पाकिस्तान की 10वीं बोर्ड परीक्षा में सिख छात्र बना 2nd टॉपर, भारत के SGPC ने किया इनाम का ऐलान
SGPC ने लाहौर बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एंड सेकेंडरी एजुकेशन की वार्षिक मैट्रिक परीक्षा में दूसरी रैंक लाने वाले पाकिस्तान के सिख छात्र ओंकार सिंह को 51000 रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने लाहौर बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एंड सेकेंडरी एजुकेशन की वार्षिक मैट्रिक परीक्षा में दूसरी रैंक लाने वाले पाकिस्तान के सिख छात्र ओंकार सिंह को 51000 रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है। एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि एग्जीक्यूटिव कमेटी ने हाल ही में हुई एक मीटिंग में स्टूडेंट की पढ़ाई में कामयाबी को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मन्नन ने बताया कि ओंकार सिंह ने कक्षा 9वीं की परीक्षा में भी दूसरा स्थान हासिल किया था और लगातार बेहतरीन शैक्षणिक प्रदर्शन किया है। 9वीं में ओंकार के इस्लामियत में 100 में से 98 नंबर थे। यह सब्जेक्ट इस्लाम को एक धर्म, दुनिया को देखने का नजरिया और सभ्यता के तौर पर समझने पर फोकस करता है। साथ ही फिजिक्स में 60, केमिस्ट्री में 60 और बायोलॉजी में 59 नंबर हासिल किए। ओंकार ने हर सब्जेक्ट में A+ ग्रेड हासिल किए थे। इस्लामियत, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के अलावा, ओंकार सिंह ने इंग्लिश में 75, उर्दू में 74 और पवित्र कुरान के ट्रांसलेशन में 50 में से 49 नंबर हासिल किए थे।
इस बारे में जानकारी देते हुए SGPC के मुख्य सचिव एस. कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि यह फैसला SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार कार्यकारी समिति की हालिया बैठक में लिया गया था। मन्नन ने कहा कि पाकिस्तान के अल्पसंख्यक सिख समुदाय से आने वाले ओंकार की यह उपलब्धि खासतौर पर अहम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छात्र भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहेगा।
ओंकार के पिता मिम्पाल सिंह पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हैं और चिकित्सा तथा शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान दे चुके हैं। मिम्पल सिंह ने भी मेडिकल और एकेडमिक फील्ड में काफी नाम कमाया है। मन्नान के मुताबिक वह पाकिस्तान के पहले सिख डॉक्टर हैं और उनकी सेवाओं के लिए पाकिस्तान सरकार ने उन्हें तमगा-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया है।
एस. कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि पाकिस्तान में सिख समुदाय के अल्पसंख्यक होने के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में ओंकार सिंह की यह शानदार उपलब्धि पूरे सिख समुदाय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ओंकार सिंह अपनी कड़ी मेहनत और काबिलियत से सिख समुदाय का नाम रोशन करेंगे।
एसजीपीसी गुरुद्वारों की सुरक्षा, वित्तीय, सुविधा रखरखाव और धार्मिक पहलुओं का प्रबंधन करती है और साथ ही सिख गुरुओं के हथियार, कपड़े, किताबें और लेखन सहित पुरातात्विक रूप से दुर्लभ और पवित्र कलाकृतियों को भी रखती है।


