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Hindi News करियररोजगार पोर्टल एनसीएस पर बिहार से रिकॉर्ड 4.14 लाख बेरोजगारों ने दर्ज कराया नाम, जानें क्या होता है इसका फायदा

रोजगार पोर्टल एनसीएस पर बिहार से रिकॉर्ड 4.14 लाख बेरोजगारों ने दर्ज कराया नाम, जानें क्या होता है इसका फायदा

मात्र सात महीने में ही नेशनल कैरियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल पर बिहार से चार लाख 14 हजार 235 लोगों ने निबंधन कराया। यह अब तक के वर्षों में सबसे अधिक है। रोजगार मेले में यह रजिस्ट्रेशन मांगा जाता है।

रोजगार पोर्टल एनसीएस पर बिहार से रिकॉर्ड 4.14 लाख बेरोजगारों ने दर्ज कराया नाम, जानें क्या होता है इसका फायदा
Pankaj Vijayहिन्दुस्तान ब्यूरो,पटनाWed, 29 Nov 2023 08:16 AM
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चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में बिहार में रिकॉर्ड संख्या में बेरोजगारों ने निबंधन कराया है। मात्र सात महीने में ही नेशनल कैरियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल पर चार लाख 14 हजार 235 लोगों ने निबंधन कराया। यह अब तक के वर्षों में सबसे अधिक है। वित्तीय वर्ष 2015-16 से एनसीएस पोर्टल पर ऑनलाइन निबंधन हो रहा है। देश में अब तक एक करोड़ 38 लाख से अधिक बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया है। इसमें से बिहार के 13 लाख 65 हजार 769 बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया है। इस वर्ष अप्रैल में 35 हजार 978, मई में 36 हजार 187, जून में 42 हजार 989, जुलाई में 48 हजार 643 बेरोजगारों ने निबंधन कराया। सबसे अधिक अगस्त में एक लाख 32 हजार 73 बेरोजगारों ने निबंधन कराया। सितम्बर में 71 हजार 571 और अक्टूबर में 46 हजार 794 बेरोजगारों ने निबंधन कराया।

निबंधन कराने वालों में निरक्षर भी
पोर्टल पर निबंधन करने वालों में साक्षर के साथ ही निरक्षर भी हैं। निबंधन करने वाले देश के कुल निरक्षरों में बिहार के 6.95 फीसदी हैं। इसी तरह नौवीं पास 3.34 फीसदी, दसवीं पास 9.67 फीसदी, 11वीं पास 4.95 फीसदी, 12वीं पास 11.30 फीसदी हैं। जबकि दसवीं के बाद डिप्लोमा करने वाले 5.97 फीसदी, स्नातक पास 6.32 फीसदी और 3.69 फीसदी स्नातकोत्तर हैं। 

रोजगार मेलों में मिलती है नौकरी, मांगा जाता है एनसीएस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
श्रम संसाधन विभाग या राज्य व केंद्र सरकार के विभागों व गैर सरकारी कंपनियों की ओर से समय-समय पर जॉब फेयर या रोजगार मेला का आयोजन किया जाता है। इसमें सबसे अहम शर्त यह है कि बेरोजगारों का एनसीएस पोर्टल पर निबंधन अनिवार्य रूप से हो। इसलिए साल-दर-साल पोर्टल पर निबंधन कराने वाले बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है। जिस रफ्तार में बेरोजगारों की ओर से निबंधन कराया जा रहा है, उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ेगी।

रोजगार देने को बिहार सरकार कर रही प्रयास
बेरोजगारों को श्रम संसाधन विभाग की ओर से रोजगार देने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए जिला से लेकर प्रमंडल स्तर पर नियोजन सह मार्गदर्शक मेला का आयोजन किया जाता है। जॉब कैम्प भी लगाया जाता है। जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज, बिहार माइग्रेंट हब के प्रकाश लुईस ने कहा कि खासकर कोरोना के बाद लोग अपने गृह राज्य में ही काम करना चाह रहे हैं। बिहार में काम नहीं मिलने पर ही लोग दूसरे राज्यों की ओर रुख करते हैं।

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