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करियरकोरोना संकट काल में 200 पीजी छात्रों के जीवन रक्षक बने कार्यवाहक कुलपति

एजेंसी,इटावाPublished By: Saumya Tiwari
Wed, 12 May 2021 06:18 AM
कोरोना संकट काल में 200 पीजी छात्रों के जीवन रक्षक बने कार्यवाहक कुलपति

उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित सैफई मेडिकल यूनीवर्सिटी मे एक सनसनीखेज मामला समाने आया है। जहां करीब 2०० पीजी छात्र 2० दिनो से कोरोना संक्रमितों के साथ जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे लेकिन कार्यवाहक कुलपति ने त्वरित संक्रमितों को हास्टल खाली करा कर छात्रों को राहत दी ।

विवेकानंद छात्रावास में रह रहे छात्रों के साथ हो रहे खिलवाड़ पर कार्यवाहक कुलपति डा. रमाकान्त यादव ने मरहम लगाने का काम किया जब उनके संज्ञान मे यह मामला आया तो उन्होंने आनन फानन में विवेकानंद हास्टल के गेस्ट रूम में रह रहे डा. पूजा रोहतगी और उनके परिवार को तुरंत हास्टल के गेस्ट रूम से बाहर का रास्ता दिखा दिया ओर छात्रो के जीवन के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने से बचा लिया और संक्रमण फैलने से भी रोक दिया । कार्यवाहक कुलपति की तुरंत 1० मिनट के अंदर की गई कार्यवाही से छात्रों में खुशी का माहौल है।

हास्टल के चीफ वार्डन डा. नरेश पाल सिंह ने यूनीवर्सिटी की पीजी जेआर डा.पूजा रोहतगी, उनके पति और भाई को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद हास्टल के बी ब्लाक के फर्स्ट फ्लोर पर बने गेस्ट रूम में गेस्ट के रूप में बताकर शिफ्ट करवाकर 2०० पीजी छात्रो की जिंदगी को खतरे में डाल दिया था। इसको बिडंबना कहे या जानबूझकर इंसान को मारने का प्लान,हर जगह पिछले कई दिनों से गुहार लगाने के बाद भी छात्रों को न्याय तो नही मिला लेकिन चीफ वार्डन डा. नरेश पाल सिंह की छात्रो को धमकियां जरूर सुनने को मिली।

पीजीजेआर-2 कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की डा.पूजा रोहतगी ने चीफ वार्डन स्वामी विवेकानंद हास्टल डा. नरेश पाल सिंह को लिखे प्रार्थना पत्र में लिखा कि उनके दो गेस्ट कुछ दिनो के लिए सैफई आ रहे है इसलिये मुझे बायज हॉस्टल के गेस्ट रूम को एलॉट किया जाये सबसे खास बात यह रही कि प्रार्थना पत्र पर कोई भी दिनांक अंकित नही है और हर बार प्रार्थना पत्र देकर रूम एलाट होता रहा।

हास्टल में रह रहे छात्रो को पता चला कि गेस्ट रूम में रह रहे लोग कोरोना पॉजिटिव है तो उन्होंने 1० मई को दो अलग अलग प्रार्थना पत्र देकर मामले की जानकारी दी। कुलपति,कुलसचिव, चिकित्सा अधीक्षक,एसडीएम,जिलाधिकारी इटावा और एसएसपी को लिखे पत्र में छात्रों ने अपने के जीवन पर संकट है क्योंकि 

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