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नीट-यूजी 2024 में धांधली की जांच बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने संभाली

NEET UG 2024 : बिहार के कई परीक्षा केंद्रों में 5 मई को नीट परीक्षा में कथित धांधली का मामला काफ बड़ा रूप लेता दिख रहा है। बिहार पुलिस की अपराध इकाई ने मामले की जांच की जिम्मेदारी संभाल ली है।

नीट-यूजी 2024 में धांधली की जांच बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने संभाली
Alakha Singhहिन्दुस्तान ब्यूरो,पटनाSat, 11 May 2024 07:52 AM
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पटना के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 5 मई को आयोजित नीट-यूजी में कथित धांधली से जुड़े मामले की जांच की जिम्मेदारी आर्थिक अपराध इकाई, बिहार (ईओयू) ने संभाल ली है। अबतक पटना पुलिस द्वारा शास्त्रीनगर थाना में कांड संख्या-358/24 दर्ज कर कार्रवाई की जा रही थी। इस मामले में ईओयू की ओर से जांच में सहयोग दिया जा रहा था। इस कांड में अबतक 13 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस मामले की जांच में पाए गए तथ्यों व मामले की गंभीरता को देखते हुए और प्रथम दृष्टया संगठित गिरोह की सुनियोजित संलिप्तता के साक्ष्य के आधार पर ईओयू ने शुक्रवार को जांच की जिम्मेदारी स्वयं ले ली है। गिरफ्तार आरोपितों को रिमांड पर लेकर ईओयू पूछताछ करेगा।

ईओयू के अनुसार इस मामले की जांच के लिए आठ सदस्यी विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। टीम का नेतृत्व ईओयू, बिहार के एसपी (प्रशासन) मदन कुमार आनंद करेंगे। इस कांड में अबतक जिन 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें 4 अभ्यर्थी एवं शेष उनके अभिभावक एवं संगठित गिरोह के सदस्य हैँ। इनके द्वारा रामकृष्णा नगर थाना के खेमनीचक के लर्न वॉयज हॉस्टल एवं लर्न प्ले स्कूल में कथित रूप से कुल 35 परीक्षार्थियों को परीक्षा से पहले एकत्र कर नीट का प्रश्न पत्र हल करवाया गया था। संबंधित स्कूल से जले हुए प्रश्नपत्रों के कुछ अवशेष भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच करायी जाएगी। गिरफ्तार सदसयों से कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, पोस्ट डेटेड चेक व प्रमाण पत्र जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तार नीतीश बीपीएससी शिक्षक भर्ती पेपर लीक में भी था शामिल
ईओयू के अनुसार गया के सर्वदहा निवासी नीतीश कुमार इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, जो कि ईओयू द्वारा बीपीएससी चरण-3 पेपर लीक मामल में दर्ज कांड संख्या-6/24 में हजारीबाग से गिरफ्तार न्यायिक हिरास में भेजा गया था। इसे संबंधित न्यायालय से जमानत पर मुक्त कर दिया गया था। इस कांड में गिरफ्तार सिकंदर प्रसाद यादवेंदु नगर परिषद, दानापुर में कनीय अभियंता के पद पर कार्यरत है।

फर्जीवाड़े में एसकेएमसीएच के तीन छात्रों के नाम, दो गिरफ्तार
नीट फर्जीवाड़े में एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में तीन छात्रों के नाम सामने आ रहे हैं। इनमें दो छात्र गिरफ्तार हो चुके हैं। इन दोनों के अलावा एक अन्य छात्र के नाम की चर्चा है। उसकी भी तलाश हो रही है। सभी छात्र 2022 बैच के बताए गए हैं। एसकेएमसीएच के प्राचार्य ने शुक्रवार को विभागों में जाकर जांच की। तीनों छात्र एक महीने से अनुपस्थित हैं।

एसकेएमसीएच की प्राचार्य प्रो. आभा रानी सिन्हा ने बताया कि मीडिया में बात सामने आने के बाद इन छात्रों की उपस्थिति की जांच की गई। तीनों छात्र क्लास से अनुपस्थित मिले हैं। अभी मेरे पास विभाग से कोई पत्र नहीं आया है। बता दें कि बीते रविवार को नीट में कई जगहों पर परीक्षार्थी के बदले दूसरे छात्र परीक्षा देते पकड़े गए थे। एक छात्र रांची से और दूसरा पूर्णिया में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस ने बताया कि इन छात्रों को परीक्षा में बैठने के लिए दस लाख रुपये के लालच दिये गये थे। एसकेएमसीएच सूत्रों के अनुसार, नीट में फर्जीवाड़े में शामिल छात्रों पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है। इस बारे में जल्द ही एसकेएमसीएच प्रशासन कोई फैसला लेगा।

फर्जीवाड़े में एक अधिकारी का नाम आया सामने:
नीट में फर्जीवाड़े में एक और अधिकारी का नाम सामने आ रहा है। वह भी कटघरे में है। वह जूनियर इंजीनियर सिकंदर यादवेंदु का साथी है। उसे भी नीट में धांधली की जानकारी थी। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी इस पहलू पर तफ्तीश कर रही है। रसूखदारों तक पहुंचने से पहले पुलिस टीम पुख्ता सबूत इकट्ठा कर लेना चाहती है। जिला परिषद के जूनियर इंजीनियर सिकंदर के संपर्क के कई लोग नीट में होने वाली धांधली को पहले से जानते थे। उसके मोबाइल नंबर से कई अहम सबूत मिले हैं। सिकंदर ने नौकरी के अलावा इस काले धंधे को अपना व्यवसाय बना रखा था।

तीन आरोपितों के व्हाट्सएप कॉल की जांच
एसआईटी इस पूरे मामले में तीन आरोपितों के व्हाट्सएप कॉल की पड़ताल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इनमें पकड़ा गया परीक्षार्थी आयुष राज, जूनियर इंजीनियर सिकंदर और उसका साथी अमित रंजन है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आयुष की जूनियर इंजीनियर के अलावा और किन लोगों से बातचीत हुई थी।

पांच वर्षों से सिकंदर-संजीव के बीच थी साठ-गांठ
उसके और नीट धांधली के सरगना संजीव सिंह के बीच पिछले पांच वर्षों से सांठ-गांठ थी। संजीव ने सिकंदर को ग्राहक तलाशने का काम सौंप रखा था। परीक्षा पास करने के एवज में वह परीक्षार्थियों के अभिभावकों से बातचीत कर रुपये का लेन-देन करता था। इसके बाद रुपये को संजीव तक पहुंचाता था।

रामकृष्णानगर थानांतर्गत खेमनीचक स्थित लर्न प्ले स्कूल और लर्न ब्वॉयज हॉस्टल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को शुक्रवार की शाम एसआईटी ने खंगाला। उसी जगह स्थित एक होटल में एसआईटी गई थी। वहां लगे कई कैमरों को खंगाला गया। सूत्रों की मानें तो पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि नीट की एक रात पहले यानी शनिवार को कौन-कौन लोग यहां पहुंचे थे। उस रोज संजीव वहां गया था या नहीं? अगर कैमरे में फुटेज कैद मिली तो बाकी के आरोपितों की पहचान हो सकती है। छात्र आयुष राज ने पुलिस के सामने दावा किया था कि उसे इसी स्कूल में बुलाकर नीट के प्रश्नपत्र दिखाये गये थे और उत्तर याद करने को कहा गया था। इस बात का जिक्र शास्त्रीनगर थाने में दर्ज एफआईआर में भी है। 

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