Bihar STET 2019: एसटीईटी अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट दें - कोर्ट
राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) में उम्र सीमा में छूट देने का आदेश पटना हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को दिया है। कोर्ट ने माना कि हर वर्ष होने वाली पात्रता परीक्षा आठ साल बाद ली जा...

राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) में उम्र सीमा में छूट देने का आदेश पटना हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को दिया है। कोर्ट ने माना कि हर वर्ष होने वाली पात्रता परीक्षा आठ साल बाद ली जा रही है। ऐसे में सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए होने वाली पात्रता परीक्षा में उम्र सीमा में छूट दी जाए।
| Bihar STET 2019: एसटीईटी अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट के कोर्ट के फैसले से इन लोगों को होगा फायदा |
न्यायमूर्ति डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय की पीठ ने पंकज कुमार सिंह की रिट याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। कोर्ट को बताया गया कि बिहार बोर्ड को एसटीईटी का आयोजन हर वर्ष करना है। लेकिन बोर्ड 2011 के बाद इस वर्ष परीक्षा का आयोजन कर रहा है। आठ वर्ष बाद परीक्षा होने से बहुत सारे ऐसे परीक्षार्थी हैं, जिनकी इस परीक्षा में बैठने की तय उम्र सीमा पार कर चुकी है।
बोर्ड की गलती का खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ेगा। यदि हर वर्ष परीक्षा ली जाती तो परीक्षार्थी तय उम्र सीमा के भीतर पात्रता परीक्षा को पास कर लेते और शिक्षकों की नियुक्ति के लिए योग्य हो जाते। कोर्ट ने आवेदक की दलील मंजूर करते हुए उम्र सीमा में छूट देने का आदेश बिहार बोर्ड को दिया।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर
अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
विजन
अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र
कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।
विशेषज्ञता
कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां


