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27 जनवरी, 2020|6:56|IST

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CTET 2019 में सेंधमारी: सॉल्वर गैंग ने किया था ढाई-ढाई लाख में सौदा

ctet 2019 december  solver gang held in moradabad

उत्तर प्रदेश में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी)-2019 को लेकर बरेली की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जिस साल्वर गैंग का खुलासा किया है वह गैंग पिछले कई साल से सक्रिय है। गैंग ने सीटेट पास कराने के लिए अभ्यर्थियों से ढाई-ढाई लाख रुपये में सौदा किया था। गैंग अभ्यर्थियों की जबह 50-50 हजार रुपये देकर बिहार से सॉल्वर बुलाकर परीक्षा में बैठाया था। गैंग के तार मुरादाबाद से लेकर कानपुर होते हुए बिहार तक जुड़े हैं। पुलिस गैंग के फरार सरगना समेत पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर और खुलासा कर सकती है। 

रविवार को शहर में 52 परीक्षा केंद्रों पर केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी)-2019 का आयोजन किया गया। एसटीएफ बरेली के प्रभारी निरीक्षक अजय पाल सिंह ने बताया कि उनकी टीम बीते एक साल से मुरादाबाद में सक्रिय सॉल्वर गैंग पर नजर रखी थी। टीम को विभिन्न माध्यमों से यह पता चल गया था कि पूर्व में गिरफ्तार आरोपी सचिन ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के नाजिम, दानिश और विपिन के साथ मिलकर सॉल्वर गैंग को फिर सक्रिय कर लिया है। यह गैंग सीटेट में सेंधमारी करने की पूरी तैयार कर लिया था। इसके बाद से एसटीएफ मुरादाबाद इंटेलीजेंस विंग के साथ मिलकर सूचनाएं एकत्रित कर रही थी। इन्ही सूचनाओं के बाद रविवार को सबसे पहले हिन्दू कॉलेज के पास से नाजिम, दानिश और राजकुमार को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि राजकुमार के स्थान पर सुशांत और इंद्रपाल के स्थान पर विक्की कुमार हिंदू कॉलेज में परीक्षा दे रहा है। यह भी पता चला कि आरआरके सिविल लाइंस में अनुज की जगह पर मुकेश और अशोक कुमार के स्थान पर चंदन आनंद परीक्षा में शामिल हुआ है। जबकि कटघर के गुलाबबाड़ी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में दिनेश के स्थान पर चंदन और वेदराम इंटर कॉलेज पाकबड़ा में सुभाष के स्थान पर राजमिण परीक्षा में शामिल हुआ है। इन सभी की परीक्षा सुबह की पाली में ही थी। एसटीएफ और इंटेलीजेंस विंग ने थानों की पुलिस से मिलकर सभी छह सॉल्वर को परीक्षा कक्ष से ही उठा लिया। बकौल एसटीएफ आरोपी साल्वर गैंग ने परीक्षार्थियों से ढाई-ढाई लाख रुपये सीटेट पास कराने के लिए मांगे थे। इनमें पचास हजार रुपये परीक्षा से पहले और दो लाख रुपये परीक्षा के बाद देने की बात तय हुई थी। आरोपी सचिन ने पांच आरोपियों से रविवार सुबह ही पचास हजार के हिसाब से ढाई लाख रुपये ले लिए थे। जबकि राजकुमार से लिए गए पचास हजार रुपये सॉल्वर सुशांत को दिए गए थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

 

आरोपियों के पास से नकदी, कार, बाइक और कागजात बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से एसटीएफ और पुलिस ने 61 हजार 630 रुपये की नकदी बरामद की है। इसके अलावा एक स्विफ्ट डिजायर कार, एक बाइक, दस मोबाइल फोन, चार आधार कार्ड, छह पैन कार्ड, दो निर्वाचन पहचान पत्र, आठ एटीएम कार्ड, दो चेकबुक, चार स्कूल आईडी और दो ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए हैं। बरामद कागजातों का प्रयोग आरोपी झूठी पहचान दिखाने के लिए करते हैं।

कानपुर के कोचिंग सेंटर के माध्यम से बुलाए गए बिहार के सॉल्वर
सॉल्वर गैंग ने सबसे पहले मुरादाबाद और अमरोहा क्षेत्र से सीटेट आवेदन करने वालों से संपर्क साधा। उनसे ढाई लाख रुपये में सौदा तय लिया। परीक्षा फार्म भरने से पहले ही सॉल्वर से भी बात कर ली। एसटीएफ प्रभारी नरीक्षक के अनुसार आरोपी सचिन पूर्व में कानपुर के कोचिंग सेंटरों के संपर्क में रहा है। इस बार भी उसने कानपुर के दो कोचिंग सेंटरों के माध्यम से सॉल्वर से संपर्क साधा। अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार उसने छह सॉल्वर कोचिंग सेंटर के माध्यम से मांगे। बाद में फोटो को धुंधला करके और फर्जी तरीके से आधार कार्ड व अन्य आईडी बनाकर सॉल्वर को प्रवेशपत्र जारी कराया गया। सभी को पचास-पचास हजार रुपये परीक्षा खत्म होते ही दिया जाना था। बाकी दो-दो लाख रुपये सॉल्वर बैंग के चार सदस्य आपस में बांट लेते।

