साइकिल पर कपड़े बेचते हैं पिता, बेटी खुशी हुई बिहार 10वीं टॉपर्स में शुमार, हासिल की 8वीं रैंक
सासाराम की खुशी कुमारी ने 483 अंक लाकर बिहार मैट्रिक में 8वां स्थान हासिल किया। गरीबी और बीमारी के बावजूद मेहनत से पाई सफलता, जानिए पूरी कहानी।

बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट आ जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही सासाराम से निकली एक कहानी आज हर किसी के दिल को छू रही है। यह कहानी है खुशी कुमारी की है, जिसने बेहद साधारण हालात में रहकर भी अपने हौसले और मेहनत से बड़ा मुकाम हासिल किया। साइकिल पर घूम-घूमकर कपड़े बेचने वाले पिता की बेटी खुशी ने मैट्रिक परीक्षा में 483 अंक लाकर पूरे बिहार में आठवां स्थान हासिल किया है।
मां के सिलाई टेबल को बनाया पढ़ाई का सहारा
खुशी के घर में पढ़ाई के लिए कोई अलग कमरा या टेबल नहीं था। लेकिन उसने कभी इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। वह अपनी मां की सिलाई मशीन वाले टेबल पर बैठकर ही पढ़ाई करती थी। यही छोटा सा कोना उसका क्लासरूम बन गया और उसी पर बैठकर उसने गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों में 100 में 100 अंक लाकर सबको हैरान कर दिया।
पिता की मेहनत बनी प्रेरणा
खुशी के पिता चंद्रमा चंद्रवंशी गांव-गांव साइकिल पर कपड़े बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। रोज की मेहनत और संघर्ष को देखकर ही खुशी ने ठान लिया था कि उसे कुछ बड़ा करना है। उसने अपने पिता की मेहनत को ही अपनी ताकत बना लिया और पढ़ाई में पूरी लगन से जुट गई।
मारी भी नहीं रोक सकी हौसला
खुशी की मां विजयंती देवी बताती हैं कि परीक्षा से कुछ दिन पहले खुशी की तबीयत काफी खराब हो गई थी। वह बीमार पड़ गई थी, लेकिन उसने हार नहीं मानी। बीमारी के बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी और परीक्षा दी। आज उसका यही जज्बा उसे इस मुकाम तक लेकर आया है।
गांव और जिले में खुशी की लहर
जैसे ही रिजल्ट आया, पूरे सिकरिया गांव और रोहतास जिले में खुशी की चर्चा शुरू हो गई। लोग उसके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं और उसकी सफलता को अपने गांव की जीत मान रहे हैं। हर कोई यही कह रहा है कि अगर मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मुश्किल रास्ता नहीं रोक सकती।
सपना है जिलाधिकारी बनने का
खुशी सिर्फ यहीं रुकने वाली नहीं है। उसने साफ कहा कि उसका सपना प्रशासनिक सेवा में जाना है। वह आगे चलकर जिलाधिकारी बनना चाहती है, ताकि समाज के लिए कुछ अच्छा कर सके।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


