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मध्यप्रदेश में कॉलेज में कार्यरत शिक्षकों-अधिकारियों को सातवें वेतनमान का मिलेगा लाभ

 Black money fight: Government to deregister 1.20 lakh more companies

मध्यप्रदेश की मंत्रिपरिषद ने शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और अधिकारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में  मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

इसके अनुसार कॉलेज के शिक्षकों एवं समकक्ष सवंगोर्ं में पदस्थ सभी अधिकारियों तथा विश्वविद्यालयों (निजी विश्वविद्यालयों को छोड़कर) के कुल सचिवों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के संशोधनों के अनुरूप सातवें वेतनमान का लाभ 1 जनवरी 2016 से दिया जाएगा। 

इन श्रेणी के अधिकारियों को 1 जनवरी 2016 से 31 अगस्त 2018 तक के एरियर्स की राशि का भुगतान एक किश्त में वर्ष 2018-19 में ही कर उनके सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के अधिमान्यता प्राप्त श्रमजीवी पत्रकारों की मृत्यु होने पर उनके आश्रित पत्नि और नाबालिग बच्चों को आर्थिक सहायता देने की अधिकतम सीमा राशि एक लाख को बढ़ाकर चार लाख रुपये करने का फैसला लिया है।

इसी प्रकार प्रदेश के श्रमजीवी पत्रकारों/कैमरामैनों के वाहन/कैमरा आदि क्षतिग्रस्त होने पर पत्रकार कल्याण कोष से सहायता राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने का निर्णय भी लिया गया।

 

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  • Web Title:Advantage of seventh pay commission to teachers and officials working in college in Madhya Pradesh