रेलवे में बिना परीक्षा 1191 नौकरियां, 10वीं-ITI पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका
SECR Act Apprentice Recruitment 2026 के तहत 1191 पदों पर भर्ती निकली है। 10वीं और ITI पास उम्मीदवार 11 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। South East Central Railway ने Act Apprentice Recruitment 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए कुल 1191 पदों पर अप्रेंटिस की नियुक्ति की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 12 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 11 जून 2026 रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती बिलासपुर डिवीजन में अलग-अलग ट्रेड्स के लिए निकाली गई है। खास बात यह है कि इसमें किसी लिखित परीक्षा का झंझट नहीं रखा गया है। उम्मीदवारों का चयन सीधे 10वीं और ITI के अंकों के आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट से होगा।
किन उम्मीदवारों को मिलेगा आवेदन का मौका
इस भर्ती में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने 10वीं पास की हो और संबंधित ट्रेड में ITI किया हो। रेलवे ने साफ कहा है कि आवेदन करते समय केवल 10वीं और ITI की जानकारी ही भरनी होगी। अगर किसी उम्मीदवार ने पोर्टल पर कोई दूसरी या उच्च योग्यता भर दी तो आवेदन सीधे रिजेक्ट हो सकता है।
SC, ST और OBC वर्ग के उम्मीदवारों को हाल का जाति प्रमाणपत्र अपलोड करना जरूरी होगा। वहीं PWD उम्मीदवारों को 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाणपत्र देना होगा।
उम्र सीमा क्या रखी गई है
रेलवे के मुताबिक उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 15 साल और अधिकतम उम्र 24 साल होनी चाहिए। उम्र की गणना 11 जून 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्गों को नियमों के अनुसार छूट भी मिलेगी। SC और ST उम्मीदवारों को 5 साल, OBC को 3 साल और PWD व Ex-Servicemen को 10 साल की छूट दी जाएगी।
किन ट्रेड्स में सबसे ज्यादा सीटें
इस भर्ती में सबसे ज्यादा सीटें COPA, Fitter और Electrician ट्रेड में निकली हैं।
- सीओपीए: 350 पद
- फिटर: 223 पद
- इलेक्ट्रीशियन: 206 पद
- वायरमैन: 125 पद
- पेंटर: 41 पद
- आरएसी मैकेनिक: 40 पद
- कारपेंटर: 38 पद
इसके अलावा स्टेनो, वेल्डर, प्लंबर, डीजल मैकेनिक, टर्नर और अन्य कई ट्रेड्स में भी भर्ती निकली है।
चयन प्रक्रिया में परीक्षा नहीं होगी
इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन 10वीं और ITI में मिले अंकों के औसत के आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। दोनों को बराबर वेटेज दिया जाएगा। हालांकि 10वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी बताया गया है। मेरिट में आने वाले उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
कितनी मिलेगी स्टाइपेंड
चयनित अप्रेंटिस को ट्रेनिंग के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक स्टाइपेंड दिया जाएगा। अप्रेंटिसशिप की अवधि 1 साल तय की गई है। रेलवे ने यह भी साफ किया है कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद नौकरी देना अनिवार्य नहीं होगा।
आवेदन कैसे करना है
उम्मीदवारों को केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन apprenticeshipindia.gov.in के जरिए स्वीकार किए जाएंगे। कोई भी फिजिकल फॉर्म रेलवे कार्यालय भेजने की जरूरत नहीं है। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपना पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर, 10वीं की मार्कशीट और ITI सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा। रेलवे ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उम्मीदवार के नाम या पिता के नाम में 10वीं, ITI, आधार और PAN कार्ड में अंतर पाया गया तो डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय आवेदन रद्द किया जा सकता है।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह
रेलवे ने उम्मीदवारों को आखिरी तारीख का इंतजार न करने की सलाह दी है। पोर्टल पर भारी ट्रैफिक की वजह से अंतिम दिनों में दिक्कत आ सकती है। साथ ही किसी भी गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज मिलने पर चयन किसी भी चरण में रद्द किया जा सकता है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
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