Bihar STET 2019: एसटीईटी अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट के कोर्ट के फैसले से इन लोगों को होगा फायदा

Anuradha Pandey विधि संवाददाता, पटना
share

बिहार राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) में उम्र सीमा में छूट देने का आदेश पटना हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को दिया है। कोर्ट  के आदेश बाद आवेदन करने की तिथि फिर निकाली जा सकती...

Bihar STET 2019: एसटीईटी अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट  के कोर्ट के फैसले से इन लोगों को होगा फायदा

बिहार राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) में उम्र सीमा में छूट देने का आदेश पटना हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को दिया है। कोर्ट  के आदेश बाद आवेदन करने की तिथि फिर निकाली जा सकती है। एसटीईटी के आवेदन की तिथि सितंबर में ही समाप्त हो चुकी है। 

Bihar STET 2019: एसटीईटी अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट दें - कोर्ट

इन्हें होगा लाभ
कोर्ट के फैसले पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने कहा है कि  माननीय न्यायालय ने यदि कोई स्पष्ट निर्देश दिया है तो उसके अध्ययन के बाद उचित फैसला करेंगे। 
कोर्ट के फैसले से उन लोगों को लाभ होगा, जिनकी उम्र सीमा एसटीईटी के इंतजार में समाप्त हो गई है।
आपको बता दें कि 2011 में एसटीईटी (9वीं से 12वीं तक) देने वाले वैसे अभ्यर्थी जिनका नियोजन अभी तक नहीं हुआ और वे दोबारा एसटीईटी देना चाहते हैं
2011 में हुए एसटीईटी के लगभग पांच हजार अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनकी उम्र सीमा खत्म हो गई थी।  

Bihar STET 2019: गणित के साथ सांख्यिकी वाले भी कर सकेंगे एसटीईटी के लिए आवेदन

मिलेगा फायदा 
बिहार बोर्ड ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 10 साल की छूट देते हुए 37 साल उम्र सीमा रखी है। वहीं सामान्य वर्ग की महिला अभ्यर्थी और आरक्षित वर्ग के लिए 40 साल उम्र सीमा है। 


37 हजार 335 रिक्त पदों पर होगा नियोजन
नौंवी और 10वीं कक्षा के लिए 25 हजार 270 और 11वीं व 12वीं के लिए 12 हजार 65 रिक्त पदों पर एसटीईटी होगा। यानी कुल 37 हजार 335 खाली पदों पर नियोजन होगा। बिहार बोर्ड की मानें तो विषयवार रिक्तियों पर कोटि एवं अंक के अनुरूप कट ऑफ माक्र्स लाना अनिवार्य होगा। इसमें सामान्य श्रेणी के लिए 50 फीसदी और आरक्षित श्रेणी के लिए 45 फीसदी अंक अनिवार्य हैं।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


विजन

अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।


विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र

कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।


विशेषज्ञता

कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां

और पढ़ें
करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।