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9 मई, 2021|1:55|IST

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AMU ने एचआरडी को पत्र भेजकर जताई NIRF रैंकिंग पर आपत्ति

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एनआईआरएफ की ओर से जारी की गई रैंकिंग पर एएमयू ने सवाल उठाए हैं। इसमें शीघ्र सुधार कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को एचआरडी को पत्र लिखा है। कहा है कि आंकड़ों में गड़बड़ी होने से एएमयू की रैंकिंग प्रभावित हुई है। रैंकिंग में एएमयू को 31वां स्थान मिला है।

 

नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क (एनआईआरएफ) ने गुरुवार को उच्च शिक्षण संस्थाओं की 2020 की राष्ट्रीय रैंकिंग जारी की है। इसमें एएमयू को 31वीं रैंक मिली है। रैंकिंग का अध्ययन कर एएमयू प्रशासन ने कुछ त्रुटियां चिह्नित की हैं। जांच में पता चला है कि रैंकिंग अध्यन में एएमयू में पीएचडी छात्रों की संख्या गलत दर्ज की गई है, जिसके कारण विश्वविद्यालय की रैंकिंग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इसमें सुधार के लिए शुक्रवार को एएमयू वीसी प्रो. तारिक मंसूर की ओर से मंत्रालय को पत्र लिखा गया है। इसमें कहा है कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में 2911 पूर्णकालिक शोधार्थी हैं, जबकि एनआईआरएफ के अध्ययन में यह संख्या केवल 33 दिखाई गई है।

 

रैंकिंग कमेटी के चेयरमैन प्रो. सालिम बेग ने बताया कि एएमयू ने एनआईआरएफ द्वारा निर्धारित पांच मापदंडों में से चार में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन वेबसाइट पर एएमयू के प्वाइंट कम हो गये हैं। क्योंकि एनआईआरएफ ने एएमयू में गत शिक्षा-सत्र में पीएचडी पूर्ण करने वाले शोधार्थियों की संख्या गलत दर्ज की है, जिसके कारण एएमयू का कुल स्कोर कम रह गया और रैंकिंग प्रभावित हुई।

 

डाटा में ये गड़बड़ी आ रही सामने :
विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट पर गत तीन शिक्षा सत्रों में शोधार्थियों की जो संख्या प्रकाशित की है। वह 2016-17 में 387, 2017-18 में 312 तथा 2018-19 में 363 है, जबकि एनआईआरएफ द्वारा प्रकाशित डाटा के अनुसार यह संख्या 2016-17 में 8, 2017-18 में 10 तथा 2018-19 में 8 है। प्रोफेसर बेग ने कहा कि इस त्रुटि को शीघ्र सही किया जाना चाहिए। इस संबंध में मानव संसाधान विकास मंत्रालय/एनआईआरएफ से आग्रह किया है।

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  • Web Title:AMU expresses objection to NIRF ranking by sending letter to HRD