राजस्थान में 3951 सरकारी नौकरियां, अब तक आए 41 हजार आवेदन; 23 जून आखिरी तारीख
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने वरिष्ठ और बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के 3951 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन की अंतिम तिथि 23 जून 2026 है।

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे राजस्थान के युवाओं के लिए राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अब हजारों पदों पर आवेदन का रास्ता खुल गया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने माध्यमिक शिक्षा विभाग और संस्कृत शिक्षा विभाग में कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के जरिए कुल 3951 पद भरे जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया जारी है और उम्मीदवार 23 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
किन पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती अभियान में दो तरह के पद शामिल किए गए हैं। वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक के 322 पदों पर भर्ती होगी। इनमें 288 पद गैर-अनुसूचित क्षेत्र और 34 पद अनुसूचित क्षेत्र के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के 3629 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें 2936 पद गैर-अनुसूचित क्षेत्र और 693 पद अनुसूचित क्षेत्र के लिए आरक्षित हैं। कुल मिलाकर यह भर्ती राज्य में कंप्यूटर शिक्षा से जुड़े सबसे बड़े भर्ती अभियानों में से एक मानी जा रही है।
आवेदन की अंतिम तिथि न भूलें
बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने भी अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है। उनके अनुसार अब तक बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक (BCI) के लिए 35,600 और वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक (SCI) के लिए 5,798 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आवेदन की अंतिम तिथि 23 जून 2026 है। ऐसे में जो उम्मीदवार अभी तक फॉर्म नहीं भर पाए हैं, उन्हें अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय जल्द आवेदन कर लेना चाहिए।
कब होगी परीक्षा
भर्ती परीक्षा का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है। वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक पद की परीक्षा 22 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। वहीं बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक की परीक्षा 23 अगस्त 2026 को होगी। बोर्ड के अनुसार परीक्षा CBT, TBT या OMR आधारित किसी भी मोड में कराई जा सकती है। परीक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी।
आयु सीमा में विशेष राहत
इस भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर की जाएगी। चूंकि माध्यमिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से भर्ती नहीं हुई है, इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी। इसके अलावा आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार अलग से आयु छूट का लाभ मिलेगा।
शैक्षणिक योग्यता क्या चाहिए
- बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक पद के लिए उम्मीदवार के पास स्नातक डिग्री के साथ A लेवल, PGDCA, BCA, B.Sc (IT/CS) या संबंधित इंजीनियरिंग योग्यता होना जरूरी है।
- वहीं वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक पद के लिए MCA, M.Tech, M.Sc (IT/CS) या संबंधित विषय में उच्च डिग्री अनिवार्य रखी गई है।
- इसके अलावा सभी अभ्यर्थियों को देवनागरी लिपि में हिंदी का व्यावहारिक ज्ञान और राजस्थान की संस्कृति की समझ भी होनी चाहिए।
कितनी मिलेगी सैलरी
चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान का लाभ मिलेगा। बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक पद को पे मैट्रिक्स लेवल-8 में रखा गया है, जबकि वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक पद पे मैट्रिक्स लेवल-10 के अंतर्गत आता है। हालांकि नियुक्ति के बाद शुरुआती दो वर्षों के प्रोबेशन काल में राज्य सरकार के नियमों के अनुसार निश्चित मानदेय दिया जाएगा। इसके बाद नियमित वेतनमान लागू होगा।
आवेदन शुल्क कितना है
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। उम्मीदवारों को SSO पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अनिवार्य है। सामान्य वर्ग और क्रीमीलेयर ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 600 रुपये रखा गया है। वहीं नॉन-क्रीमीलेयर ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को 400 रुपये शुल्क देना होगा।
आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान
बोर्ड ने साफ किया है कि आवेदन पत्र में गलत या भ्रामक जानकारी देने वाले उम्मीदवारों का आवेदन किसी भी चरण में रद्द किया जा सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि आवेदन भरते समय सभी दस्तावेज और जानकारी अच्छी तरह जांच लें, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
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