SSC : नकल गिरोह के खुलासे के बाद बिहार के सेंटर पर आगे के दिल्ली पुलिस कांस्टेबल एग्जाम टले
SSC Delhi Police Constable Exam : नकल गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद बिहार के भागलपुर स्थित एक परीक्षा केंद्र की आगे की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। 26 दिसंबर के बाद के एग्जाम टाल दिए गए हैं।

एसएससी दिल्ली पुलिस कांस्टेबल एग्जीक्यूटिव भर्ती परीक्षा में पैसे लेकर नौकरी दिलाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है। भागलपुर पुलिस ने हबीबपुर स्थित ऑनलाइन सेंटर अंग इंस्टीट्यूट ( AANG INSTITUTE, BHAGALPUR, Bihar ) के संचालक सहित सात को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी शुभांक मिश्रा ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता का आयोजन कर मामले की जानकारी दी। इस मामले के सामने आने के बाद कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने अंग इंस्टीट्यूट की 27 दिसंबर व इसके बाद की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। प्रभावित परीक्षार्थियों को उनकी नई परीक्षा तिथियां, समय व स्थान की जानकारी एसएमएस से जल्द ही दे दी जाएगी।
जिन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है उनमें उत्तर प्रदेश अलीगढ़ टप्पल थाना क्षेत्र के जलालपुर के रहने वाले करण सिंह के अलावा नालंदा जिले थाना बैन कृपागंज का गौतम कुमार, नालंदा के ही टाउन थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर का रहने वाला सुमित कुमार, मुंगेर जिले के शामपुर भदौरा का रहने वाला बंटी कुमार, शामपुर का ही रहने वाला नीतीश कुमार, मुंगेर असरगंज के अदरास मकया का रहने वाला अंकित कुमार और भागलपुर के ललमटिया थाना क्षेत्र के नीलकोठी का रहने वाला शिवम कुमार उर्फ भूषण शामिल हैं। 25 दिसंबर को पुलिस ने कार्रवाई कर गिरोह के सदस्यों को पकड़ा।
आरोपियों के पास से पुलिस ने काफी कुछ बरामद भी किया है। बरामदगी में निशु रानी के नाम से प्रमाण और अंक पत्र की नौ कॉपी और निशु कुमारी का हस्ताक्षरयुक्त एसबीआई बैंक का ब्लैंक चेक शामिल है। दिलखुश कुमार के नाम से प्रमाण और अंक पत्र की चार कॉपी। निशांत राज के नाम से प्रमाण पत्र, अंक पत्र और प्रवेश पत्र की 10 कॉपी। बबलू कुमार का ललित नारायण मिथिला विवि से निर्गत अंक पत्र की चार कॉपी। सुमित कुमार का प्रवेश पत्र, प्रमाण पत्र की 12 कॉपी। एक्सिस बैंक के चेक जिसपर 10 लाख रुपये लिखा हुआ है और नेहा कुमारी का हस्ताक्षर उसपर है। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों के 24 एटीएम, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, तीन आधार कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, एक चेकबुक, पासबुक, प्रवेश पत्र, प्रश्नपत्र का सेट, मॉनिटर, सीपीयू, माउस, डायरी, एंड्रॉयड फोन और की-पैड बरामद किया गया है।
अलीगढ़ के करण के फर्जी अपहरण की सूचना के बाद गिरोह का खुलासा: पैसे लेकर ऑनलाइन परीक्षा पास कराने वाले गिरोह तक पहुंचने में अलीगढ़ के करण सिंह के फर्जी अपहरण की सूचना ने पुलिस की मदद की। भागलपुर पुलिस को अलीगढ़ के रहने वाले करण सिंह के परिजन ने सूचना दी कि दिल्ली कांस्टेबल की वह ऑनलाइन परीक्षा देने भागलपुर गया और वहां पर उसका अपहरण कर लिया गया है। छात्र को छोड़ने के एवज में परिजनों से दो लाख रुपये की मांग की जा रही है। एसएसपी हृदय कांत के निर्देश पर एसपी सिटी शुभांक मिश्रा की निगरानी में पुलिस की टीम बनाई गई। डीआईयू की टीम भी मौके पर पहुंची। हबीबपुर के दाउदवाट स्थित ऑनलाइन सेंटर अंग इंस्टीट्यूट पुलिस पहुंची तो कुछ युवक भागने लगे। उन्हें पकड़कर पूछताछ की गई तो पता चला कि करण सिंह भी गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ वहां मौजूद था। जांच में यह भी पता चला कि करण ने भी परीक्षा पास कराने को लेकर उन लोगों से सेटिंग की थी और अपने परिजनों से गिरोह में शामिल अंकित के खाते में 10 लाख रुपये मंगवा चुका था। अब उसने और पैसे के लिए अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी।
दूर से कंप्यूटर को कंट्रोल कर प्रश्नों का हल करते थे
सॉल्वर गैंग के सदस्यों से पूछताछ करने पर पुलिस को पता चला कि वे ऑनलाइन परीक्षा में पास कराने के लिए सेटिंग करने वाले अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को कंट्रोल में लेते हैं। परीक्षा केंद्र से दूर बैठकर वे प्रश्नों का हल तैयार कर वहीं से अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराते हैं। उत्तर के लिए चैट जीपीटी व गूगल का सहारा लिया जाता था। कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट वाले विभिन्न सेंटर संचालकों से उनकी मिलीभगत थी। दाउदवाट में ऑनलाइन केंद्र अंग इंस्टीट्यूट चलाने वाले सुमित ने बताया कि इंस्ट्टीयूट के पास ही वह किराए के मकान में रहता है। उसके अन्य साथी भी उसके साथ रहते हैं। पुलिस ने वहां छापेमारी कर काफी संख्या में साक्ष्य जब्त किये। उसने बताया कि परीक्षा पास कराने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से वे 10 से 15 लाख रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे थे। यह भी पता चला है कि जो भी अभ्यर्थी तय पैसा नहीं देता था उसके अपहरण की सूचना उसके परिजनों को दी जाती थी और उन्हें डरा धमकाकर पैसे मंगवाए जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों ने अपने गिरोह से संबंधित और भी जानकारी दी है।
पटना, पूर्णिया और भागलपुर के सेंटर पर सक्रिय
पुलिस की जांच में पता चला है कि सॉल्वर गैंग के सदस्य भागलपुर के अलावा पटना और पूर्णिया के ऑनलाइन टेस्ट सेंटर संचालकों से संपर्क में थे और उन सेंटर पर अभ्यर्थी के परीक्षा पास कराने के नाम पर पैसे वसूल रहे थे। पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि इस अंतरराज्यीय सॉल्वर गिरोह का कनेक्शन बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा और पंजाब से भी है। पुलिस उन राज्यों के अपराधियों की भी तलाश कर रही है। पुलिस की टीम का नेतृत्व डीएसपी सिटी-2 राकेश कुमार, डीआईयू प्रभारी इंस्पेक्टर रंजीत कुमार, हबीबपुर थानेदार इंस्पेक्टर पंकज राउत, नाथनगर थानेदार इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह, डीआईयू के ही एसआई चंदन, हबीबपुर थाना के एसआई सुमन कुमार और डीआईयू के सिपाही सुजीत कुमार शामिल थे।


