SSC CGL : 12256 पदों पर सीजीएल भर्ती में बिहार से बंपर आवेदन, परीक्षा पैटर्न बदला, कल से करेक्शन
SSC CGL भर्ती के 12,256 पदों पर भर्ती के लिए देशभर से 30 लाख 66 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसमें अकेले बिहार से सात लाख से अधिक अभ्यर्थियों के आवेदन करने की जानकारी है।

इस बार कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (सीजीएल)-2026 के लिए अभ्यर्थियों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। इसका सबसे बड़ा कारण है कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में 12,256 पदों पर नियुक्ति के लिए देशभर से 30 लाख 66 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसमें अकेले बिहार से सात लाख से अधिक अभ्यर्थियों के आवेदन करने की जानकारी है। एक पद के लिए 250 अभ्यर्थियों के बीच मुकाबला है। सीजीएल 2025 के लिए देशभर से 28.15 लाख जबकि 2024 की भर्ती के लिए 36.73 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। एसएससी सीजीएल के माध्यम से केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और संवैधानिक संस्थानों में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर, आयकर निरीक्षक, जीएसटी निरीक्षक, सहायक प्रवर्तन अधिकारी समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
1 जुलाई से 7 जुलाई तक करें करेक्शन
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 21 मई से 22 जून तक चली। जिन अभ्यर्थियों के आवेदन फॉर्म में किसी तरह की गलती रह गई है, वे कल 1 जुलाई से 7 जुलाई तक इसमें सुधार कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि संशोधन से पहले आवेदन की जानकारियों की अच्छी तरह जांच कर लें। अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में आवेदन को देखते हुए परीक्षा केंद्रों व व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष तैयारी की जाएगी। एसएससी की ओर से सीजीएल टियर-वन परीक्षा अगस्त-सितंबर व टियर-टू दिसंबर में संभावित है। टियर-वन परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। 12,256 रिक्तियों के मुकाबले 30.66 लाख से अधिक आवेदन आए हैं।
एसएससी सीजीएल भर्ती में सेक्शनल टाइमिंग लागू
पहली बार सेक्शनल टाइमिंग लागू किया है। अब अभ्यर्थियों को एक घंटे की परीक्षा में प्रत्येक 15 मिनट में 25 सवालों के जवाब देने होंगे। पहले चरण में एक घंटे की कंप्यूटर आधारित परीक्षा में चार सेक्शन सामान्य बुद्धि और तर्कशक्ति (जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग), सामान्य जागरूकता (जनरल अवेयरनेस), मात्रात्मक रुझान (क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड) और अंग्रेजी बोध (इंग्लिश कंप्रिहेंसन) से कुल 100 सवाल पूछे जाते हैं। इनमें चारों सेक्शन के 25 सवाल होते हैं और प्रत्येक के लिए दो अंक निर्धारित होते हैं।
पहले खंडवार समयसीमा नहीं होने से अभ्यर्थी किसी खंड के प्रश्न हल करने में अधिक समय दे सकते थे और किसी में कम समय। अब इस बदलाव से चारों खंड में पूछे गए 25-25 सवालों का जवाब 15-15 मिनट में ही देना होगा। कंप्यूटर आधारित परीक्षा होने के कारण स्क्रीन पर अपनेआप 15 मिनट बाद दूसरे खंड के प्रश्न दिखाई पड़ने लगेंगे। इससे हर खंड में अभ्यर्थी की पकड़ का मूल्यांकन भी हो सकेगा।
दूसरे चरण में भी तय की समय सीमा
