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28 मई, 2020|2:13|IST

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BPSSC:गर्भवतियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश

BPSSC Sub Inspector Mains Exam

सर्वोच्च न्यायालय ने साल 2018 में गर्भावस्था के कारण बिहार पुलिस की चयन प्रक्रिया के दौरान फिजिकल टेस्ट में शामिल नहीं हो सकीं महिलाओं को एक बड़ी राहत दी है। अदालत ने बिहार पुलिस अधिनस्थ सेवा आयोग को इन महिलाओं के लिए नए सिरे से टेस्ट कराने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने आयोग से उस वक्त गर्भवती रहीं महिलाओं के लिए दोबारा फिजिकल टेस्ट कराने को कहा है और उन्हें इस वर्ष अधिसूचित रिक्तियों में समायोजित करने को कहा है। 

सर्वोच्च न्यायालय में इस संबंध में खुशबू शर्मा नामक याचिकाकर्ता ने एक याचिका दायर की थी, जिसने पटना उच्च न्यायालय की खंडपीठ के फैसले को चुनौती दी थी। पटना उच्च न्यायालय की पीठ ने उच्च न्यायालय के एकल जज के आदेश को पलट दिया था। दरअसल एकल जज ने खुशबू को राहत दी थी और आयोग को उसका फिजिकल एग्जाम दो माह बाद कराने को कहा था। 

शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा, हमारा मानना है कि ना केवल अपीलकर्ता (खुशबू) बल्कि जिन्होंने गर्भावस्था के कारण मोहलत मांगी, उन सभी को शारीरिक क्षमता परीक्षा (पीईटी) के लिए दोबारा बुलाना चाहिए।
 

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  • Web Title:BPSSC: Supreme Court order to conduct re-examination for pregnant women of BPSSC