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बिहार शिक्षा विभाग के शिक्षकों को लेकर 4 बड़े फैसले, BPSC TRE में चयनित अभ्यर्थी भी दें ध्यान

बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को लेकर बड़े फैसले लिए हैं। विभाग ने शिक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उन्होंने अनर्गल बयानबाजी की तो कार्रवाई होगी। बीपीएससी चयनितों को 30 तक जॉइन करना होगा।

बिहार शिक्षा विभाग के शिक्षकों को लेकर 4 बड़े फैसले, BPSC TRE में चयनित अभ्यर्थी भी दें ध्यान
Pankaj Vijayहिन्दुस्तान टीम,पटनाWed, 29 Nov 2023 08:59 AM
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बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को लेकर बड़े फैसले लिए हैं। विभाग ने शिक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उन्होंने अनर्गल बयानबाजी की तो कार्रवाई होगी। विभाग ने कहा है कि स्कूल से लेकर कॉलेज और विश्वविद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी अनर्गल बयानबाजी करेंगे तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। साथ ही कोई भी शिक्षक अथवा कर्मी किसी संघ की स्थापना करते हैं अथवा उसके सदस्य बनते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। इसको लेकर विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को मंगलवार को पत्र जारी किया है।

दूसरा फैसला - शिक्षक चुनावी कार्य 5 बजे के बाद करेंगे
राज्य के शिक्षक चुनाव संबंधी कार्य शाम पांच बजे के बाद ही करेंगे। स्कूल अवधि में इनसे चुनावी कार्य नहीं लिए जाएंगे। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो, इसी मकसद से यह निर्णय शिक्षा विभाग ने लिया है। इसको लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी डीएम को मंगलवार को पत्र जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी कार्य के लिए अलग से मानदेय मिलता है। इसलिए, उन्हें अतिरिक्त काम करना पड़े तो उन्हें आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

तीसरा फैसला - बच्चों की कम उपस्थिति पर हेडमास्टर नपेंगे
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम हुई तो वहां के प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई होगी। ऐसे प्रधानाध्यापकों को जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में शाम बुलाकर स्पष्टीकरण पूछा जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग के अपर सचिव संजय कुमार ने सभी डीएम को पत्र जारी किया है। विभाग ने कहा है कि हर संभव प्रयास के बाद भी कुछ जिलों में 50 से कम उपस्थित वाले स्कूलों की संख्या अधिक है।

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चौथा फैसला - शिक्षकों को 30 तक देना होगा योगदान
शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित शिक्षकों को 30 नवंबर तक अपने स्कूल में योगदान देना होगा। 30 नवंबर के बाद योगदान स्वीकार नहीं होगा। साथ ही वैसे चयनित शिक्षक जो पूर्व से सरकारी नौकरी (केंद्र अथवा राज्य सरकार) में रहे हैं (नियोजित शिक्षक सहित), उन्हें योगदान करने के लिए सात दिसंबर तक का मौका दिया गया है। इस संबंध में विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को मंगलवार को पत्र जारी किया है।

कैलेंडर विवाद अपडेट
अवकाश कैलेंडर सामान्य उर्दू स्कूलों में अलग-अलग- शिक्षा विभाग ने अगले साल 2024 के लिए सामान्य स्कूलों और उर्दू विद्यालयों के लिए अलग-अलग छुट्टी का कैलेंडर जारी किया है। सामान्य स्कूलों में हिंदू पर्व पर पांच अतिरिक्त छुट्टियां दी गई हैं। इन पांच छुट्टियों में महाशिवरात्रि, वसंत पंचमी, जन्माष्टमी, रामनवमी और चित्रगुप्त पूजा शामिल हैं। वहीं, उर्दू विद्यालयों में मुस्लिम के पर्व पर अतिरिक्त छुट्टियां दी गई हैं। उर्दू विद्यालयों में ईद और बकरीद के मौके पर तीन-तीन छुट्टियां दी गई हैं।