दूसरे चरण की परीक्षा में भी विषयवार समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। पहले खंड ए में गणितीय क्षमता (मैथमेटिकल एबिलिटीज), तार्किक क्षमता एवं सामान्य बुद्धिमत्ता (रीजनिंग एंड जनरल इंटेलिजेंस) के लिए कुल एक घंटे का समय मिलता था अब दोनों विषयों के लिए 30-30 मिनट निर्धारित कर दिए गए हैं। दोनों विषयों के 30-30 प्रश्नों को हल करने के लिए 30 मिनट का समय मिलेगा। खंड ब में अंग्रेजी भाषा एवं बोधगम्यता (इंग्लिश लैंग्वेज एंड कंप्रिहेंसन) के 45 प्रश्नों के लिए 40 मिनट और सामान्य जागरूकता/सामान्य ज्ञान (जनरल अवेयरनेस) के 25 सवालों के लिए 20 मिनट निर्धारित किए गए हैं। पहले समय की ऐसी कोई बाध्यता नहीं थी।
एसएससी सीजीएल सेक्शनल टाइमिंग के नियम इस प्रकार हैं:
प्री परीक्षा के लिए: मैथ्स , इंग्लिश , रीजनिंग, और जीके के 25-25 प्रश्न हल करने के लिए उम्मीदवारों को प्रत्येक सेक्शन के लिए केवल 15-15 मिनट का समय मिलेगा। कुल पेपर एक घंटे का होगा। प्रत्येग गलत उत्तर के लिए आधा अंक कटेगा।
मेंस परीक्षा के लिए:
पेपर - 1 में सेक्शन 1- मैथ्स और रीजनिंग में प्रत्येक विषय के 30-30 प्रश्न हल करने के लिए 30-30 मिनट का समय दिया जाएगा।
सेक्शन 2 में इंग्लिश : 45 प्रश्न हल करने के लिए 40 मिनट का समय मिलेगा।
जनरल अवेयरनेस के 25 प्रश्न हल करने के लिए 20 मिनट का समय निर्धारित किया गया है।
सेक्शन 3 में कंप्यूटर नॉलेज के प्रश्न आएंगे जिसके 20 प्रश्नों के लिए 15 मिनट मिलेंगे।
परीक्षा तिथियां
टियर-I (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) का संभावित कार्यक्रम: अगस्त-सितंबर, 2026
टियर-II (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) का संभावित कार्यक्रम: दिसंबर, 2026
चरण और चयन प्रक्रिया
1. टियर-1 परीक्षा (शॉर्टलिस्टिंग): सबसे पहले उम्मीदवारों को टियर-1 (कंप्यूटर आधारित) परीक्षा देनी होगी। टियर-1 में प्राप्त अंकों के आधार पर उम्मीदवारों को श्रेणीवार टियर-2 परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।
2. टियर-2 परीक्षा: टियर-1 में सफल होने वाले सभी उम्मीदवारों को टियर-2 परीक्षा के सभी अनिवार्य सेक्शन में बैठना होगा।
पदों की प्राथमिकता
अंतिम परिणाम (First Round of Tentative Allocation - FRTA) की घोषणा से पहले, आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से उम्मीदवारों से विभिन्न पदों और विभागों के लिए उनकी प्राथमिकता दर्ज करवाई जाएगी। उम्मीदवार द्वारा दी गई प्राथमिकता को अंतिम माना जाएगा और इसे बाद में बदला नहीं जा सकेगा।
फाइनल मेरिट कैसे बनेगी
अंतिम मेरिट सूची : अंतिम चयन और मेरिट सूची केवल टियर-2 परीक्षा में उम्मीदवारों के प्रदर्शन और उनके द्वारा दी गई पदों की प्राथमिकता के आधार पर तैयार की जाएगी।
अलग-अलग पदों के लिए मेरिट का निर्धारण इस प्रकार होगा:
सामान्य पदों के लिए: टियर-2 के पेपर-I (सेक्शन-I और सेक्शन-II) में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट बनेगी। हालांकि, इसके लिए उम्मीदवारों को कंप्यूटर नॉलेज टेस्ट (सेक्शन-III) और डेटा एंट्री स्पीड टेस्ट (सेक्शन-IV) को अनिवार्य रूप से क्वालीफाई करना होगा।
जूनियर स्टैटिस्टिकल ऑफिसर (JSO) और स्टैटिस्टिकल इन्वेस्टिगेटर: टियर-2 के पेपर-I (सेक्शन-I व II) और पेपर-II (सांख्यिकी) में प्राप्त कुल अंकों के आधार पर मेरिट बनेगी।
असिस्टेंट ऑडिट/अकाउंट्स ऑफिसर (AAO): टियर-2 के पेपर-I (सेक्शन-I व II) और पेपर-III (सामान्य अध्ययन - वित्त और अर्थशास्त्र) में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट बनेगी।
दस्तावेज सत्यापन : अंतिम रूप से चयनित होने के बाद, उम्मीदवारों का दस्तावेज़ सत्यापन (DV) उस विभाग या मंत्रालय द्वारा किया जाएगा जहां उन्हें आवंटित किया गया है


