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15 सितम्बर, 2020|4:07|IST

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career in venture capital : वेंचर कैपिटल में करियर, नौकरियां और कोर्स

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वेंचर कैपिटल कंपनियों और उद्योगों के बीच समन्वय स्थापित करने वालों को वेंचर कैपिटल पेशेवर कहा जाता है। ऐसे पेशेवरों की बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर पर अच्छी पकड़ और अनुभव होना चाहिए। वेंचर कैपिटल के पेशे में अलग-अलग क्षेत्रों के पेशेवर शामिल होते हैं। वे छोटे कारोबारियों और कंपनियों को उनके प्रोजेक्ट की जांच करने के बाद फंड उपलब्ध करवाते हैं, जिसे वेंचर कैपिटल फंड कहा जाता है। वेंचर कैपिटल पेशेवर का मकसद अपने निवेश से अच्छा रिटर्न हासिल करना होता है, लेकिन उनके सिद्धांत पारंपरिक कर्ज-प्रदाताओं से अलग होते हैं। उन्हें अच्छी तरह मालूम होता है कि किसी प्रोजेक्ट पर होने वाले नुकसान की भरपाई भारी रिटर्न की वजह से दूसरे स्रोतों से की जा सकेगी। 

पंकज दीक्षित, करियर काउंसलर कहते हैं- वेंचर कैपिटल काफी अनूठा क्षेत्र है। दुनियाभर में अभी बहुत कम ही वेंचर कैपिटल कंपनियां हैं। इसे एक उभरता हुआ क्षेत्र माना जा सकता है। ज्यादातर वेंचर कैपिटल कंपनियां फ्रेशर को नौकरी नहीं देतीं। वे बैंकिंग, फाइनेंस या तकनीकी क्षेत्रों में लंबा अनुभव रखने वालों को तरजीह देती हैं। अगर आप वेंचर कैपिटल में करियर बनाना चाहते हैं तो आपके पास बैंकिंग या फाइनेंस का कम से कम पांच साल का अनुभव होना चाहिए। वेंचर कैपिटल पेशेवर बनने में सबसे पहला कदम किसी खास क्षेत्र में विशेषज्ञ बनना होता है। आपको बाजार और जोखिमों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। स्टार्टअप कंपनियों में समय बिताना और वहां के कार्यों का अनुभव लेने से भी इस पेशे में काफी मदद मिल सकती है। इस पेशे में आगे बढ़ने के लिए वेंचर कैपिटल कंपनियों के वेंचर कैपिटलिस्ट के मातहत काम करना और बारीकियों को सीखना जरूरी है। 

प्रमुख संस्थान
' आईआईएम अहमदाबाद
' आईआईएम बेंगलुरू
' आईआईएम कोलकाता
' नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडी, बेंगलुरू
' सिंबायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी
' एक्सएलआरआई जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट

ये कोर्स कर सकते हैं
' बैचलर ऑफ साइंस इन अकाउंटिंग
' बीएस इन फाइनेंस
' बीएस इन फाइनेंशियल इकोनॉमिक्स
' बीएस इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन इन अकाउंटिंग
' एमबीए इन फाइनेंस
' एमबीए इन अकाउंटिंग
' एमबीए इन इकोनॉमिक्स
' एमबीए इन एंटरप्रेन्योरशिप
 

आवश्यक योग्यता
इस क्षेत्र में करियर बनाने की शुरुआत बैचलर डिग्री से होती है। अकाउंटिंग, फाइनेंस, इकोनॉमिक्स, बिजनेस या इससे संबंधित स्ट्रीम में बैचलर के साथ मास्टर डिग्री भी कर सकते हैं। इसके अलावा कम्युनिकेशन और जनरल बिजनेस स्टडी के कोर्स भी कर सकते हैं। इस करियर के लिए गणित की अच्छी जानकारी होना जरूरी है। बैचलर ऑफ साइंस इन अकाउंटिंग, बीएस इन फाइनेंस, बीएस इन फाइनेंशियल इकोनॉमिक्स और बीएस इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन इन अकाउंटिंग में कोर्स करना भी इस क्षेत्र में करियर बनाने में सहायक है। वेंचर कैपिटल पेशेवर बनने के इच्छुक युवाओं को पढ़ाई के बाद फाइनेंस या बैंकिंग के क्षेत्र में अनुभव हासिल करना चाहिए, क्योंकि इस क्षेत्र में काम करने के लिए ऐसे अनुभव की न केवल जरूरत होती है, बल्कि इन्हें एक आवश्यक योग्यता की तरह देखा जाता है। 

