DA Image
Monday, November 29, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ करियरइन दो मेडिकल छात्रों की दोबारा होगी NEET परीक्षा, बॉम्बे HC ने दिया आदेश, जानें- वजह

इन दो मेडिकल छात्रों की दोबारा होगी NEET परीक्षा, बॉम्बे HC ने दिया आदेश, जानें- वजह

Kanchan Chaudhari ,नई दिल्लीPriyanka Sharma
Fri, 22 Oct 2021 07:25 AM
इन दो मेडिकल छात्रों की दोबारा होगी NEET परीक्षा, बॉम्बे HC ने दिया आदेश, जानें- वजह

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की परीक्षा आयोजन पिछले महीने 12 सितंबर 2021 को हुआ था. इस दौरान निरीक्षक की असावधानी के कारण सोलापुर जिले के दो मेडिकल उम्मीदवारों को मिसमैचिंग टेक्स्ट बुकलेट और आंसर शीट मिले थे। ऐसे में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इन दो मेडिकल उम्मीदवारों के लिए NEET परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति आरडी धानुका और न्यायमूर्ति अभय आहूजा की खंडपीठ ने एनटीए को याचिकाकर्ताओं वैष्णवी भोपाले और अभिषेक कापसे  के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने और दो सप्ताह में उनके परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने NTA को याचिकाकर्ताओं को री-एग्जामिनेशन की तारीख और एग्जामिनेशन सेंटर की जानकारी 48 घंटे पहले देने के लिए कहा है।

आपको बता दें, वैष्णवी भोपाले और अभिषेक कापसे 24 सितंबर को एडवोकेट पूजा थोराट के माध्यम से हाईकोर्ट का रुख किया था और NTA को एक अलग NEET परीक्षा आयोजित करके उनकी फिर से जांच करने का निर्देश देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर को जब वे सोलापुर के श्री स्वामी नारायण गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में NEET परीक्षा के लिए  उपस्थित हुए, तो उनके पर्यवेक्षकों (invigilators) ने अपनी कक्षा में पांच मिनट की देरी से 12 छात्रों को टेस्ट बुकलेट और OMR या आंसर शीट देना शुरू कर दिया था।

उम्मीदवारों का कहना है कि, पर्यवेक्षकों ने टेस्ट बुकलेट और OMR शीट्स को मिला दिया। ऐसे में दोनों उम्मीदवारों की बेमेल टेक्स्ट बुकलेट और  OMR शीट  मिली।  वैष्णवी को CODE 04 की टेस्ट बुकलेट और CODE P4 की आंसर बुकलेट मिली, जबकि अभिषेक को CODE P4 की टेस्ट बुकलेट और CODE 04 की OMR बुकलेट मिली थी।

जैसे ही उम्मीदवारों को इसके बारे में जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत निरीक्षकों की इस बात की जानकारी दी, लेकिन निरीक्षकों ने उनकी नहीं सुनी और चुप करा दिया। ये सब बाते दोनों उम्मीदवारों की याचिका में कही गई है।

ये भी बताया गया कि, उम्मीदवारों ने निरीक्षकों को कई बार बताने की  कोशिश भी की थी, उन्होंने निरीक्षकों को समझाया था कि  टेस्ट बुकलेट और OMR शीट अलग होने के कारण उनकी परीक्षा की चेकिंग सही तरीके से नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों ने सभी छात्रों को दी गई सभी बुकलेट्स पर कोड को चेक किया, लेकिन गलती को सुधारा नहीं।

उम्मीदवारों की वकील पूजा थोराट ने बताया कि NEET के लिए टेस्ट बुकलेट कोड के क्लॉज 7 में पर्यवेक्षक को गलती को सुधारने और ऐसी स्थिति में संबंधित छात्र को सही टेस्ट बुकलेट और OMR शीट प्रदान करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि बाद में, स्कूल और उसके प्रिंसिपल ने NTA अधिकारियों के साथ अपने कम्यूनिकेशन में गड़बड़ी को मान लिया है और कहा कि यह गलती अनजाने में हुई गलती थी. जिसके बाद NTA ने दो छात्रों की मदद करने के लिए कहा है।

हालांकि, NTA ने अपने वकील, वकील रुई रॉड्रिक्स के माध्यम से HC को सूचित किया, कि वह याचिकाकर्ता की समस्या का समाधान खोजने में असमर्थ था, जिससे HC ने NTA को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ताओं की फिर से NEET की परीक्षा का आयोजन करवाएं।

 

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें