बिहार सरकार का आदेश, आरक्षित वर्ग के होनहार अभ्यर्थियों को जनरल कोटे में गिनना होगा
बिहार में मेधावी आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सामान्य सीटों में समायोजित करने के बजाय आरक्षित कोटे में गिनने की शिकायतों पर सरकार ने नियमों के कड़ाई से पालन का निर्देश दिया है।

बिहार सरकार ने क्षैतिज एवं उर्ध्व (लंबवत) आरक्षण के क्रम में आरक्षित श्रेणी के योग्य विद्यार्थियों के अधिकारों के हनन पर रोक लगा दी है। योग्यता सूची में ऊपर आने वाले आरक्षित श्रेणी के आवेदकों को नौकरी या शैक्षिक संस्थानों में नामांकन सामान्य श्रेणी के तहत ही होगा। सामान्य श्रेणी से कम योग्यता श्रेणी में आने पर उनका चयन आरक्षित श्रेणी के तहत हो सकेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सरकारी नौकरियों में नियुक्ति करने वाले कई चयन आयोगों और शैक्षिक संस्थानों की ओर से इसके उल्लंघन की शिकायत पर यह निर्णय जारी किया है।
आयोगों या संस्थानों की ओर से इस कानूनी प्रावधान का शत-प्रतिशत पालन नहीं किया जा रहा है और मेधावी आरक्षित आवेदकों को सामान्य सीटों में समायोजित करने के बजाय आरक्षित कोटे में ही गिन रहे हैं। इससे आरक्षित वर्ग के अन्य कम अंक वाले मेधावी छात्रों का हक मारा जा रहा था। सामान्य प्रशासन विभाग ने नियम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश जारी किया है। बिहार पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण अधिनियम-1991 और शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन अधिनियम-2003 के तहत स्पष्ट नियम है कि मेरिट में आने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार अनारक्षित कोटे में गिने जाएंगे। ईडब्लूएस आरक्षण अधिनियम में भी यही प्रावधान दोहराया गया था।
मौजूदा आरक्षण व्यवस्था
अनुसूचित जाति 16 प्रतिशत
अनुसूचित जनजाति 01 प्रतिशत
अत्यंत पिछड़ा वर्ग 18 प्रतिशत
पिछड़ा वर्ग 12 प्रतिशत
पिछड़े वर्गों की महिलाएं 03 प्रतिशत
ईडब्ल्यूएस 10 प्रतिशत
अनारक्षित 40
अभ्यर्थियों ने बीपीएससी कार्यालय का किया घेराव
बीपीएससी की ओर से आयोजित सहायक अभियंता परीक्षा के परिणाम की मांग को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थी सोमवार को सड़क पर उतर आये। अभ्यर्थियों ने बीपीएससी कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने परिणाम जल्द जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी आर्या ने कहा कि परीक्षा जुलाई 2025 में ही ली गई थी। लेकिन अब तक परिणाम की घोषणा नहीं हुए है। बीपीएससी कार्यालय में प्रतिनिधि मंडल ने परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात कर मांग रखी। हालांकि यहां वार्ता नाकाम रहने के बाद अभ्यर्थी नोडल विभाग पहुंच सचिव से मुलाकात की। अभ्यर्थी सत्यम ने बताया कि इस मामले को लेकर नोडल विभाग के सचिव ने एडवोकेट जनरल से बात करने का आश्वासन दिया है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि परिणाम न आने तक आंदोलन जारी रहेगा।