प्रवेश परीक्षाएं 
आईआईएम में दाखिला लेने के लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा। इसके बाद कैट स्कोर के आधार पर आईआईएम में विभिन्न कोर्स में दाखिला मिलेगा। सभी निजी संस्थान अपने-अपनेे पाठ्यक्रमों के लिए अपने स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैं। 

कराना होगा रजिस्ट्रेशन
किसी कंपनी के सिक्योरिटी अफेयर को संभालने वाले वेंचर कैपिटल पेशेवरों को फाइनेंशियल इंडस्ट्री रेगुलेटरी ऑथरिटी के पास खुद को रजिस्टर करवाना पड़ता है। इसके लिए पेशेवर को सिरीज-7 परीक्षा देनी पड़ती है। इस परीक्षा में 250 बहु विकल्पीय प्रश्न होते हैं। ये दो सेक्शन में होते हैं। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों को सभी तरह के सिक्योरिटी उत्पाद बेचने और खरीदने का अधिकार मिलता है। 

कौशल 
वेंचर कैपिटल पेशेवर बनने के इच्छुक व्यक्ति में वित्तीय अभिलेखों के प्रभाव को पढ़ने, समझने और विश्लेषण करने की क्षमता होनी चाहिए। उसे हर एक रिकॉर्ड की अच्छे तरीके से जांच करनी होती है और हर छोटे से छोटे विवरण पर नजर रखनी पड़ती है। 

क्या होंगी जिम्मेदारियां 
वेंचर कैपिटल पेशेवरों को संभावित व्यावसायिक निवेश पर काम करना होता है। उन्हें हर रिकॉर्ड, फाइनेंशियल स्टेटमेंट की जांच करनी होती है। रिकॉर्ड की पूरी जांच के बाद कंपनी के सभी स्तरों पर मौजूद लोगों से सवाल पूछने होते हैं। ये पेशेवर विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि कोई बिजनेस में संभावित फायदे की किस हद तक गारंटी है, ताकि इस बिजनेस में निवेशक लाखों-करोड़ों रुपये लगा सके। इनमें से ज्यादातर बिजनेस स्टार्टअप होते हैं और इनकी संभावनाओं के बारे में जांच करना ही वेंचर कैपिटल पेशेवर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। ये पेशेवर संभावित फायदों के बारे में पूरा विश्लेषण करने के बाद फंडिंग के लिए पूरी योजना तैयार करते हैं। वेंचर कैपिटल कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के पदों पर उस कंपनी के भी एक व्यक्ति को रखा जाता है, जिसमें निवेशक पैसा लगाने को तैयार हैं। 

नौकरी 
देश में स्टार्टअप की संख्या बढ़ने से वेंचर कैपिटल पेशेवरों की भी मांग काफी बढ़ गई है। भारत में कई वेंचर कैपिटल फर्म मौजूद हैं, जहां नौकरी मिल सकती है। इनमें हेलियोन वेंचर पार्टनर्स, एस्सल पार्टनर्स, ब्लूम वेंचर्स, सिकोइया कैपिटल इंडिया, नेक्सस वेंचर पार्टनर्स, इन्वेस्ट्स कैपिटल पार्टनर्स, आईडीजी वेंचर्स, फिडिलिटी ग्रोथ पार्टनर्स, नैसपर्स, स्टीडव्यू कैपिटल, जंगल वेंचर्स, जोडियस कैपिटल, क्वालकॉम वेंचर्स, वारबर्ग पिंकस सहित कई फर्म शामिल हैं। इन कंपनियों ने देश के कई सफल स्टार्टअप को फंड मुहैया कराकर उन्हें मजबूती से खड़ा होने में मदद की। 

आकर्षक वेतन 
इस क्षेत्र में प्रवेश करने पर सालाना 5 से 10 लाख रुपये तक का वेतन पैकेज मिल सकता है। बाद में एसोसिएट के पद पर जाने के बाद सालाना 10 से 20 लाख रुपये तक वेतन मिलने की संभावना रहती है। जैसे-जैसे इस क्षेत्र में अनुभव बढ़ता है, वैसे-वैसे वेतन पैकेज और भी आकर्षक होता जाता है।
 

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