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MPPSC में सफल हुई भाई-बहन की जोड़ी, मिला डिप्टी कलेक्टर का पद, यहां से की थी तैयारी

MPPSC Result: उज्जैन के भाई-बहन, राजनंदिनी और अर्जुन ने एमपीपीएससी परीक्षा में 14वीं और 21वीं रैंक हासिल की है। दोनों डिप्टी कलेक्टर के पद के लिए चुने गए हैं। आइए जानते हैं दोनों ने कैसे की थी तैयारी।

MPPSC में सफल हुई भाई-बहन की जोड़ी, मिला डिप्टी कलेक्टर का पद, यहां से की थी तैयारी
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 08 Jun 2024 07:24 PM
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MPPSC Result:  मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने 2021 परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। जिसमें एक ही परिवार के भाई-बहन की जोड़ी ने इस परीक्षा को सफलतापूर्वक पास किया है। माता- पिता समेत परिवार वाले खुश हैं, कि घर के दोनों बच्चों ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए डिप्टी कलेक्टर का पद हासिल किया है। आइए जानते हैं, भाई-बहन की इस जोड़ी के बारे में, कैसे हासिल की सफलता और किस रणनीति को किया था फॉलो।

उज्जैन के इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. वाईएस ठाकुर के दो बच्चे अर्जुन सिंह ठाकुर और राजनंदिनी सिंह ठाकुर हैं, दोनों ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल की है। MPPSC की परीक्षा में जहां अर्जून ने 21वीं रैंक हासिल की, जबकि राजनंदिनी ने 14वीं रैंक हासिल की है। ​​बता दें, दोनों भाई-बहनों ने अपनी शिक्षा उज्जैन के क्राइस्ट ज्योति स्कूल में शुरू की  थी और 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद भोपाल के कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री ली।

आपको बता दें, राजनंदिनी को पहले 2020 में नायब तहसीलदार के रूप में चुना गया था और वर्तमान में सीहोर में तैनात हैं। वहीं अर्जुन को TCS में एक पद ऑफर किया गया था, लेकिन उन्होंने इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया और फिर MPPSC की तैयारी शुरू कर दी और उनका डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयन हो गया है।

बता दें, राजनंदिनी मध्य प्रदेश की पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी रह चुकी है। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में पढ़ाई को काफी प्राथमिकता दी थी। उनका मानना ​​है कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पढ़ाई के प्रति समर्पण होना बहुत जरूरी है। अपने भाई अर्जून की तरह उनकी भी मेहनत रंग लाई और अब उन्हें डिप्टी कलेक्टर के पद के लिए  चुना गया है।

जानें- भाई बहन कैसे करते थे पढ़ाई

इंडिया टुडे  की रिपोर्ट के मुताबिक अर्जुन सिंह ने MPPSC की तैयारी के दौरान अपने मोबाइल से दूरी नहीं बनाई, बल्कि वे अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई के लिए किया करते थे। उन्होंने बताया, MPPSC की तैयारी के लिए खुद को अपडेट रखना जरूरी होती है, ऐसे में न्यूज और अन्य जानकारी के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया करता था। 2018 से उनकी लगातार कड़ी मेहनत का फल आज की सफलता के साथ मिला है।  भाई-बहन, अर्जुन और राजनंदिनी, ने MPPSC के लिए एक साथ तैयारी की थी। दोनों ने दिखा दिया, जहां भाई-बहन के बीच हल्की- फुल्की कहासुनी होती रहती है, वहीं दोनों अगर चाहें तो एक साथ मिलकर सफलता हासिल कर सकते हैं।

 

 

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