
Sardar Vallabhbhai Patel Quotes In Hindi : सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर शेयर करें उनके ये प्रेरणादायी विचार
Sardar Vallabhbhai Patel Quotes In Hindi : हर साल 31 अक्टूबर के दिन देश में सरदार पटेल की जयंती पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस दिन आप भी उनके विचारों को अपने दोस्तों व करीबियों के बीच शेयर कर सकते हैं।
Sardar Vallabhbhai Patel Quotes , Messages : हर साल भारत 31 अक्टूबर को देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और पहले गृहमंत्री सरदार पटेल की जयंती मनाता है। लौह पुरुष और राष्ट्रीय एकीकरण के शिल्पकार सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को देश राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाता है। भारत के राजनीतिक इतिहास में सरदार पटेल के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। देश की आजादी के संघर्ष में उन्होंने जितना योगदान दिया, उससे ज्यादा योगदान उन्होंने स्वतंत्र भारत को एक करने में दिया। हिन्दुस्तान के आजाद होने के बाद उन्होंने अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अलग थलग पड़ी 550 से ज्यादा रियासतों का भारत में विलय कराया और देश को टुकड़ों में बंटने से रोका।

सरदार पटेल की जीवनी, उनके महान व्यक्तित्व, उनके सशक्त विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए और आजादी, राष्ट्रनिर्माण व एकीकरण में उनके योगदान से जनता को रूबरू कराने के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। लौहपुरुष की जयंती पर जगह जगह रन फॉर यूनिटी का आयोजन हो रहा है। राष्ट्रीय एकता की शपथ ली जा रही है। सरदार पटेल की जयंती पर आप भी उनके विचारों को अपने दोस्तों व करीबियों के बीच शेयर कर सकते हैं।
Sardar Vallabhbhai Patel Quotes: सरदार पटेल के अनमोल विचार-
1. गरीबों की सेवा ही ईश्वर की सेवा है।
2. बहुत बोलने से कोई लाभ नहीं, बल्कि हानि ही होती है।
3. मुफ्त चीजें मिलती हैं तो उसकी कीमत आधी हो जाती है। मेहनत से पाई हुई चीज की कीमत ही ठीक तरीके से लगाई जाती है।
4. जो काम कल करना है, उसकी बातों में आज का काम बिगड़ जाएगा और आज के काम के बिना कल का काम नहीं होगा। आज का काम कीजिए, कल का काम अपने आप हो जाएगा।
5. कठिन समय में कायर व्यक्ति बहाना ढूंढते हैं, बहादुर व्यक्ति रास्ता खोजते हैं।
6. अधिकार मनुष्य को तब तक अंधा बनाये रखेंगे, जब तक मनुष्य उस अधिकार को प्राप्त करने हेतु मूल्य न चुका दे।

7. आपको अपना अपमान सहने की कला आनी चाहिए।
8. मेरी एक ही इच्छा है कि भारत एक अच्छा उत्पादक हो और इस देश में कोई अन्न के लिए आंसू बहाता हुआ भूखा ना रहे।
9. जब जनता एक हो जाती है, तब उसके सामने क्रूर से क्रूर शासन भी नहीं टिक सकता। अतः जात-पांत के ऊंच-नीच के भेदभाव को भुलाकर सब एक हो जाइए।
10. संस्कृति समझ-बूझकर शांति पर रची गयी है। मरना होगा तो वे अपने पापों से मरेंगे। जो काम प्रेम, शांति से होता है, वह वैर-भाव से नहीं होता।
11. इस मिट्टी में कुछ अनूठा है, जो कई बाधाओं के बावजूद हमेशा महान आत्माओं का निवास रहा है।
12. आज हमें ऊंच-नीच, अमीर-गरीब, जाति-पंथ के भेदभावों को समाप्त कर देना चाहिए।
13. शक्ति के अभाव में विश्वास व्यर्थ है। विश्वास और शक्ति, दोनों किसी महान काम को करने के लिए आवश्यक हैं।
14. मनुष्य को ठंडा रहना चाहिए, क्रोध नहीं करना चाहिए. लोहा भले ही गर्म हो जाए, हथौड़े को तो ठंडा ही रहना चाहिए अन्यथा वह स्वयं अपना हत्था जला डालेगा। कोई भी राज्य प्रजा पर कितना ही गर्म क्यों न हो जाये, अंत में तो उसे ठंडा होना ही पड़ेगा।
15. आपकी अच्छाई आपके मार्ग में बाधक है, इसलिए अपनी आंखों को क्रोध से लाल होने दीजिये, और अन्याय का सामना मजबूत हाथों से कीजिए।





