After seven years the revised result of B Ed - सात साल बाद मिलेगा बीएड का संशोधित परिणाम DA Image
21 नवंबर, 2019|9:39|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सात साल बाद मिलेगा बीएड का संशोधित परिणाम

 68500 shikshak bharti

2012 में प्रवेश। रिकॉर्ड में 2013 में पढ़ाई पूरी। परिणाम जारी हुआ और फर्जीवाड़ा खुल गया। फर्जीवाड़ा खुलने के साथ ही हजारों छात्रों की किस्मत पर ताला लग गया। पिछले सात साल से हजारों छात्र डिग्री, मार्क्सशीट, वेरिफिकेशन के लिए परेशान हैं, लेकिन विवि कुछ भी नहीं देता। सात साल बाद विवि फर्जीवाड़े की जांच के बाद संशोधित परिणाम जारी करेगा। परिणाम जारी होने के बाद छात्रों के सत्यापन हो सकेंगे और उन्हें डिग्री भी मिल सकेंगी। 

बीएड 2013 के रिजल्ट में भी जमकर फर्जीवाड़ा हुआ। मामले के लिए जांच कमेटियों का गठन किया गया। विवि के शिक्षकों से उत्तर पुस्तिकाओं और रिजल्ट की जांच की गई। जांच के बाद एक-एक कर फर्जीवाड़ा खुलने लगा। सामने आया कि उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों को परिणाम में बदला गया था। स्थिति यहां तक पकड़ में आयी कि छात्र की कॉपी में नंबर कुछ और हैं, जबकि फाइल में उसे कुछ और दिए गए और रिजल्ट में उससे भी ज्यादा नंबर दे दिए गए। इतना ही नहीं अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को भी प्रथम श्रेणी के अंक देने के मामले सामने आए थे। जांच के बाद विवि ने परिणाम दोबारा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की। पढ़ाई के लगभग सात साल बाद विवि परिणाम को दोबारा तैयार कर पाया है। अब बीएड के 2013 के संशोधित परिणाम जारी करने की तैयारी चल रही है। 

अंकों में किया गया खेल, 2 को किया 20
बीएड 2013 की परीक्षा के बाद परिणाम तैयार करने में बड़े स्तर पर खेल हुआ था। उत्तर पुस्तिका और रिजल्ट की जांच में सामने आया कि अंकों में बड़े स्तर पर हेरफेर किया गया था। उत्तर पुस्तिका में अंक कुछ अलग थे। वहीं परिणाम में अंकों को कई गुना तक बढ़ा दिया गया। 

कमेटी ने तैयार किया संशोधित रिजल्ट 
विवि के विभिन्न आवासीय संस्थानों के शिक्षकों की कमेटी ने उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों के आधार पर परिणाम को फिर से तैयार किया। परिणाम को तैयार करने के दौरान विवि के शिक्षकों ने ऐसी उत्तर पुस्तिकाओं को छोड़ दिया, जिनमें किसी ना किसी तरह की टैंपरिंग या फिर कोई अन्य समस्या थी। 

बीएड 2013 में 15 सौ का फंसेगा परिणाम 
बीएड 2013 में 15 सौ से अधिक छात्रों को संशोधित परिणाम नहीं मिलेगा। साथ ही उनके पूर्व में जारी हुए परिणाम को भी विवि रोक देगा। क्योंकि विवि को जांच में तीन हजार से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं ऐसी मिलीं, जिनमें या तो अंकों में हेरफेर किया गया था। या दूसरी गड़बड़ थी। इन उत्तर पुस्तिकाओं से 1500 से अधिक छात्रों का परिणाम जुड़ा हुआ है। 

बीएड 2012 में आठ साल बाद मिल पायी राहत  
विवि में फर्जीवाड़ा सिर्फ बीएड 2013 में नहीं हुआ। बल्कि 2012 में भी बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ था। फर्जीवाड़े की जांच और छात्रों के महीनों तक चले धरने के बाद विवि ने इसी साल उस परिणाम को सही करने पर काम शुरू किया। इसके बाद छात्रों को प्रोविजनल डिग्री जारी की गई। अब विवि ने 2012 के सत्यापन करना शुरू कर दिया है। वहीं डिग्री भी अब जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है। 
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:After seven years the revised result of B Ed