख से अधिक ओएमआर शीट नहीं मिल रही है। पूर्व परीक्षा नियंत्रक और पूर्व सचिव से पूछताछ के बाद सीबीआई फिलहाल यह मान रही है कि इसे नष्ट कर दिया गया है। हालांकि इसे पाने की कोशिश अभी जारी है। सीबीआई अपनी जांच इसी पर केंद्रित की है।

जाहिर है कि अगर आगे की जांच में ओएमआर के नष्ट किए जाने की बात पूरी तरह से पुष्ट हो जाती है तो पीसीएस 2015 की संपूर्ण परीक्षा संदेह के घेरे में आ जाएगी क्योंकि पहले पेपर में मिले अंकों के आधार पर ही प्री की मेरिट तैयार की जाती है। दूसरा सीसैट का पेपर क्वालिफाइंग होता है, जिसके अंक मेरिट में नहीं जोड़े जाते हैं। इसमें सिर्फ 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है।

29 मार्च 2015 को हुई पीसीएस प्री परीक्षा का पहला पेपर लखनऊ के एक सेंटर से आउट हो गया था। पहले पेपर की परीक्षा निरस्त कर 10 मई 2015 को दुबारा परीक्षा कराई गई थी। जांच के दौरान जब आयोग से पांच वर्ष के दौरान हुई भर्तियों की ओएमआर और कॉपियां मांगी गईं तो उसे पीसीएस 2015 प्री के उस पहले पेपर की ओएमआर दी गई, जो परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को दुबारा हुई परीक्षा की ओएमआर नहीं मिल सकी है।

पूर्व सचिव को ले गई आयोग
सीबीआई ने इस बारे में पूर्व परीक्षा नियंत्रक के साथ ही पूर्व सचिव से गहनता से पूछताछ की है। जिस सेवानिवृत चर्चित पूर्व सचिव पर आयोग ने इस समय शिकंजा कसा है, उससे भी इसी बारे में जानकारी ली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को सीबीआई पूछताछ के लिए इस पूर्व सचिव को लेकर आयोग भी गई थी। जहां उससे लंबी पूछताछ की गई है। पूर्व सचिव अभी सीबीआई की ही निगरानी में है। बता दें कि सीबीआई ने इस पूर्व सचिव पर दबाव डालकर विदेश के बुलवाया है और सच्चाई पता करने के लिए उसका नार्को टेस्ट कराने की भी तैयारी चल रही है।
 

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  • Web Title:CBI is not getting the OMR of UP PCS Pre 2015