ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News करियरकेजरीवाल ने बताया IIT JEE में क्या थी उनकी रैंक, बच्चों को 2 बातें जिंदगी भर ध्यान रखने और एक कसम लेने को कहा

केजरीवाल ने बताया IIT JEE में क्या थी उनकी रैंक, बच्चों को 2 बातें जिंदगी भर ध्यान रखने और एक कसम लेने को कहा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को जेईई व नीट पास बच्चों के सम्मान समारोह में बताया कि उन्होंने वर्ष 1985 में इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम IIT JEE दिया था और उनकी 563वीं रैंक आई थी।

केजरीवाल ने बताया IIT JEE में क्या थी उनकी रैंक, बच्चों को 2 बातें जिंदगी भर ध्यान रखने और एक कसम लेने को कहा
Pankaj Vijayलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 16 Sep 2022 07:31 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को जेईई व नीट पास बच्चों के सम्मान समारोह में बताया कि उन्होंने वर्ष 1985 में इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम IIT JEE दिया था और उनकी 563वीं रैंक आई थी। उन्होंने बच्चों से कहा, 'दो बातें हमेशा ध्यान रखना - पहला यह की इंजीनियर डॉक्टर बनकर अपने घर परिवार, माता-पिता व शिक्षकों को मत भूलना। दूसरा कि अपने देश में रहकर ही सेवा करना। विदेश में जाकर सिर्फ सीखना लेकिन अपने मुल्क वापस आकर यहीं की सेवा करना।
 
केजरीवाल सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार के स्कूलों के उन छात्रों को सम्मानित किया जिन्होंने नीट और जेईई मेन परीक्षा में पहली 1000 रैंक में जगह बनाई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बच्चों से कहा, 'मैंने मैकेनिकल इंजीनियर की है। 1989 में पासआउट हुआ। अच्छी रैंक आई थी। जिन लोगों की मुझसे कम रैंक आई थी, वह विदेश चले गए। आपमें से बहुतों को विदेश जाने का मौका मिलेगा। विदेश जाना बुरी बात नहीं है। लेकिन इस देश में पढ़कर विदेशों की सेवा मत करना। विदेश जाकर सीखकर आ जाना। लेकिन अपने देश में रहना है, यहीं मरना है। विदेश में मत बसना। ऐसा मत करना कि ज्ञान यहां से लोग, तरक्की अमेरिका की कर रहे हैं।' आपको बता दें कि केजरीवाल ने आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। इसके बाद वह यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईआरएस ऑफिसर बने थे। उन्हें इनकम टैक्स में असिस्टेंट कमिश्नर का पद मिला था। 

उन्होंने कहा, 'मेरा सपना था। इस देश ने बहुत देश दिया है। आज जो भी कुछ है इस देश की वजह से हूं। जो शिक्षा मुझे मेरे देश ने मुझे दी है, वैसे ही शिक्षा इस देश के हर बच्चे को मुहैया कराऊं। 

लॉकडाउन में घर खर्च चलाना हो गया था मुश्किल, दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों ने पास की NEET और JEE परीक्षा

इंजीनियर व डॉक्टर बनने जा रहे बच्चों से दो बातें कहीं 
- अपने शिक्षकों व माता-पिता को मत भूलना।
- विदेश में न बसकर देश में ही रहकर यहीं सेवा करना। विदेश में सिर्फ सीखने के लिए जाना।

नीट व जेईई मेन पास करके भविष्य में डॉक्टर इंजीनियर बनने जा रहे बच्चों से केजरीवाल ने कहा, 'डॉक्टर बनने जा रहे बच्चे कसम खाएं कि कम से कम आधे मरीज गरीबों के फ्री में देखोगे। और इंजीनियर भी संकल्प लें कि वह 5-10 गरीब बच्चों को पढ़ाकर शिक्षित बनाएंगे।'

उन्होंने कहा कि इस बार दिल्ली सरकार के स्कूलों के 648 बच्चों ने नीट पास की है। इनमें 199 लड़के और 449 लड़कियां हैं। 493 जेईई मेन पास किया। यहां लड़के 404 लड़के और 89 लड़कियां हैं। दिल्ली सरकार के स्कूलों के 1141 बच्चों नीट जेईई मेन क्वालिफाई किया है। हर बच्चे, चाहे वह गरीब हो या अमीर, को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराना मेरा मकसद है। 

हमारे 60 हजार शिक्षकों ने शिक्षा में क्रांति ला दी है। ये वहीं शिक्षक हैं जिनके बारे में कहा जाता था कि सरकारी स्कूल के टीचर तो धूप में बैठकर स्वेटर बुनते हैं। 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा चैरिटी नहीं है, यह छात्रों का अधिकार है। अगर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिल जाएगी तो वह अपने परिवार को अमीर कर देगा। परिवार को फ्री में कोई चीज लेने की जरूरत नहीं होगी। देश के 10 लाख सरकारी स्कूलों में 18 करोड़ विद्यार्थी पढ़ते हैं लेकिन अधिकांश स्कूल कबाड़खाना है। जो छात्र मेहनत करके आगे आये हैं, शिक्षा विभाग उनकी कहानियों को सोशल मीडिया पर डाली जाए ताकि वह सैकड़ों बच्चों को प्रेरित कर सकें।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें