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Scholarships : कॉलेज की पढ़ाई के लिए कहां से जुटाएं पैसा, ये स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन करेंगे मदद

Scholarships : कॉलेज की पढ़ाई के लिए कहां से जुटाएं पैसा, ये स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन करेंगे मदद

संक्षेप:

12वीं के बाद कॉलेज व यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के लिए भारी धन जुटाना मुश्किल होता है। यहां जानें वो स्कॉलरशिप्स जहां से आप पैसों का इंतजाम कर सकते हैं। एजुकेशन लोन भी इस राह में मददगार साबित होते हैं।

Nov 20, 2025 06:32 am ISTPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, रुपाली चतुर्वेदी, नई दिल्ली
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भारत में 25 फीसदी से ज्यादा छात्र आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा का सपना पूरा नहीं कर पाते हैं। फीस की बड़ी राशि और सीमित संसाधन उनकी पढ़ाई के रास्ते में सबसे बड़ी दीवार बन जाते हैं। यह सिर्फ व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि देश के लिए युवा प्रतिभा को विकसित करने की चुनौती भी है। इस चुनौती को कैसे पार किया जाए? शिक्षा मंत्रालय की एआईएसएचई 2021–22 रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 4.33 करोड़ छात्र उच्च शिक्षा का विकल्प अपनाया है। हालांकि, यह केवल योग्य आबादी का 27 फीसदी हिस्सा है। यानी उच्च शिक्षा की इच्छुक और योग्य युवा आबादी का बड़ा हिस्सा कॉलेज या यूनिवर्सिटी तक पहुंच ही नहीं पाता। सीईएसएस के अध्ययन के अनुसार, लगभग 36 फीसदी युवा स्कूल पूरा हाेने के बाद उच्च शिक्षा नहीं ले पाते हैं। समस्या केवल अवसरों की कमी से नहीं जुड़ी है, बल्कि बढ़ते शैक्षणिक खर्चों की भी है, जो लाखों युवाओं को आगे पढ़ने से रोक देते हैं।

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उच्च शिक्षा का ऊंचा खर्च

साधारण स्नातक या स्नातकोत्तर कोर्स का सालाना खर्च 50,000 से 2 लाख रुपये तक होता है, जबकि प्रोफेशनल कोर्स, जैसे एमबीए, एमटेक, मेडिकल या लॉ में सालाना 5 से 10 लाख रुपये लग जाते हैं। कुछ नामी संस्थानों में पूरा कोर्स 15 से 30 लाख रुपये तक पहुंच जाता है।

ड्रॉप-आउट का बड़ा कारण

2019 से 23 के दौरान आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और केंद्रीय विश्वविद्यालयों से 32,186 छात्र ड्रॉप आउट हुए, जिनमें 52 फीसदी पिछड़े वर्ग के थे और 30 फीसदी ने वित्तीय कठिनाई को मुख्य कारण बताया। आईएनएसओ रिपोर्ट के अनुसार स्कूल शिक्षा में भी ड्रॉप-आउट का प्रमुख कारण आर्थिक परेशानी है, वहीं टियर 2 और 3 के कॉलेजों में हुए शोध बताते हैं कि 40 फीसदी से अधिक छात्र समय पर शुल्क नहीं चुका पाते हैं।

कुछ अन्य चुनौतियां भी

ग्रामीण क्षेत्रों, पिछड़े वर्ग और लड़कियों के लिए स्कूल-कॉलेज से दूरी, संसाधनों की कमी और जानकारी का अभाव भी चुनौती है। इन बाधाओं को पार करने के लिए स्कॉलरशिप, शिक्षा ऋण और डिजिटल प्लेटफॉर्म का समझदारी से उपयोग कर अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। सरकारी पहल, जैसे राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान और पीएम स्कॉलरशिप स्कीम इस मार्ग को आसान बनाते हैं।

मदद के रास्ते

केंद्र और राज्य सरकारें, साथ ही कई निजी संस्थान, मेधावी छात्रों को ट्यूशन फीस, किताबें, हॉस्टल और अन्य खर्चों में मदद करती हैं। जैसे :

- राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी): यह एक ऐसा मंच है, जहां छात्र कई सरकारी छात्रवृत्तियों के लिए एक साथ आवेदन कर सकते हैं और सभी जरूरी जानकारी पा सकते हैं। वेबसाइट है:

scholarships.gov.in

- इंस्पायर स्कॉलरशिप : मेधावी छात्रों को विज्ञान में उच्च शिक्षा और शोध के लिए वित्तीय सहायता देती है। online-inspire.gov.in

- एआईसीटीई पीजी स्कॉलरशिप : एमटेक और एमई जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए ट्यूशन फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों में आर्थिक सहायता देती है। aicte.gov.in

-नेट जेआरएफ /सीएसआईआर फेलोशिप: उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए शोधार्थियों को मासिक स्टाइपेंड देते हैं।

- राज्य स्तरीय स्कॉलरशिप: जैसे उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति योजना (scholarship.up.gov.in), हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा छात्रवृत्ति योजना (techedu.hp.gov.in), हरियाणा राज्य मेरिटोरियस इंसेटिव स्कीम (harchhatravratti.highereduhry.ac.in) , बिहार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (pmsonline.bih.nic.in) और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना (medhasoft.bihar.gov.in)

ये भी पढ़ें:एसबीआई का बड़ा तोहफा, छात्रों को 20 लाख तक की स्कॉलरशिप; जानें किसे मिलेगा फायदा

शिक्षा ऋण भी अच्छा विकल्प

- विद्या लक्ष्मी पोर्टल: एक ही फॉर्म से कई बैंकों में लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। (pmvidyalaxmi.co.in) कम आय वाले परिवारों को ब्याज सब्सिडी भी मिलती है। केंद्र सरकार की क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम फॉर एजुकेशन लोन छात्रों को बिना गारंटी शिक्षा लोन दिलाने में मदद मिलती है।

- निजी बैंक और एनएफबीसी: एचडीएफसी क्रेडिला,इन क्रेड जैसी वित्तीय संस्थाएं देश-विदेश में पढ़ाई के लिए लोन देती हैं। तकनीकी कोर्स में अप्रूवल आसान होता है, जबकि मानविकी या रिसर्च कोर्स के लिए अक्सर को-एप्लिकेंट या सिक्योरिटी की जरूरत होती है।

-फेलोशिप और ईएमआई स्कीम: आईआईटी, आईआईएम और केंद्रीय विश्वविद्यालय शोधार्थियों को स्टाइपेंड देते हैं। कई संस्थान मेरिट-कम-मीन्स स्कॉलरशिप से फीस में छूट देते हैं, जबकि कुछ निजी कॉलेज बिना ब्याज वाली ईएमआई के जरिए फीस किस्तों में जमा करने की सुविधा देते हैं।

कुछ अन्य चर्चित छात्रवृत्तियां भी हैं , जैसे:

- रिलायंस फाउंडेशन स्कॉलरशिप scholarships.reliancefoundation.org

- आदित्य बिड़ला adityabirlascholars.net

- एसबीआई स्कॉलरशिप

sbiashascholar ship.co.in

- विद्यासारथी स्कॉलरशिप

(vidyasaarathi.co.in)

विशेषज्ञ की राय

डॉ. संजय कुमार, प्रिंसिपल डायरेक्टर, आर.वी. नॉर्थलैंड इंस्टीट्यूट, ग्रेटर नोएडा

उच्च शिक्षा अब करिअर और कौशल विकास का माध्यम बन चुकी है। सीमित संसाधनों के बावजूद छात्र सही योजना, स्कॉलरशिप, शिक्षा ऋण और डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। आज कई संस्थान लचीले फीस स्ट्रक्चर, पार्ट-टाइम और वर्क-इंटीग्रेटेड प्रोग्राम और स्किल ट्रेनिंग की सुविधा देते हैं, जिनका हर छात्र लाभ उठा सकता है। पढ़ाई के साथ छोटे प्रोजेक्ट, ऑनलाइन इंटर्नशिप और रिसर्च जोड़ने से अनुभव भी बढ़ता है और आर्थिक बोझ कम होता है। ध्यान रहे, करिअर चुनते समय केवल संस्थान नहीं, बल्कि सीखने का परिणाम और भविष्य में मिलने वाला लाभ भी देखें। कोर्स से पहले खर्च व बजट का आकलन जरूरी है।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay
पंकज विजय लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। यहां वह करियर, एजुकेशन, जॉब्स से जुड़ी खबरें देखते हैं। पंकज को पत्रकारिता में डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने एनडीटीवी डिजिटल, आजतक डिजिटल, अमर उजाला समाचार पत्र में काम किया। करियर-एजुकेशन-जॉब्स के अलावा वह विभिन्न संस्थानों में देश-विदेश, राजनीति, रिसर्च व धर्म से जुड़ी बीट पर भी काम कर चुके हैं। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा व डीयू से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। और पढ़ें
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