BPSC 67th Exam : दागी अफसर के हवाले थी बीपीएससी एग्जाम सेंटर की रखवाली
BPSC Paper Leak : गिरफ्तारी के बाद सुर्खियों में आए जयवर्द्धन गुप्ता पहले से दागी हैं। कुछ वर्ष पहले ही निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक लाख रुपए रिश्वत लेते उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

बिहार में बीपीएससी 67वीं पीटी परीक्षा प्रश्न-पत्र लीक मामले में गिरफ्तारी के बाद सुर्खियों में आए बड़हरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी जयवर्द्धन गुप्ता पहले से दागी हैं। कुछ वर्ष पहले ही निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक लाख रुपए रिश्वत लेते उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। घोसवरी में पदस्थापित थे तभी घूसघोरी में पकड़े गए थे। हालांकि इसके बावजूद वह बीडीओ के पद पर न सिर्फ पदस्थाति थे बल्कि बीपीएससी की परीक्षा में उन्हें एक सेंटर पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया।
रिपोर्ट में भी किया बचाव
सूत्रों के मुताबिक जयवर्द्धन गुप्ता ने वीर कुंवर सिंह कॉलेज में हुई घटना की भी सही रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को नहीं दी थी। उन्होंने कई अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र पहले दिए जाने और कुछ के पास मोबाइल फोन होने की बात भी अपनी रिपोर्ट में नहीं दी। केन्द्र पर जो घटना हुई उसे सिर्फ विधि-व्यवस्था की समस्या बताकर पल्ला झाड़ दिया। जबकि अधिकारियों का मानना है कि उन्हें विधि-व्यवस्था की समस्या किस वजह से उत्पन्न हुई, इसकी जानकारी रिपोर्ट में देनी चाहिए थी।
परीक्षा केन्द्र के तौर पर विवादों में रहा है कॉलेज
आरा का वीर कुंवर सिंह कॉलेज प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करने को लेकर विवादों में रहा है। दो साल पहले दारोगा-सार्जेंट की बहाली को लेकर हुई परीक्षा में इस केन्द्र पर हंगामा हुआ था। सूत्रों के मुताबिक इसी वजह से विश्वविद्यालय के सेंटर के पैनल से इसे हटा दिया गया था। बावजूद वहां बीपीएससी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा का केन्द्र कैसे और क्यों रखा गया, यह समझ से परे है।
वीआईपी की बेटी से जुड़ रहे तार
वीर कुंवर सिंह कॉलेज की घटना के तार आरा के एक वीआईपी की बेटी से भी जुड़ रहे हैं। बीपीएससी की परीक्षा में वह भी अभ्यर्थी थीं, पर उनका सेंटर आरा के ही एक अन्य कॉलेज में था। ऐसी आशंका जतायी जा रही है कि वीर कुंवर सिंह कॉलेज में जो कुछ हुआ उसके पीछे वीआईपी की लड़की को फायदा पहुंचाने का मकसद रहा हो। उक्त महिला अभ्यर्थी के स्कैन किए गए प्रवेश-पत्र की कॉपी पुलिस ने अपने पास मंगा ली और पूरे प्रकरण की जांच इस बिंदु को ध्यान में रखकर भी शुरू कर दी गई है।
सवालों के घेरे में स्थानीय प्रशासन
बीपीएससी की संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। वीर कुंवर सिंह कॉलेज में इतना कुछ होने के बाद स्थानीय स्तर पर न तो इसकी प्राथमिकी दर्ज की गई न ही एसआईटी गठित होने के पहले कोई कार्रवाई की गई।


