खुशखबरी! SSC CGL 2026 का बिगुल बजा, इस बार 12 हजार से ज्यादा पद; देखें डिटेल
SSC CGL 2026 notification out : भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हो गया है। 12,256 पदों पर भर्ती होगी। जानिए आवेदन की आखिरी तारीख, योग्यता, सैलरी, चयन प्रक्रिया और परीक्षा तिथियां।

SSC CGL 2026 notification out , SSC CLG 2026 : सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कर्मचारी चयन आयोग यानी (Staff Selection Commission - SSC) ने बहुप्रतीक्षित SSC CGL 2026 भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिस जारी होते ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में ग्रेजुएट अभ्यर्थी इस परीक्षा का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि SSC CGL केंद्र सरकार के कई बड़े विभागों में नौकरी पाने का सबसे लोकप्रिय रास्ता माना जाता है। इस बार भर्ती की सबसे बड़ी खास बात यह है कि आयोग ने कुल 12256 रिक्तियों की घोषणा की है। यानी युवाओं के पास सरकारी नौकरी पाने का शानदार मौका है। इच्छुक उम्मीदवार 22 जून 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
SSC CGL 2026 का क्या रखा गया शेड्यूल
एसएससी ने आवेदन से लेकर परीक्षा तक का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार न करें। कई बार सर्वर पर लोड बढ़ने से परेशानी होती है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन की अंतिम तिथि 22 जून 2026 तय की गई है। वहीं फीस जमा करने की आखिरी तारीख 23 जून रात 11 बजे तक रहेगी। अगर आवेदन फॉर्म में कोई गलती हो जाती है तो उम्मीदवारों को सुधार का मौका भी मिलेगा। करेक्शन विंडो 29 जून से 1 जुलाई 2026 तक खुली रहेगी।
कब होगी SSC CGL परीक्षा?
एसएससी के अनुसार टियर 1 कंप्यूटर आधारित परीक्षा अगस्त से सितंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। इसके बाद टियर 2 परीक्षा दिसंबर 2026 में कराई जाएगी। परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन मोड में होगी। जो उम्मीदवार पहली बार SSC CGL देने जा रहे हैं, उनके लिए यह समझना जरूरी है कि टियर 1 सिर्फ क्वालिफाइंग नेचर का होगा। यानी उसके अंक फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ेंगे। असली मुकाबला टियर 2 परीक्षा में होगा, जिसके नंबरों के आधार पर अंतिम चयन तैयार किया जाएगा।
कौन भर सकता है SSC CGL का फॉर्म?
इस भर्ती में अलग अलग पदों के लिए अलग शैक्षणिक योग्यता तय की गई है। सामान्य तौर पर किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। हालांकि कुछ विशेष पदों के लिए अतिरिक्त योग्यता जरूरी है। जूनियर सांख्यिकीय अधिकारी यानी JSO पद के लिए 12वीं में गणित में कम से कम 60 प्रतिशत अंक या ग्रेजुएशन में सांख्यिकी विषय होना अनिवार्य है। सांख्यिकीय अन्वेषक ग्रेड 2 पद के लिए उम्मीदवार के पास ग्रेजुएशन में अर्थशास्त्र, गणित या सांख्यिकी विषय होना चाहिए। वहीं रिसर्च असिस्टेंट पद के लिए एक वर्ष का शोध अनुभव भी मांगा गया है।
SSC CGL में कितनी मिलती है सैलरी?
SSC CGL को युवाओं के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय बनाने की एक बड़ी वजह इसकी शानदार सैलरी और सरकारी सुविधाएं भी हैं। इस भर्ती के तहत चयनित उम्मीदवारों को लेवल 4 से लेकर लेवल 7 तक का वेतन मिलेगा। शुरुआती सैलरी करीब 25,500 रुपये से शुरू होकर 1.42 लाख रुपये तक जा सकती है। इसके अलावा महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता और मेडिकल जैसी कई सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं।
SSC CGL में इंटरव्यू होता है या नहीं?
कई उम्मीदवारों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या SSC CGL में इंटरव्यू देना पड़ता है। अच्छी बात यह है कि इस भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह का इंटरव्यू नहीं होता। उम्मीदवारों का चयन केवल कंप्यूटर आधारित परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। यानी जिन छात्रों को इंटरव्यू का डर रहता है, उनके लिए यह परीक्षा काफी अच्छा विकल्प मानी जाती है। इसी वजह से हर साल लाखों युवा इस भर्ती में हिस्सा लेते हैं।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


