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BPSC TRE 3.0 Vacancy : बिहार शिक्षक भर्ती में केमिस्ट्री व इतिहास की अधिक वैकेंसी, जानें अब तक कितने आवेदन

BPSC TRE 3.0 Vacancy : तीसरे चरण की बीपीएससी बिहार शिक्षक भर्ती की आवेदन प्रक्रिया 23 फरवरी को खत्म हो जाएगी। तीसरे चरण में एक से बारहवीं तक 86 हजार से अधिक रिक्तियों को भरा जाएगा।

BPSC TRE 3.0 Vacancy : बिहार शिक्षक भर्ती में केमिस्ट्री व इतिहास की अधिक वैकेंसी, जानें अब तक कितने आवेदन
Pankaj Vijayलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 22 Feb 2024 11:24 AM
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BPSC TRE 3.0 Vacancy : तीसरे चरण की बीपीएससी बिहार शिक्षक भर्ती की आवेदन प्रक्रिया 23 फरवरी को समाप्त हो जाएगी। तीसरे चरण में एक से बारहवीं तक 87 हजार से अधिक वैकेंसी को भरा जाएगा। उच्च माध्यमिक में सबसे अधिक सीटें विज्ञान संकाय के रसायन शास्त्र विषय में हैं। वहीं कला संकाय में सबसे अधिक सीटें इतिहास विषय में हैं। इस बार कुल 56 विषयों में परीक्षा होगी। इसमें एक से पांचवीं में तीन, छठी से आठवीं में आठ, माध्यमिक में 15 और उच्च माध्यमिक में 30 विषयों की परीक्षा होगी।

तीसरे चरण के लिए 2.85 लाख अबतक पंजीयन
तीसरे चरण में अब तक दो लाख 85 हजार परीक्षार्थियों ने पंजीयन करा लिया है। वहीं दो लाख 60 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने पैसा जमा कर दिया है। अंतिम रूप से परीक्षा में शामिल होने के लिए दो लाख 35 हजार ने फॉर्म भर दिया है। अभ्यर्थी आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अभी तक आयोग को रिक्तियों की संख्या नहीं भेजी गई है। ऐसी स्थिति में उम्मीद है दो दिन आवेदन की तिथि बढ़ाई जा सकती है।

बीपीएससी: प्रतिबंध से 584 शिक्षक अभ्यर्थी किए गए मुक्त
बिहार लोक सेवा आयोग ने पहले चरण में जिन 584 शिक्षक अभ्यर्थियों को परीक्षा के बाद प्रतिबंधित किया था, उन्हें एक और मौका दिया है। अब ये अभ्यर्थी बीपीएससी की आगे की परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। इन पर बिना किसी ठोस साक्ष्य के आयोग की छवि को खराब करने का आरोप लगा था।

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शिक्षक बहाली के पहले चरण का बीपीएससी ने दिसंबर 2023 में रिजल्ट जारी किया था। इसके बाद अभ्यर्थियों ने आयोग के खिलाफ कई तरह के गलत आरोप लगाए थे। जब इनसे आरोपों के संबंध में साक्ष्य मांगा गया तो कोई ठोस तथ्य नहीं पेश कर पाए। इसके बाद आयोग ने इनमें से 171 को एक वर्ष और 413 अभ्यर्थियों को तीन वर्ष तक आयोग की किसी परीक्षा में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया था। शपथ पत्र, स्पष्टीकरण और माफीनामा के बाद आयोग में समीक्षा बैठक के बाद इन्हें माफी दिया गया है। आयोग के सचिव रवि भूषण ने बताया कि भविष्य में इन गलतियों की पुनरावृति अभ्यर्थी नहीं करें। अन्यथा माफी नहीं मिलेगी। वहीं दूसरे चरण में भी कई ने रिजल्ट पर सवाल खड़े किए थे। इन पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

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