इंतजार खत्म, 30 सितंबर से एसएससी सीजीएल टियर 1 परीक्षा; जानें 4 बड़े बदलाव
कर्मचारी चयन आयोग ने एसएससी सीजीएल 2026 टियर-1 परीक्षा की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 30 सितंबर से 30 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस एग्जाम का पूरा शेड्यूल देखें।

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की तैयारी में जुटे लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार अब आखिरकार खत्म हो गया है। आयोग ने संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा यानी एसएससी सीजीएल 2026 के पहले चरण (टियर-1) की परीक्षा का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। अगर आप भी सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं और महीनों से पढ़ाई में पसीना बहा रहे हैं, तो अब अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने का वक्त आ चुका है। आयोग द्वारा जारी 12 सितंबर 2026 के ताजा नोटिफिकेशन के मुताबिक, टियर-1 की परीक्षाएं 30 सितंबर से शुरू होकर 30 अक्तूबर 2026 तक देश भर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी।
यह परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन टेस्ट (सीबीटी) के रूप में होगी। लगभग एक महीने तक चलने वाले इस लंबे परीक्षा दौर में देश भर से लाखों उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे। हालांकि, इस बार परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए केवल तारीखों की जानकारी होना ही काफी नहीं है। आयोग ने इस साल परीक्षा के पैटर्न, समय प्रबंधन और सत्यापन प्रक्रिया में कई ऐसे बड़े फेरबदल किए हैं, जिन्हें जाने बिना परीक्षा में बैठना भारी पड़ सकता है।
कब जारी होगा टियर-1 का एडमिट कार्ड?
ताजा जारी नोटिस में आयोग ने फिलहाल केवल परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा की है। एडमिट कार्ड यानी प्रवेश पत्र कब जारी किए जाएंगे, इसकी स्पष्ट तारीख अभी नहीं बताई गई है। हालांकि एसएससी के पुराने ट्रेंड को देखें, तो परीक्षा शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले अभ्यर्थियों को उनके एग्जाम सिटी और शिफ्ट की जानकारी दे दी जाती है, जबकि फाइनल एडमिट कार्ड परीक्षा की तारीख से 3-4 दिन पहले डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में एसएससी की आधिकारिक और क्षेत्रीय वेबसाइट्स पर एडमिट कार्ड का लिंक एक्टिव हो जाएगा।
सीजीएल 2026 में क्या हुए हैं 4 सबसे बड़े बदलाव?
इस साल की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, आयोग ने परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए कुछ नए नियम जोड़े हैं -
1. टियर-1 में लागू हुई सेक्शनल टाइमिंग: अब तक टियर-1 परीक्षा में अभ्यर्थियों को 100 प्रश्नों को हल करने के लिए कुल 60 मिनट की एकमुश्त छूट मिलती थी। उम्मीदवार अपनी मर्जी से किसी भी सेक्शन पर जितना चाहें वक्त दे सकते थे। लेकिन इस बार आयोग ने बड़ा बदलाव करते हुए 15-15 मिनट का सेक्शनल टाइमर तय कर दिया है। यानी रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, गणित और अंग्रेजी के लिए अलग से 15-15 मिनट का वक्त तय रहेगा। 15 मिनट खत्म होते ही वह सेक्शन खुद बंद हो जाएगा।
2. AAO पदों के लिए टियर-2 में नया पेपर: असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर (एएओ) और असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर के पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए टियर-2 में पेपर-III जोड़ दिया गया है। इन पदों के लिए अंतिम मेरिट टियर-2 के पेपर-1 और पेपर-III दोनों के अंकों को मिलाकर बनाई जाएगी।
3. सख्त सत्यापन और सुरक्षा के नियम: परीक्षा में किसी भी तरह के फर्जीवाड़े या गलत पहचान को रोकने के लिए आयोग ने दिव्यांग उम्मीदवारों के साथ आने वाले सहायकों के लिए आधार आधारित ओटीआर (OTR) और ओटीपी सत्यापन अनिवार्य कर दिया है।
4. आयु सीमा की पात्रता तिथि: अभ्यर्थियों की उम्र की गणना के लिए आयोग ने इस बार कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2026 निर्धारित की है। यानी 1 अगस्त 2026 को उम्मीदवार की उम्र तय मानकों के अनुकूल होनी चाहिए।
चयन प्रक्रिया का स्वरूप
कर्मचारी चयन आयोग की यह परीक्षा भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में ग्रुप 'बी' और 'सी' के प्रतिष्ठित पदों जैसे इंस्पेक्टर, एएसओ, टैक्स असिस्टेंट और ऑडिटर आदि पर भर्ती के लिए होती है। चयन प्रक्रिया दो मुख्य चरणों में बंटी है -
टियर-I (स्क्रीनिंग परीक्षा): यह चरण केवल क्वालिफाइंग प्रकृति का होता है। इसमें रीजनिंग, सामान्य ज्ञान, गणित और अंग्रेजी से 25-25 सवाल यानी कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं जो 200 अंकों के होते हैं। इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते।
टियर-II (मुख्य परीक्षा): अंतिम चयन सूची और ऑल इंडिया रैंक पूरी तरह टियर-II के प्राप्तांकों पर आधारित होती है। इसमें पेपर-I सभी पदों के लिए अनिवार्य है, जबकि JSO पद के लिए सांख्यिकी का पेपर-II और AAO पदों के लिए फाइनेंस का पेपर-III होता है।