शनिवार रात से ही होटल में डाल दिया था डेरा
गिरफ्तार आरोपी नाजीम, दानिश व विपिन ने बताया कि उन्होंने सचिन के साथ मिलकर इंद्रपाल, राजकुमार, अनुज, अशोक कुमार, सुभाष और दिनेश के स्थान पर सॉल्वर बैठाने का सौदा किया था। इसके लिए बिहार के विभिन्न जिलों से प्रतियोगी परीक्षा देने वाले युवकों को साल्वर के रूप में बुलाया गया। सभी सॉल्वरों को बुध बाजार के होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई। वहीं से रविवार सुबह उन्हें प्रवेश पत्र व पहचान के लिए अन्य जरूरी कागजत देकर परीक्षा केंद्रों पर ले जाया गया। परीक्षा केंद्र तक ले जाने की जिम्मेदारी अभ्यर्थियों को ही सौंपी गई थी।

आरोपी सचिन पहले भी जा चुका है जेल
रविवार को पकड़े गए सॉल्वर गैंग का सरगना मझोला के कांशीरामनगर निवासी सचिन है। एसटीएफ प्रभारी ने बताया कि सचिन इससे पहले 18 नवंबर 2018 को आयोजित यूपी टेट में भी सेंधमारी किया था। उसने उस समय सॉल्वर बैठाए थे। उस समय मझोला और कोतवाली क्षेत्र से आरोपी सचिन, जितेंद्र समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आरोपी सचिन इस समय जमानत पर चल रहा है। इससे पहले भी वह जेल जा चुका है। बकौल पुलिस आरोपी राजकुमार भी यूपी टेट परीक्षा के दौरान अपने स्थान पर सॉल्वर बैठाया था। उसे भी गिरफ्तार किया गया था।

आरोपी विपिन कुमार बीएड के बाद शिक्षामित्र की कर रहा है नौकरी
एसटीएफ के हत्थे चढ़ा अमरोहा के हसनुपर थाना क्षेत्र के गांव कोट पश्चिमी निवासी आरोपी विपिन कुमार एक साल पहले ही साल्वर गैंग से जुड़ा। एसटीएफ प्रभारी ने बताया कि आरोपी विपिन कुमार बीएड कर चुका है। वह अमरोहा के ही गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत है। अमरोहा क्षेत्र के परीक्षार्थियों से संपर्क करने में आरोपी विपिन कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उच्चशिक्षित हैं सभी आरोपी
सॉल्वर गैंग में शामिल सभी आरोपी उच्च शिक्षित हैं। गैंग चलाने वाले दानिश और नाजिम स्नातक हैं और ठाकुरद्वारा के एक कोचिंग सेंटर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। आरोपी राजकुमार बीएड और बीटीसी कर चुका है। उसने अपने स्थान पर आरोपी सुशांत को सॉल्वर के रूप में बैठाया था जो बीएससी पास करने एसएससी की तैयारी कर रहा है। इसी तरह आरोपी विक्की भी मैथ से बीएससी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाएं दे रहा है। सॉल्वर गैंग में शामिल मुकेश, चंदन आनंद, राजमणि और चंदन भी स्नातक हैं। ये सभी कानपुर के कोचिंग सेंटर में तैयारी कर रहे हैं।

परीक्षार्थियों के मूल कागजात अपने पास रख लेते थे
गिरफ्तार आरोपी नाजिम, दानिश और विपिन ने बताया कि गैंग के सरगना सचिन ने सभी परीक्षार्थियों से आवेदन करने के पहले ही उनके मूल कागजात ले लिए थे। ऐसा इसलिए किया गया ताकि एक बाद ढाई लाख रुपये का सौदा करने के बाद परीक्षार्थी आनाकानी न कर सके। बाद में परीक्षार्थियों के मूल कागजात और फोटो की मदद से ही फर्जी पैन कार्ड बनाए गए। इसमें सॉल्वरों की और परीक्षार्थियों की फोटो मिक्स करके धुंधली फोटो लगाई गई ताकि पहचान उजगार न हो सके।

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  • Web Title:Burglary in CTET december 2019: Solver Gang did a deal in two lakhs and 50 thousand rupees in moradabad up