शिक्षा विभाग द्वारा पहली बार दो अलग-अलग अधिसूचना जारी की गई है। दोनों तरह के स्कूलों में छुट्टियों की कुल संख्या 60 ही है। वहीं, गर्मी की छुट्टी 30 दिनों की समान रूप से दोनों में रहेगी। सामान्य स्कूलों में भी रक्षाबंधन, तीज और जिउतिया पर मिलने वाली छुट्टी को अगले साल के लिए समाप्त कर दिया गया है। विभाग ने यह भी साफ किया है कि गर्मी की छुट्टी सिर्फ छात्र-छात्राओं के लिए रहेगी। इस दौरान शिक्षक और गैर शैक्षणिक कर्मचारी अपने स्कूल में आएंगे। साथ ही इस दौरान शिक्षकों और अभिभावकों की बैठकें भी होंगी। राज्य में उर्दू विद्यालयों की संख्या करीब चार हजार हैं। शिक्षकों के लिए दिये गये निर्देश दोनों तरह के स्कूल में समान रूप से लागू रहेंगे।

विभाग ने पहली बार पहली से 12 वीं कक्षा के लिए एक तरह की छुट्टी तालिका तय की है। इससे पहले प्रारंभिक स्कूलों के लिए जिला छुट्टी तय करता था। वहीं, माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्कूल के लिए माध्यमिक निदेशालय छुट्टी का आदेश तय करता था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी जिले में विशेष अवसर पर यदि जिला पदाधिकारी किसी प्रकार का अवकाश घोषित करना चाहें तो उन्हें मुख्यालय से अनुमति लेनी होगी। वहीं, किसी भी स्कूल में प्रधानाध्यापक अपने स्तर से स्कूल में अवकाश की घोषणा नहीं करेंगे, अन्यता उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।

स्कूलों में अब शाम पांच बजे तक रहेंगे शिक्षक
राज्य के प्रारंभिक और माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक अब सुबह नौ से शाम पांच बजे तक रहेंगे। वहीं, बच्चे सुबह नौ से अपराह्नन साढ़े तीन बजे तक रहेंगे। साढ़े तीन से 4.15 बजे तक मिशन दक्ष के अंतर्गत विशेष कक्षाएं चलेंगी। शाम 4.15 से पांच बजे तक वर्ग एक और दो को छोड़कर शेष कक्षा के बच्चों के होमवर्क (गृह कार्य) चेक करेंगे। मिशन दक्ष के बच्चों की प्रोफाइल तैयार करेंगे, विशेष कक्षा लेंगे और साप्ताहिक मूल्यांकन के आधार पर छात्र-छात्राओं का प्रोफाइल तैयार करेंगे।  

शिक्षा विभाग ने पहली से 12 वीं तक के सभी सरकारी स्कूलों के लिए मॉडल समय-सारिणी तैयार की है। यह एक दिसंबर से लागू होगी। इसकी अधिसूचना मंगलवार को विभाग ने जारी कर दी है। इसमें कहा गया है कि सोमवार से शनिवार को समान रूप से स्कूल खुलेंगे और बंद होंगे। मालूम हो कि वर्तमान में प्रारंभिक स्कूलों की अवधि बच्चों के लिए सुबह नौ से तीन और शिक्षकों के लिए नौ से चार बजे तक के लिए है। इस तरह नयी समय सारणी में शिक्षक एक घंटे अधिक स्कूल में रहेंगे। माध्यमिक स्कूलों की वर्तमान में अवधि साढ़े नौ से चार बजे तक के लिए है। 

समय            क्या होंगे
नौ बजे          स्कूल खुलने का समय
9 से 9.30              प्रार्थना, व्यायाम, योगा
9.30 से 10.10      पहली घंटी
10.10 से 10.50    दूसरी घंटी
10.50 से 11.30   तीसरी घंटी
11.30 से 12.10   चौथी घंटी
12.10 से 12.50   एमडीएम/मध्यांतर
12.50 से 01.30  पांचवीं घंटी
1.30 से 2.10     छठी घंटी
2.10 से 2.50    सातवीं घंटी
2.50 से 3.30   आठवीं घंटी
3.30 बजे     छात्र-छात्राओं के लिए छुट्टी
3.30 से 4.15   मिशन दक्ष के अंतर्गत विशेष शिक्षा
4.15 से पांच   मिशन दक्ष के बच्चों की प्रोफाइल तैयार करेंगे, विशेष कक्षा लेंगे और साप्ताहिक मूल्यांकन के आधार पर छात्र-छात्राओं की प्रोफाइल तैयार करेंगे।

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