RRB NTPC Answer Key 2026 जारी, कितने नंबर बन रहे हैं; Direct Link से ऐसे करें चेक
RRB NTPC CBT-1 Answer Key 2026 जारी हो गई है। उम्मीदवार अब अपने जवाब मिलाकर स्कोर का अंदाजा लगा सकते हैं कि उनके कितने नंबर बन रहे हैं।

RRB NTPC CBT-1 Answer Key 2026 Out: दहरेलवे की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। Railway Recruitment Board (RRB) ने NTPC Graduate Level CBT-1 परीक्षा 2026 की आंसर की (NTPC Graduate Level CBT-1 Answer Key) जारी कर दी है। मार्च में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह एक अहम मौका है, जहां वे अपने जवाबों का मिलान करके यह समझ सकते हैं कि उनका प्रदर्शन कैसा रहा और आगे चयन की संभावना कितनी मजबूत है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 5810 पदों पर नियुक्ति की जानी है। CBT-1 परीक्षा 16 से 27 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी और अब 6 अप्रैल 2026 को इसकी आंसर की उपलब्ध करा दी गई है। उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ की मदद से लॉगिन करके अपनी रिस्पॉन्स शीट (Response Sheet) और आंसर की दोनों देख सकते हैं। अगर किसी प्रश्न या उत्तर पर संदेह है, तो अभ्यर्थी निर्धारित समय के भीतर आपत्ति भी दर्ज कर सकते हैं।
कब से शुरू है यह भर्ती परीक्षा
इस पूरी प्रक्रिया में आवेदन की शुरुआत 21 अक्टूबर 2025 से हुई थी और 27 नवंबर 2025 तक फॉर्म भरे गए थे। एडमिट कार्ड 12 मार्च 2026 को जारी हुआ और परीक्षा सफलतापूर्वक मार्च के अंत तक पूरी कर ली गई। अब अगला बड़ा चरण रिजल्ट का है, जो जल्द ही जारी होने की उम्मीद है। ऐसे में यह आंसर की उम्मीदवारों को अपने संभावित स्कोर का अंदाजा लगाने में काफी मदद करेगी। इस भर्ती के अंतर्गत स्टेशन मास्टर, गुड्स ट्रेन मैनेजर, जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट, सीनियर क्लर्क और ट्रैफिक असिस्टेंट जैसे कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इन सभी पदों के लिए न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएशन रखी गई है, जबकि कुछ पदों के लिए टाइपिंग स्किल भी जरूरी है।
चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है, जिसमें सबसे पहले CBT-1, फिर CBT-2, उसके बाद स्किल या टाइपिंग टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और अंत में मेडिकल टेस्ट शामिल होता है। ऐसे में अभी जारी हुई आंसर की सिर्फ पहला पड़ाव है लेकिन यह आगे की तैयारी के लिए दिशा तय करने में काफी अहम भूमिका निभाती है। अब उम्मीदवारों को चाहिए कि वे जल्द से जल्द अपनी Answer Key चेक करें, सही तरीके से अपने नंबर का अनुमान लगाएं और अगर कोई गलती दिखे तो आपत्ति जरूर दर्ज करें। साथ ही, समय बर्बाद किए बिना CBT-2 की तैयारी शुरू कर देना ही समझदारी होगी, क्योंकि आगे की दौड़ अब और भी कड़ी होने वाली है।
CBT 1 की मार्किंग स्कीम क्या है
परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए CBT 1 की मार्किंग स्कीम को समझना बेहद जरूरी है। इस परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिन्हें हल करने के लिए 90 मिनट का समय दिया जाता है। हर सही उत्तर पर उम्मीदवार को 1 अंक मिलता है, जबकि गलत उत्तर देने पर 1/3 यानी लगभग 0.33 अंक काट लिए जाते हैं। वहीं, जिन प्रश्नों को उम्मीदवार छोड़ देता है, उन पर किसी प्रकार की कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, जिससे छात्र सोच-समझकर सवाल छोड़ भी सकते हैं।
आंसर की से ऐसे करें स्कोर कैलकुलेट
आंसर की जारी होने के बाद उम्मीदवार अपनी रिस्पॉन्स शीट डाउनलोड करके आसानी से अपना स्कोर कैलकुलेट कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले उन्हें अपने सही और गलत उत्तरों की संख्या निकालनी होती है, जिसमें सही उत्तर वे होते हैं जो आधिकारिक आंसर की से मेल खाते हैं और गलत उत्तर वे होते हैं जो मेल नहीं खाते। इसके बाद स्कोर निकालने के लिए एक सरल फॉर्मूला अपनाया जाता है, जिसमें कुल स्कोर बराबर होता है सही उत्तरों की संख्या में से गलत उत्तरों की संख्या का एक-तिहाई घटाने के।
उदाहरण से समझें पूरा गणित
उदाहरण के तौर पर अगर किसी उम्मीदवार ने 85 सवाल हल किए, जिनमें 70 सही और 15 गलत हैं, तो उसे पहले 70 अंक मिलेंगे, जबकि 15 गलत उत्तरों के कारण 5 अंक काट लिए जाएंगे। इस तरह उसका अंतिम रॉ स्कोर 65 बनता है। यह तरीका उम्मीदवारों को पहले से अपने संभावित स्कोर का अंदाजा लगाने में मदद करता है।
नॉर्मलाइजेशन और पर्सेंटाइल का महत्व
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि यह रॉ स्कोर ही अंतिम परिणाम नहीं होता। चूंकि परीक्षा कई शिफ्ट में आयोजित की जाती है, इसलिए अलग-अलग शिफ्ट के कठिनाई स्तर को संतुलित करने के लिए RRB नॉर्मलाइजेशन या पर्सेंटाइल स्कोर सिस्टम लागू करता है। पर्सेंटाइल स्कोर यह दर्शाता है कि किसी उम्मीदवार ने अपनी शिफ्ट में कितने उम्मीदवारों से बेहतर प्रदर्शन किया है। अंतिम मेरिट लिस्ट और CBT-2 के लिए शॉर्टलिस्टिंग इसी नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर तैयार की जाती है।
आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया
अगर किसी उम्मीदवार को आधिकारिक आंसर की में किसी प्रकार की गलती या अस्पष्टता नजर आती है, तो वह उस पर आपत्ति भी दर्ज कर सकता है। इसके लिए उसे अपने रीजनल RRB पोर्टल पर लॉगिन करना होगा, जहां “Objection Tracker” के जरिए संबंधित प्रश्न आईडी चुनकर सही प्रमाण अपलोड करना होता है। हर सवाल पर आपत्ति दर्ज करने के लिए 50 रुपये की फीस ऑनलाइन जमा करनी होती है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


