
SSC ने बदले नियम, अब इस कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य होगा नया सर्टिफिकेट
SSC Updates: स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएसएसी) ने दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए विकलांगता प्रमाणपत्र और स्क्राइब नियमों में बड़े बदलाव किए। अब नया फॉर्मेट, आयु सीमा और आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिए गए हैं।
SSC Updates: सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। आयोग ने न सिर्फ विकलांगता प्रमाणपत्र (Disability Certificate) के नए फॉर्मेट को अपनाया है बल्कि स्क्राइब से जुड़े नियमों को भी संशोधित किया है। इन निर्देशों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को और पारदर्शी तथा अधिक सुलभ बनाना है।
SCC Updates: नए फॉर्मेट लागू
SSC ने अब दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) द्वारा जारी नए फॉर्मेट को लागू कर दिया है। इसके तहत फॉर्म 5 अब एकल विकलांगता वाले उम्मीदवारों के लिए उपयोग किया जाएगा, जबकि फॉर्म 6 बहुविकलांगता वाले अभ्यर्थियों के लिए मान्य होगा। ये दोनों फॉर्म पहले उपयोग हो रहे फॉर्म 5, फॉर्म 6 और फॉर्म 7 की जगह लेंगे। हालांकि, आयोग ने लचीलेपन का परिचय देते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि 16 अक्टूबर 2024 के बाद जारी भर्ती अधिसूचनाओं से संबंधित परीक्षाओं के लिए उम्मीदवार चाहे तो नया फॉर्मेट या पहले का पुराना फॉर्मेट, दोनों में से किसी का भी उपयोग कर सकते हैं। यह व्यवस्था संक्रमण अवधि को सरल बनाने के उद्देश्य से प्रदान की गई है।
SCC Updates: इन बातों का रखना होगा ध्यान
दिव्यांग उम्मीदवारों की सुविधा के लिए SSC ने ‘Own Scribe’ यानी अपने स्वयं के स्क्राइब लाने की सुविधा को भी फिर से बहाल कर दिया है। यह सुविधा 31 दिसंबर तक जारी सभी परीक्षाओं पर लागू होगी और DEPwD से प्राप्त नवीन दिशानिर्देशों के आधार पर इसे पुनः शुरू किया गया है। हालांकि इस बार स्क्राइब को लेकर सख्त आयु मानक भी तय किए गए हैं। मैट्रिक और 12वीं स्तर की परीक्षाओं में स्क्राइब की आयु 20 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि ग्रेजुएट स्तर की परीक्षाओं के लिए यह सीमा 22 वर्ष रखी गई है। इन आयु सीमाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्क्राइब का शैक्षणिक स्तर परीक्षा के अनुरूप हो और किसी भी प्रकार की अनुचित सहायता की संभावना समाप्त हो सके।
SCC Updates: एसएससी ने बनाए सख्त नियम
आयोग ने स्क्राइब की पहचान सत्यापन को और सख्त बनाते हुए आधार आधारित प्रमाणीकरण को अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि परीक्षा स्थल पर स्क्राइब को आधार वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। यदि स्क्राइब ऐसा करने में असफल रहता है तो उम्मीदवार के पास विकल्प होगा कि वह SSC द्वारा उपलब्ध कराए गए स्क्राइब का उपयोग करे या फिर परीक्षा बिना स्क्राइब के दे। यह बदलाव विशेष रूप से निष्पक्षता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है।
SCC Updates: उम्मीदवारों को एसएससी की सलाह
SSC ने सभी दिव्यांग उम्मीदवारों से आग्रह किया है कि वे नई गाइडलाइन्स को ध्यान से पढ़ें और समय से पहले अपने दस्तावेज़ों की पुष्टि कर लें। प्रमाणपत्र फॉर्मेट, स्क्राइब की आयु सीमा और आधार वेरिफिकेशन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझ लेना आवश्यक है, ताकि परीक्षा के समय किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। आयोग का मानना है कि ये संशोधित नियम आगे होने वाली परीक्षाओं को और अधिक निष्पक्ष और सुगम बनाएंगे, जिससे दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए अवसरों को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।





