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8 मई, 2021|7:11|IST

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जेएनयू स्कूल ऑफ सोशल साइंस में दो सालों में 98 छात्रों ने छोड़ी पढ़ाई

jnu students

सस्ती शिक्षा, सस्ता आवास और वैचारिक स्वतंत्रता के लिए देश में भर में अपनी पहचान बनाने वाले जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से पिछले दो वर्षों में सबसे चर्चित विभाग स्कूल ऑफ सोशल साइंस से 98 विद्यार्थियों ने कैंपस छोड़ा है। यह जानकारी जेएनयू की ही एक छात्रा ने साझा की है। स्कूल ऑफ सोशल साइंस की काउंसलर अनघा प्रदीप का कहना है कि उन्होंने यह जानकारी जेएनयू से ही सूचना के अधिकार के तहत पाई है।

अनघा का कहना है कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार 45 एमए के छात्रों ने तथा 53 एमफिल छात्रों ने पिछले डेढ़ साल में कैंपस छोड़ा है। मार्च 2020 से जब कोरोना महामारी शुरू हुई तबसे मार्च 2021 तक 25 एमफिल छात्र और 22 एमए छात्रों ने अपनी पढ़ाई छोड़ी है। इस दौरान बढ़ी संख्या में वंचित वर्ग के छात्रों ने अपनी पढ़ाई छोड़ी है। उनका आरोप है कि जेएनयू प्रशासन ने उनको रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। यही नहीं प्रशासन ने शिक्षा के ऑनलाइन मोड के कारण परेशानी का सामना करने वाले छात्रों तक पहुंचने और उनकी मदद करने की कोशिश नहीं की है।

हालांकि जेएनयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसा बहुत कम देखा गया है कि जेएनयू के छात्र संसाधन के अभाव में पढ़ाई छोड़ दें। हो सकता है कि पढ़ाई छोड़ने के पीछे उनका कोई व्यक्तिगत कारण हो। उन्होंने बताया कि  जेएनयू में रहना, खाना सस्ता है किताबें भी उपलब्ध हैं। अधिकांश छात्रों को कोई न कोई छात्रवृत्ति मिल जाती है।

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  • Web Title:98 students dropped out of JNU School of Social Science in two years