
SSC CGL Tier 1 2025: आंसर-की पर ऑब्जेक्शन दर्ज कराने की बढ़ी समय सीमा, जानें अंतिम तारीख
स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) ने सीजीएल टियर 1 परीक्षा 2025 के लिए आंसर-की पर आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। पहले यह अंतिम तिथि 19 अक्तूबर 2025 रात 9 बजे निर्धारित थी।
स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (ssc) ने सीजीएल टियर 1 परीक्षा 2025 के लिए आंसर-की पर आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। यह जानकारी एसएससी ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर नोटिस जारी की है। अब उम्मीदवार 21 अक्टूबर 2025 सुबह 11 बजे तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। जबकि पहले यह अंतिम तिथि 19 अक्तूबर 2025 रात 9 बजे निर्धारित थी।
एसएससी ने अपने नोटिस में कहा है कि यह निर्णय लिया गया है कि इस सुविधा की अंतिम तिथि को 19.10.2025 (09:00 PM) से बढ़ाकर 21.10.2025 (11:00 AM) तक किया जाए। दिनांक 16.10.2025 के नोटिस में उल्लिखित अन्य सभी शर्तें यथावत रहेंगी।"

बताते चलें कि आंसर की के साथ ही आपत्ति विंडो भी ओपन हुई है। अभ्यर्थी आंसर की को चेक कर सकते हैं और यदि कोई आपत्ति हो, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
प्रोविजनल आंसर की से संबंधित अभ्यावेदनों को चेक किया जाएगा और इस संबंध में आयोग का निर्णय अंतिम होगा। फाइनल आंसर-की का उपयोग कंप्यूटर-आधारित परीक्षा रिजल्ट को तैयार करने के लिए किया जाएगा और परिणाम घोषित होने के बाद उन्हें आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।
ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।
इसके बाद "Login" लिंक पर क्लिक करें और अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स दर्ज करें।
अपनी उत्तर कुंजी देखें और डाउनलोड करें।
जिस प्रश्न/उत्तर पर आपत्ति करनी है, उसे चुनें।
हर प्रश्न के शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। संबंधित प्रमाणपत्र या दस्तावेज अपलोड करें। "Submit" पर क्लिक करके आपत्ति जमा करें और पुष्टि पेज डाउनलोड करें। भविष्य के लिए उसकी हार्ड कॉपी सुरक्षित रखें।

लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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परिचय और अनुभव
धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान




